बिजली कटौती ने पंजाब के उद्योग की बुझाई भट्ठी, व्यापारी बोले—अब और नहीं! : अमित कपूर
punjabkesari.in Tuesday, Sep 08, 2026 - 11:32 PM (IST)
जैतो (रघुनंदन पराशर ):पंजाब में बिजली संकट को लेकर व्यापार एवं उद्योग जगत में बढ़ती चिंता के बीच पंजाब प्रदेश व्यापार मंडल के अध्यक्ष अमित कपूर ने पंजाब सरकार से तत्काल प्रभावी कदम उठाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि कोयले की कमी के कारण प्रदेश में करीब 1500 मेगावाट बिजली उत्पादन प्रभावित हुआ है, जिसका सीधा असर व्यापार और औद्योगिक गतिविधियों पर पड़ रहा है। अमित कपूर ने कहा कि घरेलू उपभोक्ताओं को बिजली उपलब्ध करवाने के लिए उद्योगों की बिजली आपूर्ति में कटौती की जा रही है। विशेष रूप से शाम के समय होने वाली कटौती के कारण लुधियाना, जालंधर और मंडी गोबिंदगढ़ जैसे औद्योगिक क्षेत्रों में कामकाज बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। उन्होंने कहा कि शाम 7 बजे से रात 12 बजे तक बिजली कटौती होने से फर्नेस, छोटे कारखानों और अन्य औद्योगिक इकाइयों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि बिना पूर्व सूचना के बिजली कटौती किए जाने से उद्योगों की उत्पादन प्रक्रिया बाधित होती है और कई बार कच्चा माल खराब होने की स्थिति पैदा हो जाती है। लगातार अनिश्चितता के कारण मजदूरों के पलायन का खतरा भी बढ़ रहा है। इससे पहले से आर्थिक दबाव झेल रहे व्यापारियों और उद्योगपतियों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।
अमित कपूर ने पंजाब सरकार से मांग की कि उद्योगों पर लगाई जा रही नाइट कटौती तत्काल वापस ली जाए और यदि किसी अपरिहार्य स्थिति में बिजली कटौती करनी पड़े तो उद्योगों को कम से कम 12 घंटे पहले इसकी सूचना दी जाए, ताकि व्यापारी और उद्योगपति अपने उत्पादन एवं श्रम व्यवस्था की उचित योजना बना सकें।उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार को कोयले की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए केंद्र सरकार के साथ तत्काल बातचीत करनी चाहिए और इस संकट का स्थायी समाधान निकाला जाना चाहिए। साथ ही उन्होंने पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (पीएसपीसीएल) और व्यापार मंडल की संयुक्त बैठक बुलाने की मांग की, ताकि उद्योग जगत की वास्तविक समस्याओं पर चर्चा कर व्यावहारिक समाधान निकाला जा सके।अमित कपूर ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि बिजली संकट और अघोषित कटौती का जल्द समाधान नहीं किया गया तो व्यापारी वर्ग अपने कारोबार को बचाने के लिए सड़कों पर उतरकर संघर्ष करने को मजबूर होगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी।

