पंजाब में हजारों लोगों के बैंक अकाउंट फ्रीज, पढ़ें क्या है पूरी खबर

punjabkesari.in Saturday, Jun 27, 2026 - 12:25 PM (IST)

चंडीगढ़/जालंधर (अंकुर, धवन): पंजाब पुलिस की स्टेट साइबर क्राइम डिवीजन ने साइबर अपराधियों के खिलाफ अपनी मुहिम को तेज कर दिया है। पंजाब पुलिस के  डायरेक्टर जनरल (DGP) ने बताया कि पिछले एक साल के दौरान पंजाब पुलिस ने साइबर ठगी से जुड़े 63,749 बैंक खातों को फ्रीज किया है, जिनमें करीब 540.34 करोड़ रुपये का लेन-देन शामिल था। साल 2024 से अब तक करीब 64 करोड़ रुपये बरामद कर पीड़ितों को लौटाए जा चुके हैं, जिसमें 1 जनवरी, 2025 से अब तक हुई 38.42 करोड़ रुपये की रिकवरी भी शामिल है। इस दौरान पूरे राज्य में साइबर क्राइम के 62,253 मामले दर्ज किए गए। पिछले वित्त वर्ष में साइबर ठगी के पैसे फ्रीज करने का सक्सेस रेट 16.13 परसेंट से बढ़कर 23.43 परसेंट हो गया है, जो वित्त रिकवरी में काफी सुधार दिखाता है।

जांच के दौरान साइबर अपराधियों के काम करने के तरीके, फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन की चेन और अलग-अलग राज्यों में फैले उनके नेटवर्क की पहचान करने में बड़ी कामयाबी मिली है। जिलों की बात करें तो जालंधर कमिश्नरेट में सबसे ज्यादा 16,032 बैंक अकाउंट फ्रीज किए गए, जिससे 6.81 करोड़ रुपये की रिकवरी हुई। कपूरथला में 7,344 अकाउंट फ्रीज कर 2.56 करोड़ रुपये की रिकवरी हुई, होशियारपुर में 7,201 अकाउंट फ्रीज किए गए, जिससे 3.96 करोड़ रुपये की रिकवरी हुई, जबकि फिरोजपुर में 6,930 अकाउंट फ्रीज किए गए, जिससे 93.16 लाख रुपये की रिकवरी हुई। इसी तरह तरनतारन में 5,229 अकाउंट फ्रीज करके 6.97 करोड़ रुपये, जालंधर रूरल में 4,475 अकाउंट फ्रीज करके 55.94 लाख रुपये रिकवर किए गए। इसके अलावा संगरूर में 1,760 और फतेहगढ़ साहिब में 2,685 बैंक अकाउंट फ्रीज किए गए।

उन्होंने बताया कि स्टेट साइबर क्राइम डिवीजन ने कनाडा में रहने वाले एक पंजाबी व्यक्ति के साथ हुई साइबर ब्लैकमेलिंग का मामला भी सुलझा लिया है। आरोपी ने ‘ऑनलाइन अरदास’ के बहाने सोशल मीडिया के जरिए पीड़ित से संपर्क किया, उसका पर्सनल वीडियो हासिल कर और उसे सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर उसे ब्लैकमेल किया। स्पेशल D.G.P. (साइबर क्राइम) वी. नीरजा ने बताया कि साइबर ठग गैंग के खिलाफ कार्रवाई करने के साथ-साथ विभाग लोगों को ठगों के जाल से बचने के लिए जागरूक भी कर रहा है। खासकर युवाओं को फेक ऑनलाइन ग्रूमिंग, साइबरबुलिंग, सेक्सटॉर्शन, फेक ऑनलाइन दोस्ती और गेमिंग प्लेटफॉर्म के जरिए पर्सनल जानकारी शेयर करने के खतरों के बारे में जागरूक किया जा रहा है।

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News Editor

Kalash

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