विवाद के बीच Pyramid E-Services का आया बयान! बताई पूरी सच्चाई
punjabkesari.in Wednesday, Sep 02, 2026 - 07:49 PM (IST)
जालंधर : जालंधर में 'पिरामिड ई-सर्विसेज' के ऑफिस के बाहर बीते दिन हंगामा हो गया। इस हंगामे के बाद अब कंपनी के HR डिपार्टमेंट के हेड संजीव मेहरा ने मीडिया के सामने आकर पूरे मामले में अपना पक्ष रखा है। 'पंजाब केसरी' से बात करते हुए उन्होंने प्रदर्शनकारियों के लगाए आरोपों को गलत बताया है और इस पूरे विवाद के पीछे की सच्चाई के बारे में कई बड़े खुलासे किए हैं।
गल्फ कंट्री में सुसाइड के आरोपों पर दी सफाई
वीडियो में गाड़ी के सामने लेटी प्रदर्शन कर रही एक महिला के बारे में बात करते हुए HR हेड ने साफ किया कि उस महिला के बच्चे का वीजा उनकी कंपनी ने जारी नहीं किया था। उन्होंने कहा कि उस महिला की बेटी द्वारा गल्फ कंट्री में किए गए सुसाइड का मामला उनकी एजेंसी से बिल्कुल भी जुड़ा नहीं है।
संजीव मेहरा ने कहा कि ऑफिस के बाहर करीब 150 से 200 लोगों की भीड़ जमा हो गई थी, जिन्होंने उन्हें जबरदस्ती बाहर खींचकर पीटना शुरू कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि गुस्साई भीड़ ने ऑफिस की महिला कर्मचारियों को भी धमकाया और महिला कर्मचारियों का कुछ सामान भी वहां से गायब हो गया है, जिसकी पुलिस जांच कर रही है।
ऑस्ट्रेलियाई स्टूडेंट का असली मामला क्या था?
बात करते हुए संजीव मेहरा ने कहा कि वहां मौजूद लोगों में से सिर्फ एक नवीन उनकी कंपनी का कस्टमर था, जिसका ऑस्ट्रेलिया से एक केस था। उन्होंने कहा कि पिरामिड ई-सर्विसेज कभी भी फंड दिखाने (फेक फंड्स शो) का गैर-कानूनी काम नहीं करती। नवीन ने खुद एक बाहरी फाइनेंसर के जरिए फंड दिखाया था, लेकिन जब उसका ऑफर लेटर आया तो उसने अपने अकाउंट से वह पैसा निकाल लिया। जब यूनिवर्सिटी ने दोबारा चेक किया तो फंड की कमी के कारण उसका ऑफर लेटर रिजेक्ट कर दिया गया। कंपनी ने उसकी 10,000 रुपये की एप्लीकेशन फीस भी वापस कर दी, जिसकी रसीद उसके पास है।
पुलिस में शिकायत दर्ज कर निष्पक्ष जांच की मांग
कंपनी ने इस मामले को लेकर पुलिस में शिकायत और FIR दर्ज कराई है। संजीव मेहरा ने खास तौर पर पुलिस एडमिनिस्ट्रेशन, कमिश्नर साहिब और पोस्ट इंचार्ज का शुक्रिया अदा किया, जिन्होंने उन्हें गुस्साई भीड़ से बचाया। उन्होंने पुलिस एडमिनिस्ट्रेशन से अपील की कि पिरामिड ब्रांड को टारगेट करके सोशल मीडिया पर जानबूझकर चलाए जा रहे कैंपेन की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर किसी को कोई शिकायत है, तो उन्हें कानूनी तरीकों या आपसी बातचीत से हल निकालना चाहिए, न कि कानून अपने हाथ में लेना चाहिए। गौरतलब है कि पिरामिड ई-सर्विसेज पंजाब की एक जानी-मानी स्टडी वीजा और इमिग्रेशन कंसल्टेंसी फर्म है। 2005 में शुरू हुई यह संस्था स्टूडेंट्स को विदेश में पढ़ाई करने के लिए वीजा सर्विस देती है।
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