लुधियाना बना क्राइम सिटी : डेढ़ महीने में 24 से ज्यादा लूट-स्नैचिंग की वारदातें
punjabkesari.in Monday, Feb 09, 2026 - 02:20 PM (IST)
लुधियाना (राज): महानगर में कानून-व्यवस्था का जनाजा निकल चुका है। पंजाब सरकार के सुरक्षित पंजाब के दावे लुधियाना की सड़कों पर दम तोड़ते नजर आ रहे हैं। शहर में स्नैचिंग और लूट की वारदातें इस कदर बढ़ गई हैं कि अब आम आदमी का घर से बाहर निकलना किसी खतरे से खाली नहीं है। हालात ये हैं कि पहले लोग केवल रात के अंधेरे से डरते थे, लेकिन अब दिन-दिहाड़े बेखौफ लुटेरे जनता का खून बहा रहे हैं और पुलिस सिर्फ सोशल मीडिया पर ही मुस्तैद नजर आ रही है।
हलका सैंट्रल बना लुटेरों का हब, 1 दिन में 4 वारदातें
महानगर का कोई भी कोना अब सुरक्षित नहीं बचा है। आंकड़ों पर नजर डालें तो पिछले डेढ़ महीने में शहर में 2 दर्जन से ज्यादा बड़ी लूट की वारदातें हो चुकी हैं। हैरानी की बात तो यह है कि पिछले महज 24 घंटों के भीतर अकेले हल्का सैंट्रल के इलाके में 4 वारदातों को अंजाम देकर लुटेरों ने पुलिस को खुली चुनौती दी है। रोजाना गोलियां चल रही हैं, सरेआम कत्ल हो रहे हैं और इसके साथ ही स्नैचिंग ने लोगों का जीना दूभर कर दिया है।
अब सिर्फ लूट नहीं, पहले वार घायल करते, फिर लूटते हैं
अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हो चुके हैं कि अब वे केवल मोबाइल या चेन छीनकर भागते नहीं, बल्कि पहले तेजधार हथियारों से पीड़ित पर जानलेवा हमला करते हैं और फिर लूटपाट करते हैं। सुबह मंदिर जाने वाले बुजुर्ग हों या सैर पर निकली महिलाएं, हर किसी के मन में बस एक ही डर है कि कहीं आज मेरी बारी तो नहीं?
शिकायतकर्त्ता को ही नसीहत देती है पुलिस
जनता में पुलिस प्रशासन के खिलाफ भारी रोष है। लोगों का कहना है कि जब कोई पीड़ित थाने में शिकायत लेकर जाता है तो पुलिस लुटेरों को पकडऩे के बजाय पीड़ित से ही उलटे सवाल पूछती है। हद तो तब हो जाती है जब पुलिस अधिकारी अपनी नाकामी छिपाने के लिए पीड़ितों को यह सलाह दे डालते हैं कि ऐसे कीमती सामान लेकर बाहर ही मत निकला करो। यह पुलिस की संवेदनहीनता और ढुलमुल रवैये का सबसे बड़ा प्रमाण है।
आंकड़े छिपाने की होड़, ठप्प पड़ा लॉ एंड आर्डर
शहर का लॉ एंड ऑर्डर पूरी तरह से चरमरा गया है। सूत्रों की मानें तो पुलिस अधिकारी अपना रिकॉर्ड साफ रखने और क्राइम ग्राफ कम दिखाने के चक्कर में एफ.आई.आर. दर्ज करने से कतराते हैं। जैसा कि थाना मोती नगर के अंतर्गत हुई सुरिंदर सिंह के लूट के मामले में देखा गया, जहां अढ़ाई महीने बाद केस दर्ज किया गया। सरकार और पुलिस के उच्चाधिकारी केवल मीटिंगों तक सीमित हैं, जबकि धरातल पर गुंडाराज कायम हो चुका है।
जनता की पुकार, साहब! नाकाबंदी बढ़ाओ, हमें सुरक्षा दो
महानगर के निवासियों ने अब पंजाब सरकार और पुलिस कमिश्नर से गुहार लगाई है कि कागजी कार्रवाई छोड़कर सडक़ों पर नाकाबंदी बढ़ाई जाए। पी.सी.आर. का गश्त केवल मुख्य चौकों तक सीमित न रहकर गलियों तक पहुंचे। अगर जल्द ही इन लुटेरों पर नकेल नहीं कसी गई, तो आम जनता सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करने को मजबूर होगी।
