बद्रीनाथ-केदारनाथ धाम की छवि खराब करने की साजिश बर्दाश्त नहीं: बीकेटीसी

punjabkesari.in Sunday, Jul 12, 2026 - 01:48 PM (IST)

नई दिल्ली : श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बी.के.टी.सी.) के वरिष्ठ सदस्य महेंद्र शर्मा के मार्गदर्शन एवं समिति सदस्य दिनेश डोभाल के संयोजन में एक वर्चुअल बैठक आयोजित की गई। यह जानकारी देते हुए मंदिर समिति के सदस्य देवीप्रसाद देवली ने बताया कि बैठक में बी.के.टी.सी. सदस्यों ने महसूस किया कि कुछ असामाजिक तत्व उत्तराखंड के प्रसिद्ध धामों की छवि को सुनियोजित तरीके से खराब करने की साजिश कर रहे हैं तथा इस प्रकार सनातन धर्म को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया के माध्यम से पवित्र धामों को निशाना बनाया जा रहा है और हिंदुओं का मजाक उड़ाया जा रहा है, जिसे किसी भी कीमत पर सहन नहीं किया जाएगा।

बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि जब सभी आरोपों की जांच गढ़वाल मंडल के आयुक्त द्वारा गंभीरता और तीव्रता से की जा रही है, तो जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जाना चाहिए। लेकिन कुछ लोग एक एजेंडे के तहत हिंदुओं के धार्मिक स्थलों को निशाना बना रहे हैं।

वर्चुअल बैठक में मानसून सत्र के दौरान सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित यात्रा सहित श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति पर लगाए गए विभिन्न आरोपों पर भी विचार-विमर्श किया गया। मंदिर समिति के सदस्यों ने यात्रा भत्ता राशि को लेकर सोशल मीडिया पर लगाए गए सभी आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि सभी सदस्यों ने बोर्ड बैठकों, उपसमिति की बैठकों तथा मंदिर समिति के विभिन्न कार्यों के उद्देश्य से की गई यात्राओं के लिए बी.के.टी.सी. बोर्ड एक्ट में निहित प्रावधानों के तहत सरकार द्वारा अनुमोदित यात्रा भत्ता ही प्राप्त किया है।

सदस्यों ने कहा कि मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण के संज्ञान में आते ही मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपी कर्मचारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया था तथा आंतरिक चार सदस्यीय जांच समिति का गठन किया गया था।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा चढ़ावा चोरी को महापाप बताते हुए आयुक्त, गढ़वाल मंडल की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय जांच समिति गठित की गई है, जिसकी जांच जारी है। जांच रिपोर्ट आने तक सभी को आंदोलन की धमकी देने के बजाय धैर्य रखना चाहिए।

मंदिर समिति के सदस्य धीरज पंचभैय्या (मोनू) ने कहा कि मंदिर समिति पर झूठे आरोप लगाने वाले व्यक्तियों एवं पोर्टलों के खिलाफ भी कार्रवाई किए जाने पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए। साथ ही बी.के.टी.सी. में कार्यरत परिश्रमी एवं ईमानदार अधिकारियों और कर्मचारियों को पुरस्कृत किया जाए तथा कर्मचारियों की पदोन्नति सहित विभिन्न मामलों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि मंदिर समिति में रहकर उसकी साख को नुकसान पहुंचाने वाले 'जयचंदों' की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।

बैठक में दिनेश डोभाल ने कहा कि वर्तमान समय में केवल हिंदुओं के धार्मिक स्थलों की कमियों और खामियों का बहाना बनाकर सनातन परंपरा एवं संस्कृति को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मंदिर समिति को अधिक सतर्कता बरतते हुए अपनी सभी व्यवस्थाओं में आमूलचूल परिवर्तन कर आधुनिक तकनीक का उपयोग करना चाहिए।

राजपाल जड़धारी ने कहा कि श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति द्वारा चारधाम यात्रा के प्रवेश स्थल ऋषिकेश में समिति कार्यालय स्थानांतरित किए जाने से हजारों यात्रियों को यात्रा संबंधी विभिन्न जानकारियां आसानी से उपलब्ध हो रही हैं। उन्होंने कहा कि श्री बद्रीनाथ धाम में प्राथमिक दर्शन के लिए शुल्क लेकर पर्ची व्यवस्था लागू करना लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने का एक तात्कालिक निर्णय था, जिससे मंदिर समिति की आय बढ़ाने में भी सहायता मिली।

राजेंद्र डिमरी ने कहा कि सूचना का अधिकार (RTI) के तहत जानकारी प्राप्त कर मंदिर समिति के संबंध में तथ्यों से हटकर भ्रामक एवं झूठा प्रचार किया जा रहा है, जिससे धामों की प्रतिष्ठा प्रभावित हो रही है।

मंदिर समिति के सदस्य प्रह्लाद पुष्पवान एवं डॉ. विनीत पोस्ती ने कहा कि अधिकांश सोशल मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया और प्रिंट मीडिया द्वारा केवल एक पक्षीय आरोपों पर आधारित समाचार प्रसारित और प्रकाशित किए जा रहे हैं, जबकि मंदिर समिति की उपलब्धियों एवं उसके हित में किए जा रहे कार्यों का उल्लेख नहीं किया जा रहा। इससे प्रतीत होता है कि उत्तराखंड के प्रसिद्ध धामों की छवि धूमिल करने की सुनियोजित साजिश की जा रही है।

राकेश भंडारी एवं कमला बगवाड़ी ने कहा कि श्री बद्रीनाथ धाम एवं केदारनाथ धाम करोड़ों लोगों की आस्था के केंद्र हैं। इन धामों में किसी व्यवस्था संबंधी कमी का बहाना बनाकर बिना किसी ठोस साक्ष्य के आरोप लगाना धामों की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने तथा करोड़ों श्रद्धालुओं की धार्मिक आस्था एवं भावनाओं को ठेस पहुंचाने जैसा है, जिसकी किसी को अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।

बैठक का मार्गदर्शन करते हुए महेंद्र शर्मा ने कहा कि आगामी बोर्ड बैठक में श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के अधिकारियों एवं सदस्यों के संयुक्त शिष्टमंडल को देश के विभिन्न प्रसिद्ध मंदिरों का भ्रमण कर वहां की भीड़ नियंत्रण, सुरक्षा एवं अन्य व्यवस्थाओं का अध्ययन करने तथा अपनी रिपोर्ट मंदिर समिति को सौंपने का प्रस्ताव रखा जाना चाहिए।

उन्होंने बताया कि बी.के.टी.सी. सदस्यों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया है कि श्री बद्रीनाथ धाम से संबंधित विषयों के लिए मंदिर समिति के सदस्य राकेश भंडारी तथा केदारनाथ धाम से संबंधित विषयों के लिए डॉ. विनीत पोस्ती को अधिकृत किया गया है। साथ ही यह भी निर्णय लिया गया कि प्रत्येक माह के अंतिम रविवार को सुबह 9 बजे बी.के.टी.सी. सदस्यों की वर्चुअल बैठक आयोजित की जाएगी।

 


 


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News Editor

Kalash

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