पंजाब में भर्ती घोटाले पर भगवंत मान सरकार बेनकाब, "ईमानदारी" का ढोंग तार-तार: तरुण चुघ

punjabkesari.in Friday, Aug 14, 2026 - 12:32 PM (IST)

अमृतसर/चंडीगढ़: भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री श्री तरुण चुघ ने पंजाब में सरकारी भर्तियों में हो रही लगातार गड़बड़ियों को लेकर भगवंत मान सरकार पर करारा प्रहार किया है। उन्होंने कहा कि "ईमानदारी और बदलाव" के नारे पर सत्ता में आई AAP सरकार आज पंजाब के युवाओं के साथ सबसे बड़ा धोखा कर रही है।

चुघ ने कहा कि पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट को खुद हस्तक्षेप कर पंजाब स्टेट रूरल लाइवलीहुड्स मिशन (PSRLM) की 248 पदों वाली भर्ती में से 85 पदों की चयन प्रक्रिया रोकनी पड़ी। 12 अगस्त को न्यायमूर्ति संदीप मोंदगिल ने अंकों के आवंटन में साफ अनियमितताएं पकड़ीं — शैक्षणिक योग्यता और अनुभव के 20 अंकों का हिसाब तक सरकार अदालत के सामने पेश नहीं कर पाई। सुनवाई अब 2 सितंबर को होगी। उन्होंने कहा कि यह कोई इक्का-दुक्का मामला नहीं, बल्कि AAP सरकार की भर्ती व्यवस्था में जड़ तक फैला भ्रष्टाचार और कुप्रबंधन है। इससे पहले 10 अगस्त को हाईकोर्ट ने 454 फार्मेसी ऑफिसर/फार्मासिस्ट पदों की भर्ती पर भी रोक लगाई, जो 19 जुलाई की परीक्षा में संगठित और हाईटेक नकल के गंभीर आरोपों से घिरी है , जिसका भंडाफोड़ खुद पंजाब पुलिस ने अंतरराज्यीय चीटिंग रैकेट के रूप में किया। सुनवाई 17 सितंबर को है।

चुघ ने कहा, "जिस सरकार को हर परीक्षा में नकल रैकेट और हर भर्ती में गड़बड़ी के लिए कोर्ट के डंडे की जरूरत पड़े, उसे 'ईमानदार सरकार' कहना पंजाब के युवाओं के जख्मों पर नमक छिड़कने जैसा है। भगवंत मान जी बताएं — क्या यही वह 'गारंटी' थी जो पंजाब को दी गई थी?" उन्होंने कहा कि पंजाब के लाखों युवा वर्षों तक मेहनत कर सरकारी नौकरी की तैयारी करते हैं, और बदले में उन्हें भ्रष्ट, अपारदर्शी और अदालत में बार-बार बेनकाब होने वाली भर्ती प्रक्रियाएं मिलती हैं। श्री चुघ ने मांग की कि भगवंत मान सरकार तुरंत श्वेत पत्र जारी कर बताए कि पिछले चार वर्षों में कितनी भर्तियां अदालतों में विवादित हुईं, और दोषी अधिकारियों-नेताओं पर अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई। भारतीय जनता पार्टी ने स्पष्ट किया कि यदि AAP सरकार ने तत्काल पारदर्शी जांच और जवाबदेही सुनिश्चित नहीं की, तो पार्टी पंजाब के युवाओं के  दर्द  की आवाज़ बनकर सड़क से लेकर सदन तक इस मुद्दे को उठाएगी।


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Writer

Vatika

Related News