दिल झंझोड़ने वाली घटना, गांव के शमशानघाट में संस्कार के लिए ही नहीं मिली जगह
punjabkesari.in Tuesday, Jan 20, 2026 - 03:50 PM (IST)
मोहाली (रणबीर): जब जीवन की अंतिम यात्रा भी सम्मान के साथ पूरी न हो सके, तो यह न केवल एक परिवार का दुख होता है, बल्कि पूरे समाज की संवेदनशीलता पर भी बड़ा सवाल खड़ा करता है। मोहाली जिले के गांव बरमाजरा में सोमवार को ऐसी ही एक दर्दनाक घटना सामने आई। यहां 40 वर्षीय मलारा सिंह की मौत के बाद उन्हें अपने ही पैतृक गांव के श्मशान घाट में अंतिम संस्कार के लिए जगह नहीं मिल सकी।
पंचायती जमीन पर करना पड़ा अंतिम संस्कार
मलारा सिंह के परिवार ने पहले बलौंगी श्मशान घाट से संपर्क किया, जहां सोमवार सुबह से शाम तक 14 शवों के अंतिम संस्कार पहले से ही तय थे। मजबूरी में परिवार गांव के पुराने श्मशान घाट पहुंचा, लेकिन वहां हालात और भी बदतर मिले। करीब एक किला खुली जमीन को आसपास की कॉलोनियों में रहने वाले प्रवासी लोगों ने गंदे पानी के निकास के लिए इस्तेमाल कर लिया था। वहां गंदगी का अंबार लगा हुआ था और बदबू इतनी थी कि शेड के पास जाना भी मुश्किल हो रहा था। इसके बाद मृतक का अंतिम संस्कार गांव की पंचायती खुली जमीन पर किया गया, जो रिहायशी इलाके से सटी हुई है। पास की झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले प्रवासी परिवारों ने शुरुआत में इसका विरोध भी किया, लेकिन मौके पर मौजूद सम्मानित लोगों ने मजबूरी समझाते हुए अनुमति दिलवाई। यह पूरा दृश्य बेहद दुखद था, जब एक परिवार अपने प्रिय को अंतिम विदाई देने के लिए बार-बार जगह तलाशता रहा।
अपने ही गांव में नहीं मिली जगह: नंबरदार
इस मामले में गांव के नंबरदार अवतार सिंह ने गहरा दुख जताते हुए कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि गांव के निवासी का अपने पुरखों द्वारा उपयोग किए जा रहे श्मशान घाट में भी अंतिम संस्कार नहीं हो सका। यह केवल प्रशासन की विफलता नहीं, बल्कि हमारी सामूहिक संवेदनशीलता पर भी सवाल है। उन्होंने बताया कि पुराना श्मशान घाट अब नई कॉलोनियों के कारण प्रभावित हो चुका है। लोग अक्सर बलौंगी जाते रहे हैं, लेकिन जब वहां भी जगह नहीं मिली तो हालात बिगड़ गए।
ग्रामीणों की मांग: तुरंत सफाई और बाउंड्री वॉल बने
ग्रामीणों ने सरकार से मांग की है कि श्मशान घाट की लगभग एक किला जमीन पर बाउंड्री वॉल करवाई जाए। नियमित सफाई और रखरखाव की व्यवस्था की जाए तथा अनुदान जारी कर बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने चेतावनी दी कि समय रहते कदम न उठाए गए तो भविष्य में और भी गंभीर समस्याएं पैदा हो सकती हैं।
डीसी ने दिया आश्वासन, होगी कार्रवाई
मोहाली जिले की डीसी कोमल मित्तल ने कहा कि मंगलवार को ही बीडीपीओ को रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए गए हैं। जो भी आवश्यक कार्रवाई होगी, उसे हर हाल में अमल में लाया जाएगा।
अंतिम संस्कार केवल रस्म नहीं, सम्मान का विषय
यह घटना हमें याद दिलाती है कि अंतिम संस्कार सिर्फ एक रस्म नहीं, बल्कि सम्मान का विषय है। एक व्यक्ति को जीवन के अंत में भी वही सम्मान मिलना चाहिए, जिसका वह अपने जीवनकाल में हकदार रहा हो। क्या हम अपने समाज को ऐसी पीड़ाओं से बचा पाएंगे? यह सवाल हम सभी के सामने है।

