बीच सड़क फंसी बेटी, ACP पिता का दो टूक जवाब—नियम तोड़ा है तो... जमकर हो रही तारीफ
punjabkesari.in Saturday, Mar 28, 2026 - 10:13 AM (IST)
लुधियाना (राज): खाकी की हनक और रसूख के दौर में जब लोग छोटी-छोटी सिफारिशों के लिए फोन घुमाने लगते हैं, वहीं लुधियाना के असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस (ACP) गुरदेव सिंह ने ईमानदारी और अनुशासन की एक ऐसी मिसाल पेश की है, जिसकी गूंज अब पूरे पंजाब में सुनाई दे रही है। उन्होंने अपनी ही बेटी को 'खास' समझने के बजाय एक आम नागरिक की तरह कानून का पाठ पढ़ाया और साफ कह दिया कि वर्दी का रुतबा घर की दहलीज के बाहर ही रहता है।
यह दिलचस्प और सबक देने वाला वाकया उस वक्त सामने आया जब खालसा कॉलेज में जिले के प्रिंसिपलों का एक बड़ा सम्मेलन चल रहा था। मंच पर मौजूद एसीपी गुरदेव सिंह बच्चों को आत्मनिर्भर और जिम्मेदार बनाने पर चर्चा कर रहे थे। इसी दौरान उन्होंने अपनी निजी जिंदगी का वो किस्सा साझा किया जिसे सुनकर हॉल में मौजूद हर शख्स दंग रह गया।
एसीपी ने बताया कि कुछ समय पहले उनकी बेटी ने ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन किया, जिसके बाद ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों ने उसकी गाड़ी को टो कर लिया। घबराई हुई बेटी ने तुरंत पिता को फोन लगाया, यह सोचकर कि पिता की एक डांट या एक सिफारिश उसकी गाड़ी छुड़ा देगी। लेकिन जवाब वो मिला जिसकी उसने उम्मीद नहीं की थी। एसीपी गुरदेव सिंह ने दो टूक शब्दों में कहा, "इसमें मेरा कोई रोल नहीं है। तुमने नियम तोड़ा है, तो इसे खुद ही मैनेज करो।" इतना ही नहीं, उन्होंने बेटी को सख्त हिदायत दी कि वह चालान की राशि अपनी पॉकेट मनी से भरे ताकि उसे कानून की अहमियत और अपनी गलती का अहसास हो।
उन्होंने साफ कर दिया कि कानून की नजर में अफसर की बेटी और एक आम नागरिक के बीच कोई फर्क नहीं होता। सम्मेलन में मौजूद हर किसी छात्र ने इस भावुक और प्रेरणादायक पल का वीडियो बना लिया, जो अब सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहा है। लोग एसीपी साहब के इस फैसले की जमकर तारीफ कर रहे हैं। पंजाब केसरी की यह खबर उन सभी के लिए एक कड़ा संदेश है जो रसूख के दम पर नियमों को अपनी जेब में रखने की कोशिश करते हैं।
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