बरनाला में शराब ठेकों पर फिर हमला, कर्मचारी पर तेजधार हथियार से वार; ठेकेदारों में दहशत

punjabkesari.in Thursday, May 28, 2026 - 02:45 PM (IST)

बरनाला(विवेक सिंधवानी, रवि): बरनाला में शराब के ठेकों से जुड़ी हिंसक घटनाओं का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। कुछ समय पहले शहर में अज्ञात व्यक्तियों द्वारा सिलसिलेवार (एक के बाद एक) शराब के ठेकों में लूटपाट की गई थी। वह मामला अभी तक पुलिस से सुलझ नहीं पाया है और आरोपी अभी भी फरार हैं। अब इसी कड़ी में अनाज मंडी धनौला के नजदीक शराब ठेकेदारों के एक कर्मचारी पर तेजधार हथियार से हमला करके उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया गया। इन लगातार हो रही घटनाओं ने एक अहम सवाल खड़ा कर दिया है — क्या यह किसी संगठित गिरोह की करतूत है और पुलिस इसे रोकने में क्यों नाकाम साबित हो रही है?

पिछली लूटपाट का मामला अभी तक अनसुलझा
जानकारी के अनुसार कुछ समय पहले बरनाला शहर में अज्ञात व्यक्तियों ने एक के बाद एक कई शराब के ठेकों पर सिलसिलेवार लूटपाट की वारदातों को अंजाम दिया था। इन घटनाओं ने उस समय भी शहर में सनसनी फैला दी थी और पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। लेकिन हैरानी की बात यह है कि इतना लंबा समय बीत जाने के बाद भी वह मामला सुलझ नहीं सका है; न तो कोई गिरफ्तारी हुई है और ना ही लूटी गई रकम बरामद की जा सकी है। इस अनसुलझे मामले ने आरोपियों के हौसले और बुलंद कर दिए हैं।

ठेकेदारों में डर का माहौल
शराब ठेकेदार के सुरिंदर गर्ग के जी.एम. (जनरल मैनेजर) ने कहा कि दूसरे स्टेशनों (राज्यों/इलाकों) से लोग सरेआम अवैध शराब बेच रहे हैं, जिन पर नकेल कसना बेहद जरूरी है। शराब के ठेकेदार करोड़ों रुपये लगाकर कानूनी रूप से कारोबार करते हैं और इस अवैध धंधे के कारण उन्हें बहुत भारी वित्तीय नुकसान झेलना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि पहले सिलसिलेवार लूटपाट हुई और अब कर्मचारियों पर जानलेवा हमले हो रहे हैं। हालात इतने खराब हैं कि सरकार की मासिक किस्तें तक नहीं भरी जा रही हैं। उन्होंने सरकार से मांग की कि इस अवैध धंधे और अपराध से जुड़े अपराधियों को सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए।

पुलिस सुरक्षा और मुस्तैदी पर उठे सवाल
सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि जब पिछली सिलसिलेवार लूटपाट का मामला अनसुलझा ही था, तो पुलिस ने ठेकों के आस-पास सतर्कता और निगरानी क्यों नहीं बढ़ाई? जब एक बार किसी स्थान पर अपराध होता है, तो पुलिस की जिम्मेदारी बनती है कि उस इलाके में विशेष गश्त (पेट्रोलिंग) की जाए। लेकिन ऐसा न होने के कारण ही अपराधियों ने दोबारा हमला करने की हिम्मत जुटाई। दूसरी ओर, थाना धनौला के एस.एच.ओ. गुरविंदर सिंह ने कहा कि घायल मोहनजीत सिंह के बयान दर्ज करके अगली कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।

संगठित गिरोह की आशंका
शराब के ठेकों पर बार-बार हो रही इन वारदातों को देखते हुए यह शक गहराता जा रहा है कि इसके पीछे कोई बड़ा संगठित गिरोह काम कर रहा है। जिस तरह पहले सिलसिलेवार ढंग से लूटपाट की गई और अब कर्मचारी पर सुनियोजित हमला हुआ, यह किसी एक व्यक्ति का काम नहीं लगता। पुलिस को इस एंगल से भी गहनता से जांच करनी चाहिए। शहर वासियों और ठेकेदारों की मांग है कि पुलिस पहले हुई सिलसिलेवार लूटपाट और इस ताजा हमले, दोनों मामलों को एक ही कड़ी से जोड़कर जांच करे और दोषियों को जल्द से जल्द सलाखों के पीछे भेजकर सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करे।


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Writer

Vatika

Related News