पंजाब में बड़ी साजिश नाकाम: जिंदा हैंड ग्रेनेड सहित अंतर्राष्ट्रीय आतंकी-गैंगस्टर सिंडिकेट के 2 गुर्गे काबू, बड़े नेता थे Target
punjabkesari.in Saturday, May 23, 2026 - 05:11 PM (IST)
लुधियाना (राज/गौतम): अंतर्राष्ट्रीय आपराधिक सिंडिकेट्स और देश विरोधी ताकतों के खिलाफ छिड़ी जंग में लुधियाना कमिश्नरेट पुलिस ने काउंटर इंटेलिजेंस के साथ मिलकर एक और बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने 17 मई को बेपर्दा किए गए आतंकी-गैंगस्टर मॉड्यूल के बैकवर्ड लिंक खंगालते हुए दो और बेहद खतरनाक गुर्गों को दबोच लिया है। पकड़े गए आरोपियों के पास से मिलिट्री-ग्रेड के जिंदा हैंड ग्रेनेड बरामद हुए हैं, जिससे पंजाब को दहलाने और बड़े टारगेटेड हमलों की एक खौफनाक साजिश पूरी तरह नाकाम हो गई है।
मामले की जानकारी देते हुए लुधियाना के पुलिस कमिश्नर स्वप्न शर्मा (IPS) ने बताया कि सी.आई.ए. स्टाफ और काउंटर इंटेलिजेंस के सीनियर अफसरों ने पेशेवर और बारीक तफ्तीश के दम पर राज्य में एक बड़ी आतंकी घटना को होने से पहले ही टाल दिया है। इस सिंडिकेट के गुर्गे पंजाब के अमन-चैन को आग लगाने की फिराक में थे।
इस इंटरनेशनल नेटवर्क का भंडाफोड़ सबसे पहले 17 मई को हुआ था, जब संयुक्त पुलिस पार्टी ने थाना लाडोवाल के तहत आते 'हार्डिज वर्ल्ड' के पास एक बड़ी शूटिंग की वारदात को नाकाम किया था। उस समय पुलिस ने दो शूटरों अनुराज उर्फ गौरव मसीह और अंकुश (निवासी फिलौर) को 3 पिस्तौल और 11 जिंदा कारतूसों के साथ दबोचा था।
कड़ाई से की गई पूछताछ में खुलासा हुआ था कि पकड़े गए आरोपी विदेशों में बैठकर नेटवर्क चला रहे हैंडलर्स जोरावर सिंह (जर्मनी), साहिल सोंधी उर्फ चुंज (दुबई), और लक्खा (जर्मनी) के सीधे संपर्क में थे और पंजाब में हाई-प्रोफाइल टारगेटेड किलिंग्स (चुनिंदा हत्याओं) को अंजाम देने वाले थे। इस संबंध में थाना लाडोवाल में आर्म्स एक्ट और बी.एन.एस. की धारा 111 के तहत एफआईआर नंबर 91 दर्ज की गई थी।

पुलिस कमिश्नर ने बताया कि लगातार जारी बैक-टू-बैक इन्वेस्टिगेशन के दौरान पुलिस टीमों ने इस मॉड्यूल के 'एक्सप्लोसिव विंग' (विस्फोटक सप्लाई चेन) का सुराग लगाया। इसके बाद पुलिस ने जाल बिछाकर माझा इलाके से दो और मुख्य गुर्गों को गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान करनदीप सिंह उर्फ करन (पुत्र बलदेव सिंह) निवासी गांव खैरदीन के, थाना झबाल, तरनतारन और बलजीत सिंह उर्फ संजू (पुत्र बलविंदर सिंह) निवासी मोहल्ला पुरानी बस्ती, थाना रूपाला (रमदास), अमृतसर के रूप में हुई है। इनमें से आरोपी करनदीप उर्फ करन एक शातिर और पेशेवर अपराधी है, जिस पर पहले से ही कत्ल की कोशिश और ड्रग्स तस्करी के केस दर्ज हैं।
जांच में यह भी सामने आया है कि इन दोनों आरोपियों को मलेशिया में बैठे एक और हैंडलर आकाशदीप @ गोल्डन (निवासी तरनतारन) ने इस आतंकी-गैंगस्टर मॉड्यूल के संपर्क में लाया था। पुलिस ने इनके पास से 02 जिंदा हैंड ग्रेनेड बरामद किए हैं। इस बेहद गंभीर बरामदगी के बाद अब दर्ज मामले (FIR No. 91) में विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की सख्त धाराएं 3, 4, 5 और बी.एन.एस. की धारा 317(2) भी जोड़ दी गई हैं।
अगर पकड़े गए आरोपी करनदीप सिंह के क्रिमिनल रिकॉर्ड की बात करें तो वह पुराना हिस्ट्रीशीटर है। उस पर थाना झबाल में साल 2021 के दौरान एफआईआर नंबर 75 के तहत धारा 307 (कत्ल की कोशिश), 353, 186, 148, 149 आईपीसी और 21/29 एनडीपीएस एक्ट के मामले दर्ज हैं। इसके अलावा साल 2022 में थाना सदर बटाला में एफआईआर नंबर 82 के तहत एनडीपीएस एक्ट (ड्रग्स तस्करी) का मामला दर्ज है।
पुलिस कमिश्नर ने कहा कि पहले हथियारों का जखीरा और अब 2 जिंदा हैंड ग्रेनेड मिलने से साफ है कि लुधियाना पुलिस ने इस इंटरनेशनल सिंडिकेट के शूटिंग मॉड्यूल और विस्फोटक लॉजिस्टिक्स चेन (सप्लाई लाइन) दोनों की कमर तोड़ दी है। इस नेटवर्क के बाकी बचे स्थानीय मददगारों और स्लीपर सेल्स की पहचान के लिए 'फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिंक्स' की गहराई से जांच की जा रही है। जल्द ही कई और चौंकाने वाले खुलासे होने की उम्मीद है।
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