5 और 6 नवंबर को रहेगा ''नो वर्क डे'', लुधियाना जिला बार एसोसिएशन ने जारी किया नोटिस
punjabkesari.in Thursday, Nov 05, 2026 - 02:12 PM (IST)
लुधियाना ( गणेश / सचिन): दीवाली के त्योहार को लेकर लुधियाना जिला बार एसोसिएशन ने अहम फैसला लिया है। त्योहार की तैयारियों और वकीलों एवं वादकारियों की व्यस्तता को ध्यान में रखते हुए एसोसिएशन ने 5 और 6 नवंबर को 'अब्सटेन फ्रॉम वर्क' (नो वर्क डे) घोषित किया है। इस संबंध में जिला बार एसोसिएशन की एग्जीक्यूटिव कमेटी की बैठक में सर्वसम्मति से फैसला लिया गया।

एसोसिएशन की ओर से 5 नवंबर 2026 को जारी आधिकारिक नोटिस में बताया गया कि दीवाली पर्व के चलते वकील और वादकारी अपने-अपने स्तर पर त्योहार की तैयारियों में व्यस्त हैं। ऐसे में उनके लिए नियमित रूप से अदालतों में पेश होना मुश्किल हो सकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए वीरवार, 5 नवंबर और शुक्रवार, 6 नवंबर को न्यायिक कार्यों से विरत रहने का निर्णय लिया गया है। जिला बार एसोसिएशन के प्रधान विपिन सग्गड़ और सचिव मनिंदर हीर की ओर से जारी नोटिस में लुधियाना की सभी न्यायिक अदालतों के पीठासीन अधिकारियों से इस फैसले में सहयोग करने की अपील की गई है। इसके साथ ही रेवेन्यू कोर्ट, कंज्यूमर कोर्ट, परमानेंट लोक अदालत, जुवेनाइल कोर्ट, एमएसएमई कोर्ट और लेबर कोर्ट के अधिकारियों को भी नोटिस भेजकर एसोसिएशन के निर्णय से अवगत करवाया गया है।
वकीलों और वादकारियों के हितों को ध्यान में रखकर लिया फैसला
बार एसोसिएशन की ओर से जारी नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि 5 और 6 नवंबर को वकीलों तथा वादकारियों की अनुपस्थिति को ध्यान में रखते हुए किसी भी मामले में उनके खिलाफ कोई प्रतिकूल आदेश पारित न किया जाए। एसोसिएशन ने सभी संबंधित अदालतों से अनुरोध किया है कि इन दोनों दिनों में वकीलों और वादकारियों की गैर-मौजूदगी के कारण किसी भी पक्ष को नुकसान न उठाना पड़े।
सभी अदालतों से सहयोग की अपील
एसोसिएशन ने अपने नोटिस के माध्यम से सभी न्यायिक एवं संबंधित अदालतों से अपील की है कि दीवाली के मद्देनजर लिए गए इस फैसले को ध्यान में रखते हुए वकीलों और वादकारियों को राहत प्रदान की जाए। नोटिस पर जिला बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों के हस्ताक्षर और आधिकारिक मुहर भी मौजूद हैं। इस फैसले के बाद 5 और 6 नवंबर को लुधियाना जिला बार एसोसिएशन से जुड़े वकील न्यायिक कार्यों से विरत रहेंगे। एसोसिएशन का कहना है कि यह निर्णय त्योहार के अवसर पर वकीलों और वादकारियों की सुविधा को ध्यान में रखकर लिया गया है।

