Punjab के गांवों का बुरा हाल, कई दिनों से बच्चे नहीं गए स्कूल-कॉलेज, बारिश के बाद और बिगड़े हालात
punjabkesari.in Monday, Aug 24, 2026 - 01:56 PM (IST)
गुरदासपुर (हरजिंदर सिंह गोराया, विनोद):भारत-पाकिस्तान बॉर्डर पर जिला गुरदासपुर के सीमा पर सटे गांव चौंतरा के लोग खुद को आजाद नहीं मानते। दरिया व नालों के गांव तथा रास्तों में फैले पानी के कारण कई दिनों से बच्चे स्कूल या कालेज नहीं जा पा रहे हैं और बिना पढ़ाई के गांव में ही रहने के लिए मजबूर हैं।
सीमा सुरक्षा बल के जवानों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। देश को आजाद हुए 80 साल हो गए हैं, हालांकि देश के लोगों को बेहतर जीवन जीने के लिए कई तरह की सुविधाएं दी जा रही हैं, लेकिन भारत-पाकिस्तान बॉर्डर पर बसे कुछ गांव ऐसे भी हैं, जहां के लोग आज भी खुद को आजाद नहीं मानते। लगातार बारिश के बाद तथा सीमा पर बहते खतरनाक नोमानी नाले की सफाई न होने और गैर-कानूनी कब्जों की वजह से नोमानी नाले का पानी नाले से बाहर तो आ जाता है, परंतु वापस नाले में नहीं जाता है। जिससे नौमनी नाले पर बने पुल के ऊपर से गुजरने का जो एकमात्र रास्ता है, जो बॉर्डर के गांव चौतरा को सलाच से जोड़ता है और आगे सीमा सुरक्षा बल की पोस्ट को जोड़ता है, वह रास्ता भी बंद हो जाता है।
बीते कई दिनों से हो रही लगातार बारिश के बाद नोमानी नाले से निकल रहे पानी की वजह से चौतरा गांव को जाने वाली सड़क पर पुल के ऊपर से पानी बह रहा है, जिसकी वजह से पानी का लेवल पुल से तीन से चार फीट ऊपर चल रहा है, जिसकी वजह से न तो बच्चे स्कूल जा पा रहे हैं और न ही अगर कोई बीमार है तो उसे तुरंत अस्पताल लाया जा सकता है। कई किलोमीटर का चक्कर लगाकर उसे अस्पताल ले जाना पड़ रहा है, जिसकी वजह से लोग काफी परेशान हो गए हैं। सीमावर्ती गांव चौतरा, सलाच चकरी और वजीरपुर के लोगों ने सरकार से मांग की है कि इस पुल को जल्द से जल्द ऊंचा बनवाया जाए।

