कोरोना के बढ़ते केस के बीच ''स्कूल जाने वाले बच्चों'' के लिए आई जरूरी खबर, जारी हुए ये आदेश

punjabkesari.in Wednesday, Apr 20, 2022 - 11:06 AM (IST)

चंडीगढ़(आशीष): कोरोना के नए वैरिएंट के खतरे के बाद चंडीगढ़ प्रशासन हरकत में आ गया है। प्रशासन को 12 से 17 साल के बच्चों की वैक्सीनेशन दर कम हाने की चिंता सता रही है। ऐसे में शिक्षा विभाग और स्वास्थ्य विभाग से जुड़े अधिकारियों को आदेश जारी किए गए हैं कि 12 से 14 और 15 से 17 साल के बच्चों के आंकडे एकत्रित किए जाएं, जिन्होंने अभी तक वैक्सीनेशन नहीं लगवाई है। इसके साथ ही स्कूलों में कोविड वैक्सीनेशन शिविर के आयोजन को लेकर शैड्यूल तय किया जाएं। स्वास्थ्य सचिव यशपाल गर्ग ने बताया कि कैंप की लोकेशन में कम से कम 50 बच्चों को वैक्सीनेट करने का प्रयास करना होगा। जिला टीकाकरण अधिकारी डा.मंजीत सिंह से शिविर के आयोजन के लिए संपर्क किया जा सकता है। वैक्सीन न लगवाने वाले बच्चों की स्कूल में प्रवेश करने पर रोक लग सकती है। इस पर विचार चल रहा है। 

स्कूलों में शिक्षक और बच्चों को मास्क पहनकर आने की सलाह 
आदेशों में शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को कहा गया है कि बच्चों और अभिभावकों को जानकारी दी जाए कि कोविड वैक्सीनेशन ऐच्छिक है और बच्चों के लिए सुरक्षित है। वहीं स्कूलों में शिक्षक और बच्चों को फेस मास्क पहन कर आने की सलाह देने को कहा गया है। कोरोना के बढ़ते केसों को देखते हुए और बच्चों की सुरक्षा के लिहाज से आने वाले दिनों में जिन बच्चों ने वैक्सीनेशन नहीं लगवाई उन्हें स्कूल न आने की सलाह दी गई है। 12 से 17 साल के बच्चों की कोविड वैक्सीनेशन के बारे मे कहा गया है कि स्कूलों में कई विशेष कैंप लगाने के बाद भी वैक्सीनेशन की रफ्तार में कमी है। 

बच्चोंको 15 दिन में वैक्सीनेट करने के हों प्रयास 
15 से 17 साल के बच्चों में अभी तक 90 प्रतिशत ने पहली और 52 प्रतिशत दूसरी डोज लगवाई है। ऐसे में 72 हजार बच्चों का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। इसके अलावा 12 से 14 साल के 45 हजार के बच्चों में से 29 प्रतिशत ने ही पहली डोज लगवाई है। 0.5 प्रतिशत बच्चों ने दूसरी डोज लगवाने के लिए केन्द्र पर पहुंचे है। वैक्सीनेशन के योग्य बच्चों को 15 दिनों में पहचान करते हुए वैक्सीनेट करने के प्रयास के लिए कह गया है।


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Vatika

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