मजीठिया के घर पुलिस Raid से गरमाई सियासत, सुखबीर बादल ने बताया बदले की राजनीति
punjabkesari.in Monday, Jun 01, 2026 - 01:57 PM (IST)
पंजाब डेस्क: शिरोमणि अकाली दल के सीनियर नेता बिक्रम मजीठिया के घर पुलिस रेड से राजनीति गरमा गई है। मजीठिया को पकड़ने के लिए पुलिस द्वारा कथित तौर पर मारे गए छापे से SAD नेता नाराज हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार, मजीठिया और कई अन्य लोगों के खिलाफ एक FIR दर्ज की गई है। इन पर आरोप है कि रविवार को उनके नेतृत्व में एक समूह ने मजीठा पुलिस स्टेशन पर धावा बोल दिया और जबरदस्ती जोबनजीत सिंह को छुड़ा लिया। जोबनजीत सिंह को पुलिस ने उसी दिन पहले हिरासत में लिया था।
अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने इस कार्रवाई को बदले की राजनीति करने के लिए सत्ताधारी आम आदमी पार्टी (AAP) की कड़ी आलोचना की है। सुखबीर बादल ने कहा कि यह सब पंजाब सरकार का एक 'सोचा-समझा ऑपरेशन' था। उन्होंने कहा कि ये सब राज्य में हुए नगर निगम चुनावों मिली निराशा का नतीजा था। मजीठिया के वकील दमनबीर सिंह सोबती ने बताया कि उन्हें आज सुबह अमृतसर में पुलिस के छापे की मीडिया रिपोर्टें मिली हैं और वे इस बारे में और जानकारी जुटा रहे हैं। पुलिस सूत्रों ने पुष्टि की कि FIR में नामजद मजीठिया और अन्य आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस की टीमें उनके घर पहुंची थीं। हालांकि, पुलिस टीम बिना किसी गिरफ्तारी के ही लौट गई, क्योंकि बताया जा रहा है कि मजीठिया उस समय अपने घर पर मौजूद नहीं थे।
क्या पूरा मामला
बता दें कि, जोबनजीत सिंह 'कीर्ति किसान यूनियन' से जुड़े हैं और हाल ही में हुए नगर निगम चुनावों के दौरान उन्होंने शिरोमणि अकाली दल (SAD) के पोलिंग एजेंट के तौर पर काम किया था। रविवार सुबह कथित तौर पर जोबनजीत सिंह को पुलिस हिरासत में लिए जाने के बाद, कीर्ति किसान यूनियन के सदस्यों ने पुलिस स्टेशन के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान बिक्रम मजीठिया भी अपने समर्थकों के साथ पुलिस स्टेशन पहुंचे, जिनकी पुलिस अधिकारियों से बहस हुई।
वहीं बिक्रम मजीठिया जोबनजीत को थाने से जबरदस्ती छुड़ाने के आरोपों से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि इस पूरी घटना को सोशल मीडिया पर भी शेयर किया गया था। जोबनजीत सिंह लॉक-अप में नहीं बल्कि SHO के कमरे में थे जहां से छुड़ाया गया था।
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