सूर्यास्त होते ही अंधेरे में डूब जाता है सी.एम. का शहर

Monday, July 17, 2017 12:53 PM
सूर्यास्त होते ही अंधेरे में डूब जाता है सी.एम. का शहर

पटियाला(बलजिन्द्र): पूरे पंजाब को जगमगाने की जिम्मेदारी जिस सी.एम. के कंधों पर है, उसका अपना शहर सूर्यास्त होते ही अंधेरे में डूब जाता है। बीती रात ‘पंजाब केसरी’ टीम ने पूरे शहर में जब रात्रि 9.30 बजे दौरा किया तो आऊटर एरिया तो दूर शहर की प्रमुख सड़कों की लाइटें भी बंद पाई गईं। यह हालात कहीं एक या दो जगह के नहीं बल्कि शहर की अधिकतर सड़कों और चौकों पर देखे गए। बदतर हालात का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि पूरी लाइन में 70 फीसदी तक लाइटें खराब पाई गईं। 

लीला भवन चौक व डी.सी. एवं एस.एस.पी. के आवास के सामने के हालात
लीला भवन के बगल में डिप्टी कमिश्रर कुमार अमित और एस.एस.पी. डा. एस. भूपति के आवास भी हैं। हैरानी वाली बात है कि डिप्टी कमिश्रर कुमार अमित और एस.एस.पी. डा. एस. भूपति के आवास के सामने वाली दोनों लाइटों का एक-एक हिस्सा जल रहा था, वह भी मार्कीट की साइड वाला। ऐसे में सी.एम. शहर के बाकी लोग क्या उम्मीद रख सकते हैं। लीला भवन चौक शहर के सबसे भीड़भाड़ वाले इलाकों में से एक है। जहां लगभग पूरी रात यातायात नहीं रुकता है। इतना ही नहीं दूसरे शहर के लिए जाने के लिए अधिकतर वाहन इसी रास्ते से ही गुजरते हैं।

फव्वारा चौक से शेरांवाला गेट तक लाइट बंद
शहर का दिल कहे जाने वाले फव्वारा चौक से शेरांवाला गेट तक की हालत की बात की जाए तो फव्वारा चौक व शेरांवाला गेट पर एक भी लाइट जलती दिखाई नहीं दी। फव्वारा चौक , लीला भवन को जाती सड़क, माल रोड और शेरांवाला गेट तक अधिकतर रोड लाइटें बंद ही पाई गईं। यह क्षेत्र भी सबसे अधिक व्यस्त रहने के साथ-साथ शहर का सबसे अधिक खूबसूरत इलाका माना जाता है। अगर यहां की यह हालत है तो फिर बाकी का क्या होगा। ऐसे ही हालात आगे कैपीटल सिनेमा वाले चौक के दिखाई दिए। 

अपर मॉल की अधिकतर लाइटें खराब
अकाली-भाजपा के राज में सबसे विपक्ष की सबसे अधिक ‘मार’ झेलने वाली अपर मॉल के भी दिन नहीं सुधरे। यहां हालांकि पैचवर्क कर दिया गया है, परंतु रोड लाइट की कोई सार नहीं ले रहा है। अपर मॉल रोड सी.एम. कैप्टन अमरेन्द्र सिंह के साथ-साथ नं. 2 ब्रह्म महिन्द्रा के आवास को भी जाती है।

पॉश इलाका भूपिन्द्रा रोड भी अंधेरे की चपेट में
शहर का सबसे पॉश माना जाने वाला इलाका भूपिन्द्रा रोड भी रात को अंधेरे की चपेट में आ जाता है। थाना सिविल लाइन चौक से 22 नंबर फाटक ओवरब्रिज से गुजरते हुए अधिकतर प्वाइंट खराब ही दिखाई दिए। इस सड़क पर भी देर रात तक काफी ट्रैफिक रहता है और संगरूर रोड को नाभा और भादसों से भी जोड़ती है।

सुरक्षा के लिए बड़ी चुनौती
शहर में रात के समय रोड लाइटों का खराब होना सुरक्षा के मद्देनजर बड़ी चुनौती है क्योंकि  बिना लाइटों के चौक पर लगाए गए सी.सी.टी.वी. कैमरे भी किसी काम के नहीं हैं। इसके अतिरिक्त क्राइम करने वालों द्वारा अंधेरे में भागना काफी आसान रहता है। 

डी.सी. के दफ्तर के बाहर भी अंधेरा
डिप्टी कमिश्रर का आवास ही नहीं बल्कि उनके दफ्तर के बाहर भी अंधेरा ही रहता है। जेल रोड पर स्थित मिनी सचिवालय के बाहर की रोड लाइट भी बंद ही पाई गई। पूरे जेल रोड की बात की जाए तो यहां बीच-बीच में कुछ लाइटें चल रही थीं जबकि बाकी बंद पाई गईं। यह रोड भी मिनी सचिवालय और केंद्रीय जेल रोड होने के कारण काफी महत्वपूर्ण मानी जाती है।
 



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