काला ढिल्लों की नाराजगी पर राजा वड़िंग का पलटवार, बोले, ''विधायक मैंने ही बनाया था''
punjabkesari.in Monday, Aug 03, 2026 - 11:57 AM (IST)
बरनाला(विवेक सिंधवानी, रवि): बरनाला में गत दिनों आयोजित कांग्रेस पार्टी का कार्यकर्ता सम्मेलन केवल कार्यकर्ताओं को एकजुट करने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इस मंच से पार्टी के भीतर चल रहे राजनीतिक समीकरण भी खुलकर सामने आ गए। एक ओर हलका बरनाला के विधायक एवं जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष कुलदीप सिंह काला ढिल्लों ने अपने संबोधन में विधानसभा क्षेत्र में बाहरी नेताओं के हस्तक्षेप पर आपत्ति जताई, वहीं दूसरी ओर पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने भी अपने भाषण के दौरान काला ढिल्लों को स्पष्ट शब्दों में संदेश दिया। कार्यक्रम में कांग्रेस के पंजाब मामलों के प्रभारी भूपेश बघेल सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे। काला ढिल्लों के संबोधन के बाद जब राजा वड़िंग बोलने के लिए मंच पर आए तो उन्होंने अपने भाषण में काला ढिल्लों का उल्लेख करते हुए कहा कि आज यदि वह विधायक बने हैं तो उसमें पार्टी और नेतृत्व का भी बड़ा योगदान है।
'काले को विधायक मैंने ही बनाया था'
राजा वड़िंग ने मंच से कहा कि काला ढिल्लों उनके छोटे भाई हैं और उनका विधायक बनना कांग्रेस पार्टी के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि उपचुनाव के दौरान काला ढिल्लों को लगभग 26 हजार वोट मिले थे। हालांकि चुनाव मैदान में उम्मीदवार अधिक होने के कारण वोटों का बंटवारा हुआ, लेकिन जीत कांग्रेस के खाते में आई और इस जीत ने पूरे पंजाब में पार्टी का मान बढ़ाया। उन्होंने कहा कि पार्टी ने हर मंच पर यह स्वीकार किया है कि काला ढिल्लों ने बरनाला में कांग्रेस का झंडा बुलंद किया और इसका श्रेय उन्हें दिया गया।
'नेता बनने के बाद कहानियां भी सुनाई जाने लगती हैं'
राजा वड़िंग ने अपने संबोधन के दौरान हल्के-फुल्के अंदाज में कहा कि जब कोई व्यक्ति विधायक बन जाता है तो वह अपने आपको बड़ा नेता समझने लगता है और इधर-उधर से सुनी हुई बातें आगे सुनाना भी शुरू कर देता है। उन्होंने कहा कि काला ढिल्लों ने आज मंच से कुछ बातें तो कहीं, लेकिन यह नहीं बताया कि चुनाव के दौरान उन्हें लगातार घर-घर जाकर प्रचार करने और लोगों के बीच रहने की सलाह भी दी जाती रही। उन्होंने यह भी कहा कि कई बार लोग आधी-अधूरी बातें सुनकर गलत धारणाएं बना लेते हैं, जिससे अनावश्यक भ्रम पैदा हो जाता है।
राजनीतिक संदेशों ने बढ़ाईं चर्चाएं
काला ढिल्लों और राजा वड़िंग के मंच से दिए गए बयानों के बाद कांग्रेस के राजनीतिक हलकों में चर्चाएं और तेज हो गई हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सार्वजनिक मंच से दिए गए ये बयान पार्टी के भीतर चल रहे अंदरूनी समीकरणों की ओर संकेत करते हैं। हालांकि दोनों नेताओं ने पार्टी की मजबूती की बात कही, लेकिन उनके संबोधनों में एक-दूसरे के लिए राजनीतिक संदेश भी स्पष्ट रूप से दिखाई दिए। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनावों को देखते हुए कांग्रेस के लिए संगठनात्मक एकता सबसे बड़ी आवश्यकता है। ऐसे में सार्वजनिक मंचों से आने वाले बयानों को पार्टी कार्यकर्ता और राजनीतिक वर्ग गंभीरता से देख रहे हैं। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि पार्टी हाईकमान इस पूरे घटनाक्रम को किस तरह लेता है और आने वाले समय में जिला बरनाला की कांग्रेस राजनीति पर इन बयानों का क्या प्रभाव पड़ता है।

