पंजाब में साल भर से धूल फांक रहे केंद्र के भेजे 250 वैंटीलेटर

4/20/2021 12:56:19 PM

जालंधर/लुधियाना(विशेष): देश में कोरोना संक्रमण ने अब तक के सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। पिछले 24 घंटों में 213665 लाख से ज्यादा नए मरीज मिले हैं और 1289 से अधिक लोगों की जान इस महामारी की वजह से जा चुकी है। एक तरफ राज्यों में बैड, वैंटीलेटर, रेमडेसिविर और ऑक्सीजन की किल्लत बताई जा रही है तो दूसरी तरफ कुछ राज्यों में संसाधन बर्बाद हो रहे हैं।

कांग्रेस शासित पंजाब में 250 वैंटीलेटर एक साल से गोदाम में पड़े धूल फांक रहे हैं। उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष 20 मार्च को केंद्र सरकार ने राज्य में लगभग 30 करोड़ रुपए की लागत से 290 वैंटीलेटर भेजे थे, लेकिन राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने एक साल बाद भी इनका इस्तेमाल नहीं किया है। उसे गोदाम में बंद कर धूल जमने के लिए रखा गया है। इन वैंटीलेटरों को मैडीकल कॉलेजों या अन्य कोविड सैंटरों में भेजा जाना था, जहां पर लैवल-3 केयर प्रदान की जाती है। लैवल-3 केयर उन मरीजों को दी जाती है, जिन्हें दो या दो से अधिक ऑर्गन सपोर्ट या मैकेनिकल वैंटीलेशन की आवश्यकता होती है।  

24 घंटों में 4613 नए पॉजिटिव, 78 ने हारी जंग
बीते 24 घंटों में 4613 लोगों के कोरोना संक्रमित होने की पुष्टि के बाद पंजाब में इस महामारी से कुल पीड़ितों की संख्य 304655 हो गई है तथा 78 लोग एक दिन में कोरोना से जंग हार चुके हैं। सबसे ज्यादा मौतें सोमवार को लुधियाना में हुईं। लुधियाना में सोमवार को 14 लोगों की मौत की पुष्टि हुई, जिनमें 1-1 रोगी अमृतसर, कपूरथला, मोगा और बठिंडा से संबंधित था। इसी तरह अमृतसर में भी एक ही दिन में 12 लोगों की मौत हुई है। सोमवार को सबसे ज्यादा कोरोना संक्रमित मरीज मोहाली में 792 तथा लुधियाना में 758 मरीजों की पुष्टि हुई है। 

वैंटीलेटर चलाने के लिए ट्रेंड डॉक्टरों और स्टाफ की कमी
मैडीकल कॉलेजों या कोविड सैंटरों द्वारा कोई मांग नहीं करने का कारण यह था कि वैंटीलेटर पर रोगियों को कुशलता से मैनेज करने के लिए ट्रेंड डॉक्टरों और स्टाफ की कमी थी। इस बात का खुलासा पंजाब हैल्थ सिस्टम कॉर्पोरेशन के प्रबंध निदेशक तनु कश्यप ने एक बैठक में किया। यह भी बताया गया कि वे उन मामलों में वृद्धि देख रहे हैं जो राज्य के सरकारी मैडीकल कॉलेजों को वैंटीलेटर आबंटित करने की प्रक्रिया में थे।

मीडिया रिपोर्ट यह भी कहती है कि यह पहला मौका नहीं था जब राज्य के अस्पताल वैंटीलेटर का उपयोग करने में विफल रहे। पांच वर्ष पहले, 10 वैंटीलेटर सिविल अस्पताल, लुधियाना भेजे गए थे, लेकिन पांच वर्ष तक उनका इस्तेमाल नहीं किया गया। बाद में विवाद होने और महामारी के बढऩे पर एक स्थानीय निजी अस्पताल को वैंटीलेटर सौंपा गया। 

पंजाब की वर्तमान स्थिति
पंजाब के अस्पतालों में कोविड-19 के रोगियों की संख्या पिछले दो हफ्तों में दोगुनी हो गई है। कोविड-19 के लिए राज्य के नोडल अफसर डॉ. राजेश भास्कर ने जानकारी दी, ‘‘कोरोना संक्रमण के ताजा मामलों के बीच राज्य में धीरे-धीरे अस्पतालों में भर्ती बढ़ रही है। राज्य में सभी जिलों में लैवल-2 रोगियों के लिए पर्याप्त बैड उपलब्ध हैं। लैवल-3 एक प्रमुख चिंता का विषय है, क्योंकि इससे मृत्यु दर में वृद्धि हो सकती है। इसके अलावा, गंभीर लक्षण पैदा होने और जटिलताओं के बढऩे के बाद ही लैवल-3 में अस्पताल आते हैं। दूसरी लहर को संभालने के लिए हमारे पास पर्याप्त वैंटीलेटर, ऑक्सीजन की आपूर्ति और अन्य उपकरण हैं।’’ वर्तमान में जारी आंकड़ों के अनुसार वर्तमान में 2,520 (30 प्रतिशत) लैवल-2 बैड और 735 (35 प्रतिशत) लैवल-3 बैड विभिन्न अस्पतालों में तैयार हैं।

463 रोगी ऑक्सीजन सपोर्ट और 43 वैंटीलेटर पर
78 लोगों की बीते 24 घंटों में मौत के बाद भी 463 रोगी ऑक्सीजन सपोर्ट पर हैं तथा 43 रोगी वैंटीलेटर पर हैं। 

केंद्र का मदद का आश्वासन 
नए कोरोना वायरस मामलों में दैनिक वृद्धि के कारण, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने सबसे अधिक प्रभावित राज्यों को वैंटीलेटर की नई आपूर्ति का आश्वासन दिया। उन्होंने बताया कि 1,121 वैंटीलेटर महाराष्ट्र, 1,700 उत्तर प्रदेश, 1,500 झारखंड, 1,600 गुजरात, 152 मध्य प्रदेश और 230 छत्तीसगढ़ भेजे जाएंगे। 

मंत्री ने 11 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्रियों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक में कोविड-19 मामलों में वृद्धि को रोकने, नियंत्रित करने और मैनेज करने के लिए किए गए उपायों की समीक्षा करने के लिए राज्यों से अग्रिम योजना बनाने का आग्रह किया। उन्होंने राज्यों को सलाह दी कि वे मामलों में किसी भी तरह की वृद्धि से निपटने के लिए कोविड अस्पतालों, ऑक्सीजन युक्त बैड और अन्य प्रासंगिक बुनियादी ढांचे को बढ़ाएं।


Content Writer

Sunita sarangal

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