बोरवेल हादसे के बाद में एक्शन में प्रशासन, सख्त दिशा निर्देश किए जारी

punjabkesari.in Tuesday, May 24, 2022 - 02:15 PM (IST)

कपूरथला (महाजन): डिप्टी कमिशनर कम-जिला मेजिस्ट्रेट विशेष सारंगल द्वारा बोरवेल की खुदाई एवं मरम्मत के संबंध में सख्त दिशा निर्देश जारी किये गये हैं. दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 की धारा 144 के तहत उन्हें निहित शक्तियों का उपयोग करते हुए जिला मजिस्ट्रेट द्वारा आदेश जारी किए गए हैं। कपूरथला जिले की सीमा के भीतर ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में बोरवेल, नलकूपों की खुदाई एवं मरम्मत के लिए जारी आदेशानुसार भू-स्वामियों एवं संबंधित विभागों, भू-स्वामियों को कुएँ/बोरवेल खोदने से पूर्व जिला कलेक्टर , संबंधित सरपंच, ग्राम पंचायत, नगर परिषद लोक स्वास्थ्य विभाग, भूमि रक्षा विभाग (भूजल) को 15 दिन पहले सूचित करेगी।

उन्होंने कहा कि बोरवेल या कुओं में गिरने कारण होने वाले जानी नुक्सान के मद्देनजर यह भी जरूरी किया गया है कि कुआं/बोरवैल्ल खोदने या मुरम्मत करने वाली सभी एजेंसियां जैसे कि सरकारी/अर्द्ध सरकारी, प्राईवेट आदि की रजिस्ट्रेशन होनी जरूरी है। इसके अलावा कुआं/बोरवैल खोदने या मुरम्मत वाली जगह पर ड्रिलिंग एजेंसी का अन्य कुआं खोदे जाने वाले मालिक का पूरे पते वाला साइन बोर्ड लगवाया जाए और उस साइन बोर्ड और ड्रिलिंग एजेंसी का रजिस्ट्रेशन नंबर भी लिखा हो। बोरवेल्ल के आसपास कंटीली तार और इसको स्टील प्लेट के ढक्कन के साथ नट-बोल्ट बंद करके कवर करके रखा जाएगा और कुआं/बोर का ढक्कन केसिंग पाईप के साथ नट-बोलटों के साथ फिक्स होना चाहिए।


जारी आदेशों के अनुसार कुएं के चारों ओर सीमेंट/कंक्रीट का प्लेटफॉर्म/बोरवेल अवश्य बनाया जाए। कुएं/बोरवेल की खुदाई या मरम्मत के बाद यदि कोई रिक्ति हो तो उसमें मिट्टी भर दें और उसे किसी भी हाल में खुला न छोड़ें। क्षतिग्रस्त कुएं को नीचे से ऊपर तक मिट्टी, पत्थर, कंक्रीट आदि से अच्छी तरह से भरा जाना चाहिए। किसी भी व्यक्ति को कुआं/बोरवेल खोदने या मुरम्मत करने के लिए जल आपूर्ति एवं स्वच्छता विभाग की लिखित स्वीकृति आवश्यक है और उनके पर्यवेक्षण के बिना कोई भी कार्य नहीं किया जाएगा। मुरम्मत के दौरान कुएं/बोरवेल को खुला नहीं छोड़ा जाएगा।

उन्होंने स्पष्ट किया कि ग्रामीण क्षेत्रों में सरपंच और कृषि विभाग के अधिकारी और शहरी क्षेत्रों में जन स्वास्थ्य विभाग, भूजल, नगर परिषदों के कनिष्ठ अभियंता और कार्यकारी अधिकारी अपने-अपने अधिकार क्षेत्र की मासिक रिपोर्ट तैयार करेंगे.कितने नए बोरवेल / कुएं आदि खोदे गए हैं. उनके क्षेत्र में कितनों की मरम्मत की गई है, कितनों का उपयोग किया जा रहा है, कितनों को भरा गया है।

इन विभागों की तरफ से अपने-अपने क्षेत्र की उक्त रिपोर्ट की एक कापी अपने दफ्तर में रिकार्ड के तौर पर रखी जाएगी और एक कापी हर महीने अधिक डिप्टी कमिश्नर (शहरी विकास), कपूरथला और अधिक डिप्टी कमिश्नर (विकास), कपूरथला को भेजी जाएगी। यह आदेश तारीख 23 मई से 21 जुलाई 2022 तक लागू रहेगा। इन आदेशों का उल्लंघन करने वाले व्यक्ति/ड्रिलिंग एजेंसी के मालिक खिलाफ कानूनी कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। 

अपने शहर की खबरें Whatsapp पर पढ़ने के लिए Click Here

पंजाब की खबरें Instagram पर पढ़ने के लिए हमें Join करें Click Here

अपने शहर की और खबरें जानने के लिए Like करें हमारा Facebook Page Click Here


सबसे ज्यादा पढ़े गए

News Editor

Urmila

Related News

Recommended News