LPG संकट के बीच उपभोक्ताओं के लिए बड़ा फैसला, चंडीगढ़ प्रशासन ने उठाया सख्त कदम
punjabkesari.in Wednesday, Mar 25, 2026 - 10:09 AM (IST)
चंडीगढ़: ईरान-इजराइल के बीच बढ़ते तनाव के चलते बने वैश्विक हालातों को देखते हुए चंडीगढ़ प्रशासन ने एलपीजी सप्लाई की स्थिति की समीक्षा करते हुए कई अहम फैसले लिए हैं। यूटी के मुख्य सचिव एच. राजेश प्रसाद की अगुवाई में हुई उच्च स्तरीय बैठक में पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के निर्देशों पर विस्तार से चर्चा की गई।
मुख्य सचिव ने संबंधित विभागों और एजेंसियों को गैस इंफ्रास्ट्रक्चर के तेजी से विकास के लिए मिशन मोड में काम करने के निर्देश दिए। साथ ही सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (CGD) नेटवर्क के विस्तार को प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया। CGD से जुड़ी मंजूरियों और शिकायतों के निपटारे के लिए राज्य और जिला स्तर पर अधिकृत समितियां बनाने का भी फैसला लिया गया। इसके अलावा ‘डिग एंड रिस्टोर’ नीति लागू करने का निर्णय लिया गया है, जिससे कंपनियां खुद खुदाई और बहाली का काम कर सकेंगी और प्रोजेक्ट्स में देरी नहीं होगी। नियमों में ढील देकर काम दिन-रात चलाने की अनुमति भी दी गई है, ताकि गैस नेटवर्क जल्दी तैयार हो सके।
LPG सप्लाई पर सख्त निगरानी
मुख्य सचिव ने तेल कंपनियों को खाद्य एवं आपूर्ति विभाग और डीसी ऑफिस के साथ तालमेल बनाकर काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि एलपीजी कोटे का सख्ती से पालन हो और कालाबाजारी या डायवर्जन पर पूरी तरह रोक लगाई जाए। प्रशासन ने शहर के सभी कमर्शियल और इंडस्ट्रियल एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए PNG (पाइप्ड नेचुरल गैस) कनेक्शन के लिए आवेदन करना अनिवार्य कर दिया है। अब 50% एलपीजी अलॉटमेंट लेने से पहले PNG के लिए तैयार होना जरूरी होगा।
आम लोगों से PNG अपनाने की अपील
प्रशासन ने आम लोगों से भी एलपीजी पर निर्भरता कम कर PNG अपनाने की अपील की है। अधिकारियों के अनुसार PNG सस्ती, सुरक्षित और पर्यावरण के लिए बेहतर है। PNG कनेक्शन से जुड़ी जानकारी के लिए उपभोक्ता हेल्पलाइन नंबर 180023355666 पर संपर्क कर सकते हैं या इंडियन ऑयल अदानी गैस प्राइवेट लिमिटेड, सेक्टर-22 पंचकूला कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं। इस बैठक में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी और हिंदुस्तान पेट्रोलियम, इंडियन ऑयल सहित अन्य कंपनियों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। प्रशासन के ये फैसले भविष्य में गैस सप्लाई को सुचारू बनाने और शहर को टिकाऊ ऊर्जा की ओर ले जाने के लिए अहम माने जा रहे हैं।

