अमेरिका डिपोर्ट हुए भारतीयों का मामला, डंकी रूट नेटवर्क का कथित सरगना गिरफ्तार
punjabkesari.in Wednesday, Oct 28, 2026 - 10:49 AM (IST)
चंडीगढ़ (विनय): प्रवर्तन निदेशालय (ई.डी.) के जालंधर क्षेत्रीय कार्यालय ने अमेरिका से निर्वासित भारतीयों से जुड़े डंकी रूट मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए दिल्ली के टिकट एजैंट तरुण खोसला को 23 अक्तूबर को गिरफ्तार किया है। धन शोधन निवारण अधिनियम (पी.एम.एल.ए.), 2002 के तहत गिरफ्तार खोसला को विशेष अदालत ने 30 अक्तूबर तक ई.डी. की हिरासत में भेज दिया है। ई.डी. की जांच में आरोपी को अवैध प्रवासन नेटवर्क का प्रमुख सूत्रधार बताया गया है। ई.डी. के जालंधर कार्यालय की ओर से उक्त जानकारी मीडिया को जारी की गई है।
ई.डी. ने पंजाब और हरियाणा पुलिस द्वारा दर्ज विभिन्न एफ.आई.आर. के आधार पर जांच शुरू की थी। फरवरी 2025 में मैक्सिको सीमा के रास्ते अवैध रूप से अमेरिका में प्रवेश करने के आरोप में 300 से अधिक भारतीय नागरिकों को निर्वासित किया गया था। इन मामलों में भारतीय न्याय संहिता (बी.एन.एस.), 2023 और उत्प्रवास अधिनियम, 1983 की विभिन्न धाराएं लागू की गई थीं।
जांच के अनुसार अमेरिका जाने के इच्छुक लोगों को कानूनी माध्यमों से विदेश भेजने का भरोसा दिलाया जाता था, लेकिन बाद में उन्हें तथाकथित ‘डंकी रूट’ से भेजा जाता था। इस दौरान दक्षिण और मध्य अमेरिका के कई देशों की सीमाएं खतरनाक रास्तों से अवैध रूप से पार करवाई जाती थीं। प्रत्येक व्यक्ति से करीब 30 लाख से 60 लाख रुपए तक वसूले जाने की बात सामने आई है।
छापेमारी में करोड़ों की संपत्ति की थी जब्त
ई.डी. ने 9 और 11 जुलाई 2025 को 19 ठिकानों पर तलाशी लेकर दस्तावेज, डिजिटल उपकरण और निकारागुआ व इथियोपिया से संबंधित कथित फर्जी आव्रजन एवं वीजा स्टाम्प बरामद किए थे। 15 दिसम्बर 2025 को ई.डी. ने करीब 5.41 करोड़ रुपए की चल-अचल संपत्तियां अस्थायी रूप से जब्त की थी।
इसके बाद 18 और 19 दिसम्बर 2025 को पंजाब, हरियाणा और दिल्ली में तलाशी के दौरान तरुण खोसला के परिसर से 4.62 करोड़ रुपए नकद, लगभग 5.9 किलोग्राम सोना और 313 किलोग्राम चांदी बरामद की गई थी। इनकी कुल कीमत करीब 19.14 करोड़ रुपए बताई गई। अन्य ठिकानों से 50 से अधिक मूल पासपोर्ट, डायरियां, लेन-देन के रिकॉर्ड और संपत्ति संबंधी दस्तावेज भी मिले थे।
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