Canada में लग्जरी शो-ऑफ में फंसा पंजाबी ‘Visa King’, वायरल वीडियो देख भड़के लोग

punjabkesari.in Tuesday, Feb 10, 2026 - 04:09 PM (IST)

पंजाब डेस्क : कनाडा के ब्रैम्पटन शहर में खुद को “वीजा किंग” बताने वाले पंजाबी मूल के चन्नी भाई इन दिनों भारी विवादों में फंस गए हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हुए उनके वीडियो ने न सिर्फ आम लोगों को नाराज़ किया है, बल्कि कनाडा के इमिग्रेशन सिस्टम पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब इस पूरे मामले की जांच कनाडाई पुलिस और इमिग्रेशन विभाग कर रहा है।

लग्जरी वीडियो ने भड़काया गुस्सा

विवाद की शुरुआत उस वीडियो से हुई, जिसमें चन्नी भाई अपने ऑफिस में वीजा फाइलों का ढेर दिखाते नजर आते हैं और उनकी कलाई पर बेहद महंगी घड़ी साफ दिखाई देती है। कनाडा के कंटेंट क्रिएटर्स और घड़ी विशेषज्ञों का दावा है कि यह रिचर्ड मिल ब्रांड की घड़ी है, जिसकी कीमत करीब 3 लाख डॉलर यानी लगभग ढाई करोड़ रुपये बताई जा रही है।

इस वीडियो के सामने आते ही स्थानीय लोगों ने सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया दी। लोगों का कहना है कि जब आम कनाडाई नागरिक महंगाई, बेरोजगारी और हाउसिंग क्राइसिस से जूझ रहे हैं, तब एक इमिग्रेशन कंसल्टेंट का इस तरह दौलत का प्रदर्शन करना बेहद असंवेदनशील है।

“गारंटीड वीजा” के दावों पर सवाल

चन्नी भाई खुद को ऐसा व्यक्ति बताते हैं जो बड़ी संख्या में लोगों को कनाडा का वीजा दिला सकता है। लेकिन कनाडाई नागरिकों और एक्सपर्ट्स का कहना है कि किसी निजी कंसल्टेंट द्वारा “गारंटीड वीजा” का दावा करना कानून के खिलाफ है। सोशल मीडिया यूजर्स ने साफ कहा कि वीजा देने का अधिकार सिर्फ सरकार के पास है, न कि किसी एजेंट के पास। ऐसे में टेबल पर रखे दर्जनों वीजा कनाडा की इमिग्रेशन प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े करते हैं।

बेरोजगारी और हाउसिंग संकट से जोड़ा जा रहा मामला

यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब कनाडा पहले से ही नौकरियों की कमी, घरों की भारी महंगाई और बढ़ती आबादी के दबाव से परेशान है। कई स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस तरह के कथित वीजा नेटवर्क अवैध तरीके से लोगों को देश में ला रहे हैं, जिससे संसाधनों पर दबाव बढ़ रहा है। राजनीतिक स्तर पर भी मामला गरमा गया है और विपक्षी दल सरकार पर इमिग्रेशन नीतियों को ठीक से लागू न कर पाने का आरोप लगा रहे हैं।

गंभीर आरोपों में घिरे चन्नी भाई

चन्नी भाई पर कई गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं, जिनमें शामिल हैं:

फर्जी जॉब ऑफर बेचने का आरोप: दावा किया जा रहा है कि कुछ कनाडाई नियोक्ताओं के साथ मिलकर नकली नौकरी के कागज तैयार किए जाते हैं और उन्हें लाखों रुपये लेकर प्रवासियों को बेचा जाता है।

प्रवासियों का आर्थिक शोषण: आरोप है कि युवाओं को कनाडा के सपने दिखाकर उनसे भारी रकम वसूली जाती है, जिससे वे कर्ज के जाल में फंस जाते हैं।

बिना लाइसेंस एजेंटों से गठजोड़: कहा जा रहा है कि भारत, खासकर पंजाब में सक्रिय गैर-कानूनी एजेंटों के जरिए यह नेटवर्क चलता है, जहां कागजातों में हेरफेर कर वीजा हासिल किया जाता है।

जांच के घेरे में एजेंसी

वीडियो वायरल होने के बाद कनाडाई पुलिस (RCMP) और इमिग्रेशन विभाग (IRCC) ने चन्नी भाई की गतिविधियों पर नजर रखना शुरू कर दिया है। उनकी कंपनी के पुराने वीजा मामलों, लाइसेंस और वित्तीय लेनदेन की भी समीक्षा की जा रही है।
सरकारी सूत्रों के मुताबिक, अगर आरोप सही पाए गए तो यह मामला इमिग्रेशन फ्रॉड और आर्थिक अपराधों की श्रेणी में आ सकता है।

कौन है ‘वीजा किंग’?

चन्नी भाई भारतीय मूल के हैं और ओंटारियो के ब्रैम्पटन में इमिग्रेशन से जुड़ा कारोबार चलाते हैं। सोशल मीडिया पर वह खुद को इमिग्रेशन इंडस्ट्री का बड़ा नाम बताते हैं और खास तौर पर पंजाब के युवाओं को टारगेट करते हैं।

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News Editor

Urmila

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