धार्मिक, ऐतिहासिक एवं पर्यटन की राजधानी अमृतसर को AAP सरकार ने कूड़े की राजधानी बना दिया: तरुण चुग

punjabkesari.in Monday, Aug 31, 2026 - 04:56 PM (IST)

अमृतसर : भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय कार्यालय प्रभारी एवं सांसद तरुण चुग ने अमृतसर के चबाल रोड स्थित 11 एकड़ की डंप साइट पर करीब 1.5 लाख मीट्रिक टन कूड़ा जमा होने तथा पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा अमृतसर नगर निगम की गंभीर लापरवाही को लेकर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के समक्ष हलफनामा दाखिल किए जाने पर पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार को आड़े हाथों लिया। चुग ने कहा कि धार्मिक, ऐतिहासिक एवं पर्यटन की राजधानी अमृतसर की पवित्र धरती को AAP सरकार ने कूड़े के पहाड़ में बदल दिया है। श्री हरमंदिर साहिब, श्री दुर्ग्याणा मंदिर और श्री वाल्मीकि तीर्थ जैसी विश्वप्रसिद्ध धार्मिक धरोहरों तथा जलियांवाला बाग, महाराजा रणजीत सिंह स्मारक और अन्य ऐतिहासिक स्थलों की धरती को स्वच्छ और सुंदर रखने के बजाय सरकार ने इसे गंदगी, दुर्गंध और प्रदूषण की समस्या से जूझने के लिए छोड़ दिया है।

उन्होंने कहा कि चबाल रोड के पास रेलवे फाटक के समीप सड़क के किनारे ही शहर का कचरा डाला जा रहा है। यह कोई सुनसान इलाका नहीं बल्कि अमृतसर सेंट्रल विधानसभा क्षेत्र का घनी आबादी वाला हिस्सा है, जहां बड़ी संख्या में परिवार रहते हैं। इसी मार्ग पर कई बड़े स्कूल भी स्थित हैं। ये वही मार्ग है जहाँ एतिहासिक बाबा बुढा साहिब गुरुद्वारा है, प्रसिद्ध चीफ खालसा दीवान द्वारा संचालित नरसिंह कॉलेज है एवं राधा स्वामी डेरा सहित कई धार्मिक शैक्षणिक संसथान हैं। कचरे के ढेर और उससे उठने वाली दुर्गंध का सबसे बुरा असर स्थानीय निवासियों और स्कूली बच्चों पर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि एक ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण मार्ग को कूड़े के ढेर में बदल देना नगर निगम और स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

चुग ने कहा कि बारिश के दौरान स्थिति और विकराल हो जाती है। कचरे के ढेर से उठने वाली दुर्गंध, गंदा पानी और जलभराव आसपास के वातावरण को और प्रदूषित करते हैं तथा मच्छरों और अन्य रोग फैलाने वाले जीवों के पनपने का खतरा बढ़ाते हैं। ऐसे हालात में डेंगू जैसी वेक्टर जनित तथा जलजनित बीमारियों का जोखिम बढ़ना स्वाभाविक है। उन्होंने कहा कि लोगों को गंदगी, दुर्गंध और प्रदूषण के बीच रहने के लिए मजबूर करना AAP सरकार की संवेदनहीनता और प्रशासनिक विफलता का प्रमाण है।

चुग ने कहा कि यह समस्या अचानक पैदा नहीं हुई है। स्थानीय निवासी कई बार धरना-प्रदर्शन कर चुके हैं और प्रशासन को बार-बार इसकी जानकारी दे चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद कोई स्थायी कार्रवाई नहीं हुई। जब जनता लगातार अपनी समस्या सरकार और प्रशासन के सामने रखती रहे, लेकिन नगर निगम और प्रशासन आंखें बंद किए बैठे रहें, तो यह केवल सफाई व्यवस्था की कमी नहीं बल्कि शासन की पूरी व्यवस्था के विफल होने का प्रमाण है।

उन्होंने कहा कि पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा NGT के समक्ष दाखिल हलफनामे ने भी अमृतसर नगर निगम की गंभीर लापरवाही को उजागर किया है। चबाल रोड साइट पर कूड़ा के जैव-उपचार के लिए जरूरी कार्यशील मशीनरी की कमी, ड्रेनेज और लैंडफिल की पर्याप्त व्यवस्था न होना तथा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2016 के अनुपालन में गंभीर कमियां सामने आई हैं।

