सराफा बाजार में अपराधियों का तांडव: एक हफ्ते में चौथी बड़ी वारदात, कैमरे में कैद हुई घटना
punjabkesari.in Friday, Jun 12, 2026 - 11:57 AM (IST)
लुधियाना (राज, गणेश): महानगर का सबसे व्यस्त और प्रमुख व्यापारिक केंद्र सराफा बाजार इस समय अपराधियों के निशाने पर है। इलाके में कानून व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है, जिससे सर्राफा कारोबारियों में भारी दहशत और रोष का माहौल है। बाजार में सुरक्षा के बड़े-बड़े दावों को ठेंगा दिखाते हुए शातिर लुटेरों ने एक और दुस्साहसिक वारदात को अंजाम दिया है।
अब एक बंगाली कारीगर से करीब 35 ग्राम सोने का कीमती पेंडेंट छीनकर अज्ञात लुटेरे बड़ी आसानी से फरार हो गए, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 6 लाख रुपए बताई जा रही है। हैरानी की बात यह है कि पिछले महज एक सप्ताह के भीतर इसी इलाके में लूट और लूट की यह चौथी बड़ी वारदात है। घटना की सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची थाना डिवीजन नंबर-4 की पुलिस पहुंच और सीसीटीवी कैमरें खंगाले। जिसमें आरोपियों की फुटेज बरामद हुई है। फुटेज देखने से पता चला कि यह वारदात देर शाम करीब छह बजे आशा ज्यूलर्स की दुकान के बाहर हुई। जहां एक बंगाली कारीगर सोने का पैडेंट लेकर जा रहा था। अचानक दो युवक आए और उन्होने झपटा मार कर उसका सोने का पैडेंट छीन कर फरार हो गए। यह भी पता चला है कि वारदात करने वाले दो नहीं बल्कि तीन थे। दो तो छीन कर भागे थे। जबकि तीसरा व्यक्ति रैकी कर रहा था। हालांकि, पुलिस ने फुटेज कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।
सीसीटीवी फुटेज मिलने के बाद भी पुलिस के हाथ खाली, व्यापारियों में भारी रोष
लगातार हो रही वारदातों ने स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली और मुस्तैदी पर गंभीर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। सराफा बाजार के कारोबारियों का आरोप है कि इससे पहले हुई तीन बड़ी वारदातों में भी पुलिस के हाथ अभी तक पूरी तरह खाली हैं और किसी भी आरोपी को पकड़ा नहीं जा सका है। व्यापारियों ने बताया कि पुलिस को पिछली घटनाओं के पुख्ता सीसीटीवी फुटेज भी सौंपे गए थे, जिनमें आरोपियों के चेहरे साफ नजर आ रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद पुलिस प्रशासन की सुस्ती के कारण लुटेरे सरेआम घूम रहे हैं।
ऐसे माहौल में कैसे करेंगे काम? कारोबारियों ने कानून व्यवस्था पर उठाए सवाल :
सराफा बाजार एसोसिएशन और स्थानीय स्वर्णकारों का कहना है कि लगातार चौथे दिन हुई इस वारदात ने व्यापारियों की कमर तोड़ दी है। अत्यंत भीड़भाड़ वाले और संवेदनशील बाजार में दिनदहाड़े हो रही इन घटनाओं से हर कोई सहमा हुआ है। कारोबारियों ने तीखे शब्दों में कहा कि अगर शहर के सबसे मुख्य बाजार में ही व्यापारी और कारीगर सुरक्षित नहीं हैं, तो वे बेखौफ होकर अपना व्यापार कैसे कर पाएंगे? इस डर के माहौल में काम करना नामुमकिन होता जा रहा है।

