कनाडा जाने का सपना देख रहे पंजाबी युवाओं को बड़ा झटका? नई इमीग्रेशन नीति से बढ़ी चिंता
punjabkesari.in Saturday, Sep 05, 2026 - 05:40 PM (IST)
पंजाब डैस्क : कनाडा में पढ़ाई और नौकरी के लिए जाने वाले पंजाब के युवाओं की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। बताया जा रहा है कि कनाडा सरकार ने देश में अस्थायी निवासियों की संख्या कम करने की दिशा में अपनी नीति को सख्त कर दिया है। सरकार का लक्ष्य 2027 तक कुल आबादी में गैर-स्थायी निवासियों की हिस्सेदारी को 5 प्रतिशत से नीचे लाना है। इस फैसले का सीधा असर उन भारतीयों पर पड़ सकता है जो स्टडी परमिट या वर्क परमिट के आधार पर कनाडा में रह रहे हैं। पंजाब से बड़ी संख्या में युवा पढ़ाई और रोजगार के लिए कनाडा जाते हैं, ऐसे में नई नीति को लेकर उनमें चिंता बढ़ना स्वाभाविक है।
वर्क परमिट खत्म हुआ तो क्या होगा?
सबसे बड़ी चिंता उन युवाओं को लेकर है जिनका वर्क परमिट जल्द समाप्त होने वाला है। यदि परमिट की अवधि खत्म होने से पहले उसके विस्तार के लिए आवेदन कर दिया गया है, तो आवेदन पर निर्णय आने तक व्यक्ति कनाडा में रह सकता है।
हालांकि, बिना वैध इमीग्रेशन स्टेटस के कनाडा में रहना कानूनी कार्रवाई का कारण बन सकता है। ऐसे में युवाओं के लिए अपने इमीग्रेशन स्टेटस और परमिट की अवधि पर नजर रखना बेहद जरूरी हो गया है।
क्यों लिया कनाडा ने यह फैसला?
कनाडा सरकार अस्थायी आबादी को ऐसे स्तर पर लाना चाहती है जिसे लंबे समय तक बनाए रखा जा सके। आवास, स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य सार्वजनिक सुविधाओं पर बढ़ते दबाव को भी इस नीति में बदलाव की बड़ी वजह माना जा रहा है।
अब सवाल यह है कि आने वाले समय में कनाडा की सख्त इमीग्रेशन नीति पंजाब के उन हजारों युवाओं के भविष्य को कितना प्रभावित करेगी, जो बेहतर शिक्षा और रोजगार की उम्मीद में वहां पहुंचे हैं।

