अपनी ही पार्टी से खफा हुए AAP विधायक, LIVE कैमरे पर हुए भावुक
punjabkesari.in Saturday, Oct 03, 2026 - 07:25 PM (IST)
बठिंडा (विजय वर्मा)। आम आदमी पार्टी के विधायक सुखबीर सिंह मैसरखाना ने लाइव होकर दिए एक भावुक बयान में अपनी ही पार्टी के प्रति नाराजगी खुलकर जाहिर की। बयान के दौरान वह कई बार भावुक हुए और रोते हुए कहा कि उनके साथ लगातार धक्का किया जा रहा है और आखिर वह कितना कुछ बर्दाश्त करें।
सुखबीर मैसरखाना ने कहा कि उन्होंने हमेशा पार्टी और लोगों के लिए ईमानदारी से काम किया है। उन्होंने कहा कि टिकट मिले या न मिले, इसकी उन्हें कोई चिंता नहीं है, लेकिन लोगों के मुद्दों को नजरअंदाज करना उनके लिए स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि वह राजनीति में लोगों के हकों के लिए लड़ने आए हैं और आगे भी लोगों के लिए लड़ते रहेंगे।
सरकारी स्कूलों की खराब स्थिति का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि उन्होंने कई बार सरकार और पार्टी के नेताओं के ध्यान में सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी का मुद्दा उठाया है। उन्होंने कहा कि बुर्ज सेमा वाला सहित अन्य स्कूलों में शिक्षकों की रिक्तियां भरने की मांग वह लगातार करते आ रहे हैं। उन्होंने सवाल किया कि यदि स्कूलों में शिक्षक ही नहीं होंगे तो बच्चों की पढ़ाई और उनके भविष्य का क्या होगा?
भावुक होते हुए उन्होंने कहा कि वह अपने बच्चों के भविष्य को लेकर भी चिंतित हैं। उन्होंने बताया कि स्कूलों की समस्याओं को लेकर उन्होंने मुख्यमंत्री सहित कई स्तरों पर बात की, लेकिन समस्याओं का पूरी तरह समाधान नहीं हो सका। विधायक ने कहा कि उन्होंने पार्टी के प्रति हमेशा वफादारी निभाई और हर मुश्किल समय में पार्टी के साथ खड़े रहे। उन्होंने कहा कि चुनावों के दौरान भी उनके सामने कई तरह की परिस्थितियां बनीं, लेकिन उन्होंने इसके बावजूद पार्टी के खिलाफ खुलकर कुछ नहीं कहा और चुप रहे।
उन्होंने कहा कि हर मोड़ पर उन्हें पीछे किया गया और कई बार उन्हें ऐसा महसूस हुआ कि उन्हें राजनीतिक रूप से अकेला छोड़ा जा रहा है। भावुक आवाज में उन्होंने सवाल किया, “मैंने पार्टी के लिए क्या गलत किया है? मेरे साथ यह सब क्यों हो रहा है?”
पार्टी के भीतर अपने साथ हुए व्यवहार पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि यदि उनसे कोई गलती हुई है तो उन्हें बताई जाए। उन्होंने कहा कि वह हर तरह की जांच या कार्रवाई का सामना करने के लिए तैयार हैं, लेकिन उन्हें यह बताया जाए कि उनकी गलती क्या है।
सुखबीर मैसरखाना ने कहा कि उनका मुख्य मुद्दा स्कूलों का है। उन्होंने बताया कि एक स्कूल की समस्या उनकी कोशिशों से हल हुई, लेकिन अन्य स्कूलों में अभी भी शिक्षकों की कमी और दूसरी समस्याएं मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि वह इन मुद्दों को लेकर लगातार आवाज उठाते रहेंगे।
उन्होंने कहा कि यदि लोगों ने उन्हें चुनकर विधानसभा में भेजा है तो उनकी जिम्मेदारी बनती है कि वह लोगों के दुख-दर्द में उनके साथ खड़े हों। भावुक होते हुए उन्होंने कहा, “अगर मैं लोगों के पीछे नहीं खड़ा होता तो फिर मेरे यहां होने का क्या फायदा?”
गांव करैल की सरपंची चुनाव से जुड़े मामले का जिक्र करते हुए उन्होंने दोबारा मतगणना करवाने की मांग भी की। उन्होंने कहा कि जहां लोगों को इंसाफ की उम्मीद है, वहां प्रशासन को निष्पक्ष तरीके से मामले का समाधान करना चाहिए। विधायक का यह भावुक बयान सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है। उनके बयान के बाद पार्टी के भीतर उनकी नाराजगी को लेकर भी राजनीतिक हलकों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।

