कोविड महामारी से निपटने के लिए कैप्टन की ओर से दिल्ली को सहायता की पेशकश

11/21/2020 6:07:13 PM

चंडीगढ़ः पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरेन्द्र सिंह ने दिल्ली में तेजी से बढ़ते कोविड मामलों से निपटने में हर संभव सहायता देने की पेशकश की है। उन्होंने राज्य में महामारी की रोकथाम में बेमिसाल काम कर रहे पंजाब के कोविड योद्धओं की सराहना की। उन्होंने भरोसा दिया कि कोविड महामारी की दूसरी लहर से निपटने के लिए प्रदेश सरकार पूरी तरह तैयार है। राज्य में कोविड की दूसरी लहर से निपटने के लिए हर संभव कदम उठाने का भरोसा देते हुए कैप्टन ने कहा कि दिल्ली सख्त लड़ाई लड़ रही है और जरूरत पड़ने पर हम हर सहायता के लिए तत्पर हैं। मैं यह पहले कह चुका हूं।'' 

मुख्यमंत्री ने आज यहां कहा कि यह कोई नहीं जानता कि पंजाब में दूसरी लहर कब आएगी, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एन.सी.आर) और अन्य राज्यों में फिर से बढ़ते कोरोना के मामलों से साफ है कि यह संभावित तौर पर यह जरूर घटेगा। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग और ओ.टी.एस कर्मचारियों पर पूरा विश्वास जताया कि वे इस चुनौती के खिलाफ फिर पूरी एकजुटता से लड़ेंगे। उन्होंने कहा कि आम लोगों की भी यह जिम्मेदारी है कि वे इस महामारी के खिलाफ राज्य सरकार का साथ देते हुए सभी सुरक्षा नियमों की पालन करें। उनकी सरकार स्वास्थ्य सुविधाओं की मजबूती पर ध्यान केंद्रित कर रही है, खासकर दूसरे और तीसरे दर्जे की सुविधाओं पर, जिसका उद्देश्य बिना देरी टेस्टिंग और इलाज के साथ कीमती जानें बचाना है। 

मुख्यमंत्री ने बताया कि 184.95 करोड़ की लागत से कोविड-19 महामारी के दौरान पी.पी.ई. किटें, एन-95 मास्क और अन्य सामान अगली कतार के स्वास्थ्य कर्मचारियों को सप्लाई किए जा चुके हैं। स्तर-1, 2 और 3 की सुविधाओं में सभी कोविड मरीजों के लिए 5.57 करोड़ की दवाएं मुहैया करवाई गई हैं। स्तर तीन के सभी इलाज केन्द्रों में वेंटिलेटर सुविधा और ऑक्सीजन सिलेंडर मुहैया करवाए गए हैं। आर.टी.-पी.सी.आर, रैपिड एंटीजन और ट्रूनैट टैस्ट सुविधा सभी संदिग्ध कोरोना मरीजों के लिए मुहैया करवाई गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नए हैल्थ और वैलनैस केंद्र कोविड महामारी के दौरान राज्य के स्वास्थ्य ढांचे को योग्यता पक्ष से नई ऊंचाई पर पहुंचाएंगे। यह केंद्र समूचे राज्य के अंदर लोगों तक बड़े पैमाने पर स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने में राज्य सरकार की बहुपक्षीय और दूरगामी सहायता करेंगे। 

राज्य के अंदर खोले जाने वाले 3049 केन्द्रों में से अब तक 2046 अब कार्यशील हो चुके हैं और अन्य 800 आने वाले दो महीनों में चालू हो जाएंगे और बाकी रहते 2021 में चालू हो जाएंगे। उन्होंने आगे कहा कि 54 लाख मरीजों को मानसिक तनाव, मधूमेह और अन्य बीमारियों सम्बन्धी ओ.पी.डी सेवाएं मुहैया करवाई जा चुकी हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू ने कहा कि मरीजों खासकर ग्रामीण क्षेत्रों के अंदर उच्च स्तर की स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया करवाने के लिए राज्य सरकार चरणबद्ध ढंग से सभी सब-केन्द्रों को हैल्थ और वैलनैस्स केन्द्रों में तबदील करेगी। मार्च 2019 से करीब 55.8 लाख मरीज ओ.पी.डी सेवाएं ले चुके हैं और अन्य 20 लाख व्यक्ति मानसिक दबाव, 12 लाख मधूमेह के लिए और 17 लाख कैंसर (मुंह, छाती और सरवाईकल) के इलाज के लिए स्क्रीनिंग करवा चुके हैं।


Mohit

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