सरकारी स्कूलों में औचक चेकिंग, मिड-डे मील की गुणवत्ता को लेकर अधिकारी ने लगाई फटकार

punjabkesari.in Tuesday, Sep 01, 2026 - 05:47 PM (IST)

होशियारपुर (जैन): सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता, मिड-डे मील व्यवस्था और स्वच्छता को लेकर शिक्षा विभाग पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है। इसी कड़ी में जिला शिक्षा अधिकारी (सैकेंडरी एवं एलीमैंट्री शिक्षा) हरजिंदर कौर के नेतृत्व में मंगलवार को जिलेभर में बड़े स्तर पर औचक निरीक्षण अभियान चलाया गया। स्वयं डीईओ हरजिंदर कौर ने सरकारी एलीमेंट्री एवं मिडिल स्कूल बस्सी नो, स्कूल ऑफ इमीनेंस सीनियर सैकेंडरी स्कूल बागपुर, सरकारी एलीमैंटरी एवं मिडिल स्कूल बस्सी मारूफ तथा सरकारी मिडिल स्कूल घासीपुर का निरीक्षण किया, जबकि जिले के लगभग सभी सरकारी स्कूलों में ब्लॉक प्राइमरी शिक्षा अधिकारियों (बी.पी.ई.ओ), ब्लॉक नोडल अधिकारियों (बीएनओ), सेंटर हेड टीचरों और अन्य शिक्षा अधिकारियों ने भी पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

निरीक्षण के दौरान एक स्कूल में तैयार किए गए मिड-डे मील की गुणवत्ता संतोषजनक न मिलने पर डीईओ ने कड़ा संज्ञान लिया। उन्होंने मौके पर संबंधित स्टाफ को फटकार लगाते हुए स्पष्ट शब्दों में कहा कि विद्यार्थियों के स्वास्थ्य से जुड़ी किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार करोड़ों रुपये खर्च कर विद्यार्थियों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध करा रही है और यदि कहीं भी गुणवत्ता में कमी पाई जाती है तो जिम्मेदार अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई तय है। 

हरजिंदर कौर ने कहा कि मिड-डे मील तैयार करने और परोसने से संबंधित सभी दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन किया जाना चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से निर्देश दिए कि विद्यार्थियों को भोजन परोसने के बाद भी निर्धारित समय तक भोजन का सैंपल सुरक्षित रखना अनिवार्य है, ताकि किसी शिकायत या आवश्यकता की स्थिति में उसकी जांच करवाई जा सके। उन्होंने कहा कि कई स्कूलों में इस नियम को गंभीरता से नहीं लिया जाता, जबकि यह विद्यार्थियों की सुरक्षा से जुड़ा महत्वपूर्ण प्रावधान है।

निरीक्षण के दौरान डीईओ ने स्कूलों की साफ-सफाई व्यवस्था का भी बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने कक्षाओं, शौचालयों, स्कूल परिसर, पेयजल स्थलों और रसोईघरों की स्थिति का जायजा लेते हुए स्कूल प्रमुखों को निर्देश दिए कि स्वच्छता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने कहा कि स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण में ही बेहतर शिक्षण संभव है तथा विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए साफ-सुथरा परिसर अत्यंत आवश्यक है।

डी.ई.ओ हरजिंदर कौर ने कहा, "सरकारी स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, स्वच्छ वातावरण और पौष्टिक मिड-डे मील सुनिश्चित करना हमारी प्राथमिकता है। जिलेभर में शुरू किया गया निरीक्षण अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा। किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

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News Editor

Urmila

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