50 रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम से प्रतिवर्ष बचाया जाएगा 10 करोड़ लीटर बरसाती पानी

9/23/2019 8:31:21 AM

जालंधर(स.ह.): लगातार कम होते जा रहे जमीन के निचले पानी को बचाने के लिए प्रशासन द्वारा कड़े प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में विभिन्न सरकारी इमारतों में 50 रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने का फैसला लिया गया जिस पर कार्य शुरू हो गया है। इस पर 2.8 करोड़ रुपए की लागत आएगी। विशेषज्ञों के मुताबिक इस हार्वेस्टिंग सिस्टम के जरिए 1 वर्ष में 10 करोड़ लीटर बरसाती पानी बचाया जाएगा। जल बचाओ विभाग द्वारा इस पर कार्य किया जा रहा है। 

प्रशासन द्वारा जिन स्थानों की पहचान की गई है उनमें खेतीबाड़ी, बागवानी, एस.एस.पी. आफिस, नगर निगम, लैंड रिकार्ड दफ्तर, पावर निगम के शक्ति सदन, ड्रेन्ज, सिंचाई, पानी/सैनीटेशन, फूड सप्लाई, गांधी वनिता आश्रम, स्पोर्ट्स कालेज, जिला शिक्षा कार्यालय प्राइमरी, नेहरू गार्डन स्कूल, जूनियर माडल स्कूल, मैरीटोरियस स्कूल, सरकारी स्कूल गांधी कैंप, सरकारी बी.एड कालेज लाडोवाली रोड, केन्द्र विद्यालय (1,2,3), सरकारी प्राइमरी व हाई स्कूल संसारपुर, सरकारी सीनियर सैकेंडरी स्कूल माडल टाऊन शामिल हैं। इनमें कई इमारतों में 1 से अधिक हार्वेस्टिंग सिस्टम भी लगाए जाएंगे। 

जानकारी देते हुए डी.सी. वरिन्द्र शर्मा ने बताया कि हाल ही में करवाए गए सर्वे के मुताबिक जिले के 10 ब्लाकों में पानी का स्तर बेहद नीचे पाया गया है। इसी क्रम में हार्वेस्टिंग को बढ़ावा देना जरूरी है। पिछले समय के दौरान जिला प्रशासनिक काम्पलैक्स में 3 हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाए गए हैं। उन्होंने कहा जो बरसाती पानी सीवरेज में जाकर बर्बाद हो जाता है, उसे बचाने के लिए सभी को आगे आना चाहिए। विभिन्न एसोसिएशंस को चाहिए कि वे इस क्रम में प्रशासन का सहयोग करें, ताकि आने वाली पीढ़ी को आवश्यकतानुसार पानी दिया जा सके, क्योंकि यदि ऐसे ही चलता रहा तो पानी की भारी किल्लत आ जाएगी। 

डी.सी. शर्मा ने कहा कि पानी को बचाने के लिए हार्वेस्टिंग के साथ-साथ कई और कार्य भी किए जा सकते हैं। इस क्रम में पौधे लगाना सबसे सस्ता व बेहतर उपाए है। इसी तरह से किसान मक्की की फसल की पैदावार पर ध्यान दें।


Edited By

Sunita sarangal

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