जालंधर के गांव से लापता हुए नाबालिग बच्चों के मामले में नया मोड़
punjabkesari.in Tuesday, Jan 27, 2026 - 11:06 AM (IST)
टांडा उड़मुड़/जालंधर (परमजीत सिंह मोमी): जिला जालंधर के गांव धोगड़ी से गत 25 जनवरी को लापता हुए 3 नाबालिग बच्चों के अपहरण के मामले में उस समय नया मोड़ आया जब बच्चों ने पुलिस द्वारा की गई पूछताछ के दौरान माना कि उन्हें अगवा नहीं किया गया, जबकि वह खुद अपनी मर्जी से घर से भागे थे।
गौरतलब है कि कार्तिक (10) बेटा दीपक कुमार, वंश (12) बेटा आकाश नाहर और सैमअल (10) बेटा विनोद नाहर निवासी गांव धोगड़ी गत 25 जनवरी को पतंग लूटने और चढ़ाते समय घर से प्लैनिंग करके भाग गए थे और किसी तरीके से पठानकोट पहुंच गए और रास्ते में ही उन्होंने किसी जगह से साइकिल उठाकर वापसी के समय गांव खुड्डे रुके। गांव खुड्डा के सरपंच और नगर निवासियों ने जब उनसे पूछताछ की तो उन्होंने अगवा होने की मनगढ़ंत घटना बताई जिसके बाद टांडा पुलिस को सूचना दिए जाने के बाद धोगड़ी से संबंधित जंडू सिंघा पुलिस चौकी से संपर्क गया। इसके बाद जंडू सिंघा पुलिस चौकी के इंचार्ज कुलदीप सिंह ने गांव खुड्डा के सरपंच हरबंस सिंह और माता-पिता की मौजूदगी में जब बच्चों से सख्ती से पूछताछ की तो उन्होंने बताया कि वे किसी वजह से योजना बना कर घर से भाग गए थे।

इस संबंध में ए.एस.आई. कुलदीप सिंह ने बताया कि इस मामले में संबंधी बच्चों के माता-पिता द्वारा चौकी में लापता होने की शिकायत भी दी गई थी। इस मौके पर सरपंच हरबंस सिंह खुड्डा और गांव वासियों का बच्चों के माता-पिता और चौकी इंचार्ज ए.एस.आई. कुलदीप सिंह ने बच्चों को सुरक्षित रखने और उनकी देखभाल करने के लिए धन्यवाद किया। इस मौके पर चौकी इंचार्ज ए.एस.आई. कुलदीप सिंह, सरपंच हरबंस सिंह, गुरप्रीत सिंह खालसा, जसविंदर सिंह जस्सी और दूसरे गांववालों ने नाबालिग बच्चों को भविष्य में ऐसी गलती न करने के लिए प्रेरित किया।
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