नतीजों के बाद पंजाब में नई सरकार के लिए चुनौती होंगे यह '6 B'

punjabkesari.in Sunday, Mar 06, 2022 - 01:47 PM (IST)

जालंधर : बी.बी.एम.बी., बी.एस.एफ., भुल्लर, बिक्रम सिंह मजीठिया, बंद और बांध सुरक्षा -अंग्रेजी के यह ‘बी’ अल्फाबेट के साथ शुरू होने वाले 6 शब्द हैं, जो पंजाब की राजनीति में पिछले कुछ दिनों में और ज्यादा चर्चा में हैं। 10 मार्च को राज्य को एक नई सरकार मिल जाएगी पर यह ‘6-बी’ सरकार की पीछा नहीं छोडेंगे। राज्य में मुख्यमंत्री के पद को लेकर रस्साकशी भी तेज होगी। मंत्रियों के पदों को लेकर भी खींचतान चलेगी पर शायद ही कोई दिन ऐसा होगा, जिस दिन ‘6-बी’ पर कोई चर्चा न हो। इन 6 मुद्दों को सरकार कैसे संभालती है, यह एक बड़ा सवाल होगा।

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पंजाब के केंद्र के साथ जुड़े कुछ मामले किसी भी गैर भाजपा सरकार के बनने पर चर्चा में रहेंगे। कुछ दिन पहले केंद्र सरकार ने एक आदेश जारी करके बी.बी.एम.बी. में पंजाब की दखलअंदाजी खत्म कर दी है। केंद्र ने राज्य में डैम की सुरक्षा के लिए तैनात पंजाब पुलिस को बाहर कर दिया है। यह 2 मुद्दे आने वाले दिनों में पंजाब की राजनीति का अहम हिस्सा बनेंगे। हो सकता है कि आने वाले दिनों में केंद्र द्वारा किसी एक -आधे और सरकारी विभाग से पंजाब को बाहर कर दिया जाए। पंजाब में केंद्र सरकार पहले ही बी.एस.एफ. का अधिकार क्षेत्र सरहद से 50 किलोमीटर के अंदर तक करने का आदेश जारी कर चुकी है।

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जहां तक बात बिक्रम सिंह मजीठिया की है तो पंजाब में आने वाली सरकार के लिए यह एक बड़ा मुद्दा होगा। कांग्रेस सरकार ने अपने आखिरी 111 दिनों में बिक्रम मजीठिया विरुद्ध ड्रग्स मामले में पर्चा दर्ज किया है। मजीठिया अब जेल में हैं। आने वाली सरकार इस मामले को लेकर कैसे चलती है, यह भविष्य की गर्भ में है। कांग्रेस ने पर्चा तो दर्ज कर दिया पर मामले की पैरवी ठीक ढंग के साथ करनी जरूरी है। अगर पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार बनती है तो उसके लिए भी यह मुद्दा बहुत अहम है। ड्रग्स के मामले में आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल मजीठिया से माफी मांग चुके हैं। अगर राज्य में अकाली दल की सरकार बनती है तो स्पष्ट है कि यह केस किस तरफ जाएगा। मजीठिया के साथ ही पंजाब में दविंदर सिंह भुल्लर का मामला भी चर्चा में है। 1993 में दिल्ली में हुए बम धमाके में फांसी की सजा मिलने के बाद भुल्लर अभी भी जेल में है। उसकी मानसिक हालत को देखते हुए सजा को उम्र कैद में बदल दिया गया था। भुल्लर 24 साल की सजा काट चुका है पर अभी तक उसकी रिहाई नहीं हुई। यह मुद्दा भी आने वाली सरकार के लिए गंभीर होगा।

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जहां तक बात ‘बंद’ की है तो नेता राकेश टिकैत किसानों के साथ किए वादों को पूरा न करने की हालत में बंद और आंदोलन फिर से शुरू करने की चेतावनी दे चुके हैं। केंद्र के साथ जुड़े इस मसले को आने वाली नई पंजाब सरकार किस तरह पूरा करती है, यह एक बहुत बड़ा मामला है। बेशक गैर भाजपा सरकार बनने पर इस मामले को उछाला जा सकता है और राज्य में किसानों को एक बार फिर से दिल्ली की तरफ कूच करवाया जा सकता है।

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News Editor

Kalash

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