चुग ने कहा कि नगर निगम की लापरवाही की कीमत अब करोड़ों रुपये के पर्यावरणीय जुर्माने के रूप में सामने आ रही है। ₹8 करोड़ की पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति पहले ही लगाई जा चुकी है और PPCB ने नए मामले में इसे बढ़ाकर करीब ₹8.90 करोड़ किए जाने की मांग की है। उन्होंने सवाल किया कि आखिर जनता के पैसे से चलने वाले नगर निगम को करोड़ों रुपये का पर्यावरणीय जुर्माना क्यों भुगतना पड़ रहा है और इस गंभीर लापरवाही के लिए जिम्मेदारी कौन लेगा?

चुग ने कहा कि जिस नगर निगम की जिम्मेदारी शहर से कचरा उठाने, उसका वैज्ञानिक निस्तारण करने और नागरिकों को स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराने की है, वही कचरे को मुख्य सड़क के किनारे जमा होने दे रहा है। उन्होंने कहा कि भगवंत मान सरकार को जवाब देना चाहिए कि इतने वर्षों तक नगर निगम और स्थानीय प्रशासन क्या कर रहे थे और जनता की बार-बार की शिकायतों के बावजूद इस समस्या का समाधान क्यों नहीं किया गया।

उन्होंने कहा कि AAP का दिल्ली मॉडल अब पंजाब में भी दिखाई दे रहा है। दिल्ली में कूड़े के पहाड़ों की समस्या का समाधान करने में विफल रहा AAP मॉडल अब अमृतसर जैसे धार्मिक और ऐतिहासिक शहर में भी दिखाई दे रहा है। उन्होंने भगवंत मान सरकार से सवाल किया कि क्या 1.5 लाख मीट्रिक टन कचरे का पहाड़ ही उनका ‘बदलाव’ और ‘सुशासन’ है?

चुग ने कहा कि पंजाब सरकार और अमृतसर नगर निगम अब खानापूर्ति बंद कर चबाल रोड सहित शहर के सभी डंपिंग स्थलों पर जमा कचरे के पहाड़ का समयबद्ध और वैज्ञानिक तरीके से स्थायी निस्तारण सुनिश्चित करें। मुख्य सड़कों और रिहायशी इलाकों में खुले में घरेलू एवं मिश्रित कचरा फेंकने की व्यवस्था तत्काल बंद की जाए तथा ऐसा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि चबाल रोड पर कचरे के कारण पैदा हो रहे प्रदूषण और दुर्गंध से स्थानीय लोगों, विशेषकर आसपास के स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को तत्काल राहत दिलाना प्रशासन की जिम्मेदारी है।

उन्होंने कहा कि अमृतसर में बढ़ते वायु और जल प्रदूषण को लेकर सरकार को गंभीरता दिखानी होगी। बारिश के दौरान कचरे से पैदा होने वाली गंदगी, जलभराव और दुर्गंध की समस्या को देखते हुए नगर निगम को प्रभावी व्यवस्था करनी चाहिए, ताकि लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ न हो। उन्होंने कहा कि स्थानीय निवासी कई बार धरना-प्रदर्शन कर चुके हैं और प्रशासन को समस्या से अवगत करा चुके हैं, इसके बावजूद कार्रवाई नहीं हुई। अब उन अधिकारियों की जवाबदेही तय होनी चाहिए जिन्होंने जनता की शिकायतों को नजरअंदाज किया और वर्षों तक इस समस्या को बढ़ने दिया।

चुग ने कहा कि अमृतसर की जनता को कूड़े के पहाड़ नहीं, स्वच्छ और सुंदर शहर चाहिए। भगवंत मान सरकार को विज्ञापनों और खोखले दावों से बाहर निकलकर जमीन पर काम करना होगा। AAP सरकार ने अमृतसर के लोगों को कचरे, बदबू और प्रदूषण के बीच रहने के लिए मजबूर किया है और अब इस लापरवाही की जवाबदेही तय करनी ही होगी। भाजपा पंजाब की जनता के स्वास्थ्य, पर्यावरण और अमृतसर की पवित्रता के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं करेगी।

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News Editor

Kalash