कुआं, बोरवेल/ट्यूबवेल खोदने वाले पहले पढ़ लें यह खबर, जारी हुए नए निर्देश

punjabkesari.in Wednesday, Oct 07, 2026 - 05:56 PM (IST)

फरीदकोट (चावला) : डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट फरीदकोट, राहुल चाबा ने इंडियन सिविल प्रोटेक्शन कोड 2023 के सेक्शन 163 के तहत मिली शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए, जिले में कुओं, बोरवेल/ट्यूबवेल की खुदाई/मरम्मत के बारे में निर्देश जारी किए हैं जिसमें शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में कच्चे कुओं व बोरवेल/ट्यूबवेल में लोगों व बच्चों के गिरने से होने वाले जान-माल के नुकसान से बचने व आम लोगों की सुरक्षा को मुख्य रखते हुए माननीय सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के तहत पंजाब सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने को कहा गया है।

आदेशों के अनुसार फरीदकोट जिले की सीमा के अंदर जमीन मालिक कुआं/बोर खोदने से पहले 15 दिन पहले जिला कलेक्टर, संबंधित सरपंच, ग्राम पंचायत, नगर काउंसिल, पब्लिक हेल्थ विभाग, भूमि संरक्षण विभाग को सूचित करेंगे। उन्होंने कहा कि कुएं/बोरवेल खोदने या मरम्मत करने वाली सभी एजेंसियों जैसे सरकारी/अर्ध-सरकारी/प्राइवेट आदि का पंजीकरण करवाना जरूरी है। ड्रिलिंग या मरम्मत वाली जगह पर ड्रिलिंग एजेंसी व ड्रिल किए जाने वाले कुएं के मालिक का पूरा पता लिखा साइट बोर्ड लगाया जाना चाहिए और उस साइन बोर्ड पर ड्रिलिंग एजेंसी का पंजीकरण नंबर भी लिखा होना चाहिए। बोरवेल के चारों ओर कांटेदार तार लगाकर उसे नट-बोल्ट वाले स्टील प्लेट कवर से ढक दिया जाएगा और कुएं/बोर के कवर को नट-बोल्ट वाले केसिंग पाइप से फिक्स कर देना चाहिए। 

कुएं के बोरवेल के चारों ओर सीमेंट/कंक्रीट का प्लेटफॉर्म जो जमीन से 0.50*0.50*0.60 मीटर ऊंचा हो (जमीन के लेबल से 0.30 मीटर ऊपर और जमीन के लेबल से 0.30 मीटर नीचे) कुएं के चारों ओर बनाना चाहिए। कुआं/बोरवेल खोदने या उसकी मरम्मत करने के बाद, अगर कोई खाली जगह हो, तो उसे मिट्टी/खाली बोरवेल/कुएं को ऊपर तक मिट्टी/रेत से भर देना चाहिए और मरम्मत के काम के बाद जमीन का लेवल पहले जैसा कर देना चाहिए। कुएं/बोरवेल को किसी भी हालत में खुला नहीं छोड़ना चाहिए। छोड़े गए कुएं को नीचे से ऊपर तक बारीक मिट्टी, पत्थर, कंक्रीट वगैरह से ठीक से भर देना चाहिए। कोई भी व्यक्ति जल आपूर्ति और स्वच्छता विभाग की लिखित मंजूरी और उनकी देखरेख के बिना कुआं/बोरवेल नहीं खोदेगा या उसकी मरम्मत नहीं करेगा।

उन्होंने कहा कि ग्रामीण इलाकों में सरपंच और एग्रीकल्चर डिपार्टमेंट के अधिकारी और शहरी इलाकों में पब्लिक हेल्थ डिपार्टमेंट, सॉइल कंजर्वेशन, जूनियर इंजीनियर और म्युनिसिपल काउंसिल के एग्जीक्यूटिव ऑफिसर हर महीने अपने-अपने ऑथराइज्ड एरिया की एक रिपोर्ट तैयार करेंगे कि उनके एरिया में कितने बोरवेल/कुएं वगैरह नए खोदे गए हैं, रिपेयर किए गए हैं, कितने इस्तेमाल में हैं, कितने भरे गए हैं। ये डिपार्टमेंट अपने-अपने एरिया की उक्त रिपोर्ट की एक कॉपी अपने ऑफिस में रिकॉर्ड के तौर पर रखेंगे और एक कॉपी हर महीने एडिशनल डिप्टी कमिश्नर (डेवलपमेंट) फरीदकोट को भेजी जाएगी। वह इस बारे में पूरा रिकॉर्ड रखेंगे। यह ऑर्डर 2 दिसंबर 2026 तक लागू रहेगा।

अपने शहर की खबरें Whatsapp पर पढ़ने के लिए Click Here


सबसे ज्यादा पढ़े गए

News Editor

Urmila

Related News