बिल वापस, अब एफ.आई.आर. रद्द करने की तैयारी में सरकार

punjabkesari.in Sunday, Nov 21, 2021 - 11:38 AM (IST)

लुधियाना (पंजाब केसरी टीम) : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुपर्व के शुभ अवसर पर देश में लागू तीनों कृषि कानून रद्द करने का जो ऐलान किया, उसके बाद राजनीतिक स्तर पर हलचल तेज हो गई है। किसान इस मामले में खुश तो हैं, लेकिन फिलहाल उनके द्वारा चलाए गए धरने व प्रदर्शन बदस्तूर जारी हैं। किसान आंदोलन के दौरान पंजाब के पड़ोसी राज्य हरियाणा में पुलिस तथा किसानों के बीच खूब झड़पें हुई तथा मामले भी की घोषणा के बाद अब हरियाणा में किसानों पर दर्ज मामलों को रद्द करने को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं।

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जानकारी के अनुसार हरियाणा में किसान आंदोलन के दौरान करीब 150 मामले दर्ज किए गए, जो हरियाणा के अलग-अलग 22 जिलों में स्थित थानों के रिकार्ड में शामिल हैं। प्रदर्शन के दौरान किसानों पर दर्ज मामलों को लेकर अब हरियाणा पुलिस द्वारा उन्हें नोटिस भेजने शुरू कर दिए गए हैं। इसके खिलाफ भी किसानों में रोष तेज हो रहा है तथा पुलिस थानों का घेराव भी किए जाने की खबरें आ रही हैं। किसान संगठन किसानों को ऐसे नोटिसों को दरकिनार करने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।

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राज्य सरकार की योजना
कृषि कानून अब वापस होने जा रहे हैं, तो जाहिर है कि इसके कारण पुलिस द्वारा लिए गए एक्शन पर भी असर आएगा। बताया जा रहा है कि किसान आंदोलन वापस होने पर अलग-अलग राज्यों में किसानों पर दर्ज मामलों पर भी विचार किया जाएगा। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने भी कुछ इस तरह के संकेत दिए हैं। उन्होंने कहा है कि जब कृषि कानून वापस होंगे तो कुछ और चीजों पर भी आपसी तालमेल के साथ विचार किया जाएगा। इनमें से कई केस अदालत में जा चुके हैं तो संभवतः उन्हें अदालत के माध्यम से ही वापस लिया जा सकता है, लेकिन सरकार ने एक अच्छी शुरुआत की है। खट्टर प्रधानमंत्री की घोषणा के बाद मीडिया से बात करते हुए इस तरह के संकेत देकर गए हैं। कृषि कानूनों को वापस लेने के बाद भी संघर्ष जारी रखने की योजना पर खट्टर ने कहा कि अधिकतर किसान संगठनों ने इस घोषणा का स्वागत किया है, लेकिन कुछ लोग एम.एस.पी. को लेकर सवाल खड़े कर रहे हैं। खट्टर ने कहा कि सिर्फ तीन कृषि कानूनों को लेकर विरोध था, जिन्हें वापस ले लिया गया है।

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क्या हैं मामले
हरियाणा में भाजपा या जे.जे.पी. नेताओं के खिलाफ प्रदर्शन, उनके वाहनों को रोकने, भाजपा-जे.जे.पी. नेताओं के कार्यक्रम स्थलों का घेराव करना इत्यादि कई तरह के मामले हैं, जिसे लेकर एफ.आई.आर. दर्ज की गई हैं। बताया जा रहा है कि इन मामलों को लेकर कई किसानों को गिरफ्तार भी किया जा चुका है। हाल ही में हरियाणा में विधानसभा सेशन के दौरान जानकारी दी गई थी कि पिछले 11 महीनों में 136 मामले किसानों के खिलाफ दर्ज किए गए हैं। यह आंकड़ा अगस्त तक का था और उसके बाद कुछ और मामले दर्ज किए गए हैं। विरोध को देखते हुए पुलिस भी अभी इन एफ.आई.आर. में आरोपी किसानों को गिरफ्तार नहीं कर रही है। किसान संगठन भी किसानों को पुलिस स्टेशन में जाने से रोक रहे हैं।

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News Editor

Urmila

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