Ludhiana: दिन में कारोबारी, शाम होते ही जुए का खेल! हैबोवाल कलां में कथित सिंडिकेट का नेटवर्क

punjabkesari.in Tuesday, Oct 06, 2026 - 03:11 PM (IST)

लुधियाना (राज): महानगर के पॉश और घनी आबादी वाले इलाके हैबोवाल कलां में जुए और सट्टेबाजी का एक बड़ा और संगठित सिंडिकेट बेखौफ होकर अपनी जड़ें जमा चुका है। इस काले कारोबार को कोई सड़क छाप जुआरी नहीं, बल्कि समाज में सफेदपोश बनकर बैठे नामी प्रॉपर्टी डीलर, फाइनेंसर और कारोबारी मिलकर संचालित कर रहे हैं। दोपहर होते ही यह गिरोह गुप्त ठिकाने पर एकत्र होता है और शाम तक लाखों रुपये के दांव लगाए जाते हैं। 

चौंकाने वाली बात यह है कि इस सिंडिकेट में शामिल आरोपियों का पूरा कच्चा-चिट्ठा पहले से पुलिस रिकॉर्ड में दर्ज है और उन पर पूर्व में थाना डिवीजन नंबर-8 में जुआ अधिनियम के तहत मामला भी दर्ज हो चुका है। इसके बावजूद स्थानीय स्तर पर प्रभावी कार्रवाई न होने से इलाके में जुए का यह अड्डा लगातार फल-फूल रहा है।

फाइनेंस और प्रॉपर्टी की आड़ में 5 साथियों का सिंडिकेट

सूत्रों से मिली पुख्ता जानकारी के अनुसार, हैबोवाल कलां में संचालित इस जुआ सिंडिकेट की कमान मुख्य रूप से पांच लोगों के हाथ में है, जिन्होंने अपने-अपने काम की आड़ में इस अवैध धंधे का मजबूत नेटवर्क तैयार कर रखा है, हैबोवाल का प्रॉपर्टी डीलर- जो जुए के लिए सुरक्षित ठिकाने और रसूखदार ग्राहकों का इंतजाम करता है। पहला फाइनेंसर: जो जुए की मेज पर तुरंत रकम और ब्याज पर पैसे मुहैया करवाने का नेटवर्क संभालता है। दूसरा फाइनेंसर (आपराधिक पृष्ठभूमि): यह फाइनेंसर पूर्व में अवैध हथियार (अवैध असलहा) रखने के संगीन आरोप में पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया जा चुका है और सिंडिकेट में दबंगई का जिम्मा संभालता है। दूध डेयरी संचालक: हैबोवाल मेन बाजार में डेयरी की दुकान चलाने वाला यह व्यक्ति भी इस रैकेट का सक्रिय रणनीतिकार है। पांचवां साझेदार: जो शहर के अन्य हिस्सों से जुआरियों को जोड़ने और नेटवर्क की लाइन क्लियर रखने का काम करता है।

दोपहर 2 से शाम 7 बजे तक खेल, फिर संभालते हैं अपनी-अपनी दुकानदारी 

इस गिरोह के काम करने का तरीका बेहद शातिराना है। पुलिस और खुफिया तंत्र की नजरों से बचने के लिए इन्होंने समय का विशेष चक्रव्यूह तैयार किया है। हर रोज दोपहर ठीक 2:00 बजे से शाम 7:00 बजे के बीच ये सभी आरोपी एक गुप्त अड्डे पर बैठते हैं। इन 5 घंटों के भीतर ताश के पत्तों और सट्टे पर लाखों रुपये के वारे-न्यारे किए जाते हैं। शाम 7:00 बजते ही जुए की महफिल समेट दी जाती है और सभी पांचों आरोपी सामान्य व्यापारियों की तरह अपनी-अपनी दुकानों, दफ्तरों व डेयरी पर जाकर बैठ जाते हैं, ताकि किसी को उन पर जरा भी शक न हो।

थाना डिवीजन नंबर-8 में पहले भी दर्ज हो चुका है पर्चा

यह पहली बार नहीं है जब इन सफेदपोश जुआरियों का नाम सामने आया हो। विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, उक्त आरोपियों के खिलाफ थाना डिवीजन नंबर-8 में पहले भी बाकायदा एफआईआर दर्ज हो चुकी है। उस दौरान यह गिरोह पुलिस लाइन के ठीक सामने स्थित एक गली में बैठकर खुलेआम जुआ खेल रहा था, जहां पुलिस ने दबिश देकर इन्हें रंगे हाथों काबू किया था। इस कारण पुलिस के आधिकारिक रिकॉर्ड में इन सभी के नाम, पते, आपराधिक इतिहास और व्यक्तिगत विवरण पहले से दर्ज हैं।

मोबाइल लोकेशन ट्रैक कर बड़ी रेड की दरकार

स्थानीय नागरिकों और जागरूक दुकानदारों का कहना है कि अगर पुलिस कमिश्नरेट इस मामले को गंभीरता से ले, तो इस पूरे सिंडिकेट का खात्मा चंद घंटों में हो सकता है। पुलिस रिकॉर्ड में दर्ज आरोपियों के मोबाइल नंबरों की यदि दोपहर 2 से शाम 7 बजे के बीच टेक्निकल सेल के जरिए डंप डाटा व लोकेशन ट्रैक की जाए, तो इनके गुप्त ठिकाने का सटीक सुराग मिल सकता है। इलाके के लोगों ने पुलिस कमिश्नर से मांग की है कि किसी विशेष पुलिस टीम द्वारा हैबोवाल कलां में तत्काल औचक छापेमारी करवाई जाए, ताकि समाज को खोखला कर रहे इस सफेदपोश जुआ सिंडिकेट को नेस्तनाबूद कर सभी आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजा जा सके।

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News Editor

Kamini

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