पंजाब कांग्रेस किसानों के अधिकारों की रक्षा के लिए शीर्ष अदालत तक जाएगी: कैप्टन

10/18/2020 7:44:56 PM

चंडीगढ़ः पंजाब कांग्रेस कृषि कानूनों संबंधी किसानों की लड़ाई शीर्ष अदालत तक ले जाने का संकल्प लिया है। कृषि कानूनों को सिरे से खारिज कर पंजाब में इन्हें लागू न करने संबंधी निर्णय लेने के बारे में कांग्रेस विधायकों ने सर्वसम्मति से मुख्यमंत्री कैप्टन अमरेंद्र सिंह को अधिकृत किया। इस आशय का फैसला कांग्रेस विधायक दल की बैठक के बाद हुई मंत्रिमंडल की बैठक में किसानों के अधिकारों की रक्षा करने के लिए कोई भी आवश्यक वैधानिक/कानूनी फैसला लेने के मुख्यमंत्री को अधिकृत किया है। अब सोमवार को विधानसभा के दो दिन के विशेष सत्र से पहले इन काले खेती कानूनों का मुकाबला करने के लिए रणनीति को अंतिम रूप दिया जाएगा। 

कांग्रेस विधायक दल की बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि यह लड़ाई जारी रहेगी और हम इसको सुप्रीम कोर्ट तक लेकर जाएंगे। कुछ दिन पहले कई किसान संगठनों ने विधानसभा सत्र बुलाए जाने की मांग थी। यह कदम पहले नहीं उठाया जा सका था क्योंकि कोई भी कदम उठाने से पहले सभी कानूनी पक्षों पर गहराई से विचार करना जरूरी था। कैप्टन ने कहा कि खेती कानूनों का मुकाबला करने के लिए रणनीति को अंतिम रूप देने से पहले विधायकों, कानूनी माहिरों, वरिष्ठ वकील और कांग्रेस कमेटी के नेता पी. चिदम्बरम के साथ भी विचार-विमर्श किया जाएगा। 

उन्होंने बताया कि सारी दुनिया पंजाब की तरफ बहुत उम्मीद भरी नजरों से देख रही है और राज्य के किसानों और कृषि की रक्षा करने के लिए एक विस्तृत योजना बनाने हेतु विधायकों के विचार जानने बेहद जरूरी थे। यह लड़ाई सुप्रीम कोर्ट तक जारी रहेगी। पंजाब की कृषि और किसानों को बचाने के बारे में उन्होंने कहा कि जो भी फैसला होगा, वह किसानी के हित को ध्यान में रख कर ही लिया जाएगा। अकालियों को आड़े हाथों लेते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस दोगली बातें नहीं करती और खेती कानूनों संबंधी उसका स्टैंड बिल्कुल स्पष्ट है।


Mohit

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