सोशल मीडिया पर सुपर कॉप, जमीनी हकीकत में फ्लॉप
लुधियाना पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर जनता में एक और बड़ा मजाक चर्चा का विषय बना हुआ है। शहर की पुलिस अब सडक़ों पर कम और फेसबुक, इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया पर ज़्यादा सक्रिय नजऱ आती है। पुलिस के आधिकारिक सोशल मीडिया पेजों को देखकर ऐसा आभास होता है जैसे शहर का कोना-कोना सुरक्षित है और पुलिस हर चप्पे-चप्पे पर मुस्तैद है। इन पेजों पर पुलिस की हीरो वाली तस्वीरें और भारी-भरकम दावों वाली पोस्ट्स की भरमार है लेकिन ज़मीनी हकीकत इसके बिल्कुल उलट है। हकीकत में, जब जनता को ज़रूरत होती है तो न तो सडक़ों पर पी.सी.आर. दिखाई देती है और न ही थानों में सुनवाई होती है। खाकी को यह समझने की ज़रूरत है कि शहर में अमन-चैन डिजिटल पोस्ट से नहीं, बल्कि लुटेरों पर असली नकेल कसने से आएगा।
लूट और स्नैचिंग की कुछ वारदातों का विवरण
ये वारदातें जो की पुलिस या मीडिया की नजर में आई हैं लेकिन इसके अलावा कई ऐसी वारदातें भी है, जिनका विवरण ही नहीं है। क्योंकि, प्रवासी या बाहर से आए लोग पुलिस को इसकी सूचना नहीं देते हैं। इसके साथ ही कुछ लोगों की पुलिस शिकायत ही नहीं लिखती। अगर वारदातों को सही आंका जाए तो इससे भी ज्यादा सकती है।
02 जनवरी : थाना डिवीजन नंबर-4 के इलाके में राजन संधू नामक युवक से गन प्वाइंट पर बाइक की लूट।
02 जनवरी : थाना पी.ए.यू. के इलाके में संदीप चीमा से लुटेरों ने कैश और मोबाइल की लूट।
04 जनवरी : थाना मेहरबान के इलाके में विजय कुमार से अज्ञात लुटेरों ने गन प्वाइंट पर कैश और मोबाइल लूट लिया।
05 जनवरी : थाना सराभा नगर के इलाके में नितिन गोयल से लुटेरों ने 30 हजार कैनेडियन डॉलर लूट लिए।
06 जनवरी : थाना जोधेवाल के इलाके में राजीव कुमार से गन प्वाइंट से बाइक की लूट।
11 जनवरी : थाना डाबा के इलाके में अरुण कुमार से लुटेरे कैश और पर्स लूट ले गए।
13 जनवरी : थाना दुगरी इलाके में गुरजंट सिंह से लुटेरों ने कैश और सोना लूट लिया।
17 जनवरी : थाना मोती नगर इलाके में इकबाल हुसैन से लुटेरों ने मोबाइल, कैश और एक्टिवा लूट ली।
20 जनवरी : थाना लाडोवाल के इलाके में अभिनव अटवाल से लुटेरे हथियारों की नोक पर कार लूट ले गए।
20 जनवरी : थाना डेहलों के इलाके में मोना महंत से लुटेरे गन प्वाइंट पर कैश व सोना लूट ले गए।
27 जनवरी : थाना सराभा नगर के इलाके में धीरज कोहली से लुटेरों ने बाइक, कैश और सोने की चेन छीन ली थी।
06 फरवरी : थाना डिवीजन नंबर-3 के इलाके में राजकुमार से लुटेरों ने कैश और मोबाइल छीन लिया।
06 फरवरी : थाना जोधेवाल के एरिया में गैस एजैंसी के कारिंदे को तेजधार हथियारों की नोक पर लूटा।
06 फरवरी : थाना डिवीजन नंबर-3 के इलाके में न्यूज पेपर सप्लायर को लूटा।
06 फरवरी : थाना डिवीजन नंबर-4 में अखिल शर्मा को तेजधार हथियार से लूटा।
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