PGI के लाखों मरीजों के लिए बड़ी राहत, अब रिपोर्ट के लिए बार-बार अस्पताल आने की जरूरत नहीं
punjabkesari.in Saturday, Jul 04, 2026 - 01:38 PM (IST)
चंडीगढ़ (शीना): पी.जी.आई. में हर दिन 10 हजार से ज्यादा मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। साल 2025 के दौरान पी.जी.आई. की ओ.पी.डी. में 28.58 लाख से ज्यादा मरीजों ने इलाज करवाया। इस वजह से हॉस्पिटल पर दबाव लगातार बढ़ रहा है। इस चुनौती से निपटने के लिए पी.जी.आई. की टेलीमेडिसिन सर्विस मरीजों के लिए बड़ी राहत बनकर सामने आई है। इस सर्विस के जरिए 2 लाख सेहत सेवाओं के बारे में पूछताछ की जा रही है और इससे लोगों को मदद मिल रही है और अब 4 लाख से ज्यादा लोगों को हेल्थ सलाह दी जा रही है, जो पिछले कुछ सालों की तुलना में लगभग दोगुनी है। पी.जी.आई. के टेलीमेडिसिन डिपार्टमेंट के डॉ. अमित अग्रवाल ने कहा कि पहली बार डॉक्टर से मिलने के बाद फॉलो-अप के लिए हर बार अस्पताल आने की जरूरत नहीं होगी।
जांच और मेडिकल सलाह ऑनलाइन दी जाएगी, जिससे मरीजों का समय, आने-जाने और खर्च बचेगा। उन्होंने कहा कि पी.जी.आई. और एम्ज जैसे बड़े सरकारी अस्पतालों में ई-संजीवनी प्लेटफॉर्म को जल्द ही अस्पताल इन्फॉर्मेशन सिस्टम से जोड़ा जाएगा। सी.आर. नंबर जेनरेट होने के बाद मरीज चुन सकेगा कि अगली सलाह के लिए अस्पताल आना है या ऑनलाइन। डॉ. अग्रवाल के मुताबिक, पी.जी.आई. में आने वाले करीब 50 परसेंट मरीज सिर्फ फॉलो-अप के लिए आते हैं। इनमें से कई मरीजों को सिर्फ रिपोर्ट दिखाने या दवा बदलवाने की जरूरत होती है।
टेलीमेडिसिन के जरिए ऐसे हर मरीज पर करीब 972 रुपये की बचत हो सकती है। इसके अलावा, पी.जी.आई. टेलीकार्डियोलॉजी, टेलीडर्मेटोलॉजी, टेली ICU, न्यूरोलॉजी, ऑन्कोलॉजी, साइकेट्री और पेन मैनेजमेंट जैसी सर्विसेज को भी बढ़ा रहा है। संस्था 'हब एंड स्पोक' मॉडल पर काम कर रही है। इसके तहत प्राइमरी हेल्थ सेंटर और कम्युनिटी हेल्थ सेंटर मरीजों के लिए पहला कॉन्टैक्ट सेंटर होंगे, जहां जरूरत पड़ने पर उन्हें पी.जी.आई. के स्पेशलिस्ट डॉक्टरों से ऑनलाइन जोड़ा जाएगा। अगले पांच सालों में टेलीकार्डियोलॉजी, टेलीडर्माटोलॉजी, टेलीन्यूरोलॉजी, टेलीआईसीयू और दूसरी ई-हेल्थ सर्विसेज को भी बढ़ाया जाएगा, इससे दूर-दराज के इलाकों के मरीजों को अपने ही इलाके में एक्सपर्ट की सलाह मिल सकेगी।
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