स्पेन का झांसा देकर थाईलैंड भेजे 2 पंजाबी, डंकरों के हवाले कर बनाया बंधक... रौंगटे खड़े करने वाला मामला
punjabkesari.in Saturday, Aug 22, 2026 - 12:36 PM (IST)
सुल्तानपुर लोधी (धीर): विदेश जाने का सपना देख रहे पंजाब के युवाओं को कथित फर्जी ट्रैवल एजेंटों द्वारा मानव तस्करी के खतरनाक नेटवर्क में धकेले जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। स्पेन भेजने का झांसा देकर 2 युवकों को 30 जुलाई को दिल्ली से थाईलैंड भेजे जाने और वहां कथित तौर पर डंकरों के हवाले करने के आरोप लगे हैं।
पीड़ित परिवारों का दावा है कि दोनों युवकों को करीब 10 दिन तक बंधक बनाकर कथित रूप से यातनाएं दी गईं और परिवारों से लाखों रुपये की मांग की गई। मामले में कथित ‘खान बाबा गिरोह’ का नाम सामने आने के बाद मामला और गंभीर हो गया है। पीड़ित परिवारों ने राज्यसभा सदस्य संत बलबीर सिंह सीचेवाल से मुलाकात कर पूरी घटना बताई और इंसाफ की गुहार लगाई। परिवारों ने कथित ट्रैवल एजेंटों और डंकरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के साथ-साथ थाईलैंड में फंसे कुलराज सिंह की सुरक्षित स्वदेश वापसी की मांग की।
11.5 लाख रूपए में स्पेन भेजने की हुई थी बात
परिवारों के अनुसार गांव गिल्लां, सुल्तानपुर लोधी निवासी मनप्रीत सिंह और गांव मानक, जिला जालंधर निवासी कुलराज सिंह की स्पेन जाने संबंधी बातचीत लोहियां निवासी संजीव कुमार से हुई थी। बताया गया है कि उसका डल्ला गांव में कार्यालय है। दोनों युवकों को स्पेन पहुंचाने के लिए करीब 11.5 लाख रुपये प्रति युवक देने की बात तय हुई थी और रकम स्पेन पहुंचने के बाद देने की बात कही गई थी।
30 जुलाई को दिल्ली एयरपोर्ट से थाईलैंड भेजा
परिवारों का आरोप है कि 30 जुलाई को दोनों युवकों को दिल्ली एयरपोर्ट से थाईलैंड यह कहकर भेजा गया कि वहां केवल एक स्टांप लगनी है और करीब एक घंटे बाद उन्हें स्पेन की अगली उड़ान में भेज दिया जाएगा। लेकिन थाईलैंड पहुंचने के बाद स्पेन भेजने की बजाय उन्हें कथित तौर पर डंकरों के हवाले कर दिया गया और दोनों को बंधक बना लिया गया।
भारत लौटे मनप्रीत सिंह ने अपनी आपबीती सुनाते हुए दावा किया कि वह समय उसकी जिंदगी का सबसे भयावह दौर था। डंकरों द्वारा परिवारों से संपर्क कर पैसे की मांग की जाती थी और रकम न देने पर जान से मारने की धमकियां दिए जाने का भी आरोप है। परिवारों को कथित यातना की ऑडियो रिकॉर्डिंग भेजकर डराने का भी दावा किया गया। मनप्रीत के अनुसार उस दौरान उसे सबसे ज्यादा चिंता अपने परिवार की होती थी कि उसके घरवाले इन ऑडियो को सुनकर किस मानसिक स्थिति से गुजर रहे होंगे।
24 लाख रुपए देने के बाद मनप्रीत हुआ रिहा
मनप्रीत के परिवार के अनुसार डंकरों की मांग पूरी करने के लिए अलग-अलग समय पर करीब 24 लाख रुपए दिए गए। मनप्रीत का दावा है कि वह बिना पासपोर्ट के केवल टिकट के आधार पर भारत पहुंचा। रास्ते में किसी ने उसे नहीं रोका और केवल चेहरा देखकर उसे आगे जाने दिया जाता रहा। इस पूरे घटनाक्रम ने सुरक्षा व्यवस्था और कथित मानव तस्करी नेटवर्क को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
कुलराज के परिवार से 8 लाख लिए, 15 लाख और मांगे
दूसरी ओर कुलराज सिंह की पत्नी नेहा का आरोप है कि डंकरों ने परिवार से 8 लाख रुपये लेने के बावजूद 15 लाख रुपये और मांगे। परिवार ने आर्थिक मजबूरी के कारण और रकम देने में असमर्थता जताई।
संत सीचेवाल ने डी.जी.पी. और विदेश मंत्रालय से जांच की मांग की
संत बलबीर सिंह सीचेवाल ने मामले को गंभीरता से लेते हुए डीजीपी पंजाब और विदेश मंत्रालय से पूरे मामले की गहन जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि ‘खान बाबा गिरोह’ द्वारा पंजाब के युवाओं को निशाना बनाया जा रहा है तो इसके पीछे काम कर रहे पूरे नैटवर्क की जड़ों तक पहुंचना बेहद जरूरी है। संत सीचेवाल ने सवाल उठाया कि एक व्यक्ति बिना पासपोर्ट के केवल टिकट के आधार पर भारत कैसे पहुंच गया? उन्होंने कहा कि इस पहलू की भी गहराई से जांच होनी चाहिए, ताकि पता लगाया जा सके कि इस कथित नैटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल हैं और पंजाब के कितने अन्य युवा इसके निशाने पर हैं। उन्होंने पंजाब के युवाओं से अपील की कि विदेश जाने की चाहत में बिना जांच-पड़ताल किए किसी ट्रैवल एजैंट पर भरोसा न करें और अपनी जिंदगी की कमाई तथा सुरक्षा को खतरे में न डालें। साथ-साथ ऐसे कथित मानव तस्करी नैटवर्क पर भी शिकंजा कसा जा सकेगा।
अपने शहर की खबरें Whatsapp पर पढ़ने के लिए Click Here

