स्मॉग की चादर में लिपटा लुधियाना, जहरीली हवा से बच्चे-बुजुर्गों की बढ़ी परेशानी, पढ़ें पूरी Report

punjabkesari.in Tuesday, Nov 03, 2026 - 09:53 AM (IST)

लुधियाना(राज): मौसम में आ रहे बदलाव और आसपास के ग्रामीण इलाकों में पराली जलाने से उत्पन्न घने धुएं ने महानगर की आबोहवा को बेहद खतरनाक स्तर पर पहुंचा दिया है। जहरीली हवा और लगातार बढ़ रहे वायु प्रदूषण का सीधा असर शहरवासियों के स्वास्थ्य पर दिखाई दे रहा है, जिससे सांस और फेफड़ों के मरीजों की मुश्किलें कई गुना बढ़ गई हैं। महानगर के सरकारी और निजी अस्पतालों की मेडिसिन तथा सीओपीडी ओपीडी में पहुंचने वाले करीब 26 प्रतिशत मरीज अकेले अस्थमा, दमा और सांस संबंधी गंभीर समस्याओं से पीड़ित पाए जा रहे हैं।

सिविल अस्पताल में हर चौथा मरीज सांस की तकलीफ से बेहाल
सिविल अस्पताल के मेडिसिन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, रोजाना ओपीडी में पहुंच रहे औसतन 300 मरीजों में से लगभग 80 मरीज केवल सांस की तकलीफ और अस्थमा की शिकायत लेकर आ रहे हैं। यानी अस्पताल आने वाला हर चौथा मरीज फेफड़ों और रेस्पिरेटरी ट्रैक्ट में इन्फेक्शन का शिकार है। डॉक्टरों के अनुसार, दिवाली के आसपास बढ़े प्रदूषण, पराली के बारीक कणों और मौसमी एलर्जी के कॉकटेल ने स्थिति को और नाजुक बना दिया है। इसके अलावा, ओपीडी में सर्दी-जुकाम, लगातार खांसी, वायरल संक्रमण तथा अपर व लोअर रेस्पिरेटरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन के मामलों में भी भारी इजाफा दर्ज किया गया है।

एक्यूआई (AQI) पहुंचा 'पुअर' श्रेणी में, रात को स्तर 244 दर्ज
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों के मुताबिक, सोमवार शाम 4 बजे शहर का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 214 दर्ज किया गया, जो खराब श्रेणी में आता है। रात के समय धुएं और नमी के मिश्रण से हालात और बदतर हो गए तथा रात 12 बजे एक्यूआई 244 अंक तक पहुंच गया। शहर के ज्यादातर हिस्सों में सुबह और शाम के समय दृश्यता कम रही और स्मॉग की घनी परत छाई रही, जिससे सामान्य लोगों को भी आंखों में जलन और गले में खराश का सामना करना पड़ा।

मौसम रहेगा ड्राई, सुबह-शाम स्मॉग के आसार बरकरार
मौसम विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, आने वाले दिनों में मौसम पूरी तरह शुष्क (ड्राई) रहने की संभावना है। हालिया रिकॉर्ड के अनुसार शहर का अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस (सामान्य से 1.3 डिग्री अधिक) और न्यूनतम तापमान 13.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दिन और रात के पारे में भारी अंतर तथा हवा की मंद गति के कारण सुबह और शाम के समय इसी प्रकार स्मॉग और धुंध की स्थिति बने रहने के आसार हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने नागरिकों, विशेषकर बुजुर्गों, बच्चों और पहले से दमे से पीड़ित लोगों को सुबह और देर शाम की सैर से बचने और बाहर निकलते समय मास्क का उपयोग करने की सलाह दी है।


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Vatika

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