हजारों मुलाजिमों द्वारा मुख्यमंत्री भगवंत मान के निवास के आगे जोर प्रदर्शन

punjabkesari.in Monday, Feb 16, 2026 - 04:26 PM (IST)

संगरूर (सिंगला): पंजाब में 'आप' सरकार के चार साल बीत जाने के बावजूद 17 जुलाई 2020 के बाद भर्ती हुए कर्मचारियों के लिए पंजाब वेतनमान बहाल न होने, नई पेंशन प्रणाली रद्द कर पुरानी पेंशन लागू न करने और रोके गए 37 प्रकार के भत्तों के विरोध में हजारों कर्मचारियों ने संगरूर में राज्य स्तरीय रैली की। नवनिर्मित 'पुराना वेतनमान, पेंशन और भत्ता बहाली मोर्चा' के नेतृत्व में आयोजित इस प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री आवास की ओर रोष मार्च निकाला। 

रैली को संबोधित करते हुए मोर्चे के प्रांतीय संयोजक विक्रमदेव सिंह, अतींद्र पाल घग्गा, दीपक कंबोज और अन्य नेताओं ने कहा कि कर्मचारियों ने बड़ी उम्मीदों के साथ 'आप' सरकार को सत्ता सौंपी थी, लेकिन चार साल के कार्यकाल में सरकार ने विज्ञापनबाजी और कर्ज लेकर लोक-लुभावन योजनाओं पर खर्च किया है, जिससे राज्य पर 4 लाख करोड़ का कर्ज चढ़ गया है। अब सरकार इसी आर्थिक संकट का बहाना बनाकर कर्मचारियों की जायज वित्तीय मांगों को पूरा करने से पीछे हट रही है। 

नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार ने सत्ता में आने से पहले पंजाब वेतनमान लागू करने का भरोसा दिया था, लेकिन अब वह अपने वादे से मुकर रही है और केंद्रीय वेतनमान थोप रही है। उन्होंने मांग की कि सभी नवनियुक्त कर्मचारियों को छठे पंजाब वेतन आयोग के अनुसार 15 प्रतिशत वेतन वृद्धि दी जाए। साथ ही, 18 नवंबर 2022 को पुरानी पेंशन बहाली का जो नोटिफिकेशन जारी किया गया था, वह केवल कागजी साबित हुआ है। 

कर्मचारियों ने केंद्रीय एकीकृत पेंशन योजना (UPS) को रद्द कर वास्तविक पुरानी पेंशन योजना लागू करने, 16% लंबित महंगाई भत्ता (DA) जारी करने और एसीपी स्कीम के लाभ बहाल करने की मांग की। इस अवसर पर कुलदीप खोखर, गुरप्रीत संगरूर, पत्रकार यूनियन से मोहन सिंह औलख और बेरोजगार टेट पास साझा मोर्चा के सुखविंदर ढिलवां ने भी संबोधित किया। कर्मचारियों के भारी रोष को देखते हुए प्रशासन ने 5 मार्च को मुख्यमंत्री कार्यालय में प्रिंसिपल सेक्रेटरी और संबंधित सचिवों के साथ मोर्चे की बैठक तय करवाई है।

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News Editor

Urmila

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