बरनाला: पूर्व पार्षद सुसाइड केस में मृतक के भाई का 3 बजे तक का अल्टीमेटम, कहा- इंसाफ नहीं मिला तो...
punjabkesari.in Monday, Jun 15, 2026 - 12:46 PM (IST)
बरनाला (विवेक सिंधवानी/रवि): जब कोई इंसान अपने भाई की लाश को सड़क पर रखने की धमकी देने के लिए मजबूर हो जाए, तो समझ लीजिए कि इंसाफ का सिस्टम किस हद तक गिर चुका है। बरनाला शहर में आज कुछ ऐसा ही मंजर सामने आया, जिसने सबकी आत्मा को झकझोर कर रख दिया। नगर काउंसिल बरनाला के पूर्व पार्षद जग्गा सिंह, जिन्होंने आज तड़के करीब 2 बजे अपने घर की छत पर पंखे से फंदा लगाकर जिंदगी का अंत कर लिया और मरने से पहले सुसाइड नोट में दो कॉलोनाइजरों को अपनी मौत का जिम्मेदार ठहराया था। उनके भाई मलकीत सिंह मीता ठेकेदार ने आज एक ऐसा ऐलान किया जिसने पूरे बरनाला को हिला कर रख दिया।
अल्टीमेटम - 3 बजे तक मामला दर्ज करो, नहीं तो...
मलकीत सिंह मीता ने दो-टूक ऐलान किया कि अगर दोपहर 3 बजे तक सुसाइड नोट के आधार पर आरोपी कॉलोनाइजरों के खिलाफ पुलिस मामला (एफआईआर) दर्ज नहीं करती है, तो वह अपने दोस्तों, मित्रों और समर्थकों के साथ थाना सिटी बरनाला का घेराव करेंगे। इससे भी बढ़कर, उन्होंने कहा कि जग्गा सिंह की लाश को थाने के सामने रखकर मामला दर्ज होने तक प्रदर्शन जारी रखा जाएगा। मृतक के घर में उस समय सैकड़ों की तादाद में लोग मौजूद थे और सभी ने एक सुर में इस ऐलान का समर्थन किया।
राजनीतिक दल भी आए साथ
इस मामले में सबसे अहम बात यह रही कि विभिन्न राजनीतिक दलों ने अपनी दलीय सीमाओं से ऊपर उठकर परिवार की मांग का साथ दिया। ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष महेश कुमार लोटा, भाजपा के जिला महासचिव नरेंद्र गर्ग नीटा और शिरोमणि अकाली दल के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष संजीव शोरी समेत सैकड़ों लोग मृतक के घर पहुंचे और परिवार की मांग को जायज ठहराया। कांग्रेस, भाजपा और अकाली दल का एक ही मंच से एक ही मुद्दे पर इकट्ठा होना अपने आप में इस मामले की गंभीरता का सबूत है।
सवाल जो हर मन में उठ रहा है
एक इंसान पूरे एक साल तक अपने पैसों के लिए भटकता रहा, मिन्नतें करता रहा, लेकिन किसी ने नहीं सुनी। आखिरकार उसने कलम उठाई, दोषियों के नाम लिखे और जिंदगी को अलविदा कह दिया।
अपने शहर की खबरें Whatsapp पर पढ़ने के लिए Click Here


