मानसा से तय होगा पंजाब की राजनीति का भविष्य

punjabkesari.in Tuesday, May 31, 2022 - 03:27 PM (IST)

जालंधर (विशेष): पंजाब में आम आदमी पार्टी के मानसा से विधायक और प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री विजय सिंगला की बीते दिनों भ्रष्टाचार के आरोप में गिरफ्तारी और गायक शुभदीप सिंह सिद्धू मूसेवाला की रविवार को हुई हत्या के बाद पंजाब में सियासत की सूई मानसा के इर्द-गिर्द घूमनी शुरू हो गई है। सिद्धू मूसेवाला की हत्या तब हुई है जब एक दिन पहले ही मूसेवाला सहित पंजाब की विभिन्न राजनीतिक, सामाजिक शख्सियतों और वी.आई.पीज की सुरक्षा में कटौती की गई है। 

राजनीतिक मंचों से दो महीने पहले ही सत्ता में आई भगवंत सिंह मान की सरकार की आलोचना होने लगी है। पंजाब में कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए जाने लगे हैं। जिस तरह से पंजाब में हत्याओं का सिलसिला जारी है और मानसा में हुए ताजा घटनाक्रमों से लगने लगा है कि अब पंजाब की राजनीति का भविष्य मानसा से ही तय होने की संभावना है। 

उल्लेखनीय है कि मानसा मालवा बैल्ट का हिस्सा है और मालवा बैल्ट का पंजाब की सत्ता पर हमेशा ही दबदबा रहा है। 2014 के चुनावों में नशे के मुद्दे पर आम आदमी पार्टी ने लोकसभा की 4 सीटें जीतकर पंजाब की सियासत में भूचाल ला दिया था। अब जबकि राज्य में आम आदमी पार्टी की सरकार है तथा मालवा बैल्ट में नशा तो रुका नहीं है और हत्याओं का दौर शुरू हो गया है। 

पंजाब में आतंकवाद को नए सिरे से परिभाषित किए जाने की जरूरत
पंजाब ने लंबे समय तक आतंकवाद का दंश झेला है। कई बलिदानों के बाद पंजाब में शांति बहाल हुई थी लेकिन पिछले कुछ वर्षों में आतंकवाद चेहरा बदलकर गैंगस्टरों के रूप में सामने आया है। दोनों का काम एक जैसा ही आतंक का माहौल पैदा करना है। इस तरह से पंजाब में आतंकवाद को नये सिरे से परिभाषित किए जाने की जरूरत महसूस की जा रही है।

2017 में हुए विधानसभा चुनावों से पहले अचानक गैंगस्टरों के दर्जनों मॉड्यूल सक्रिय हो गए थे। आतंकवादियों की फंड़िग से चलते मॉड्यूलों ने एक बार फिर से पंजाब की शांति भंग कर डाली। हालांकि कैप्टन अमरिंदर सिंह की सरकार ने सत्ता में आने के बाद दर्जनों गैंगस्टर धड़ों का सफाया कर दिया लेकिन यह पूरी तरह से खत्म नहीं हो पाए। अब जब दो महीने पहले पंजाब में भगवंत सिंह मान ने सत्ता संभाली है तो अचानक ये मॉड्यूल दोबारा सक्रिय हो गए हैं और एक बार फिर से पंजाब की शांति भंग होनी शुरू हो गई है। अब तक पंजाब में जितने भी मुख्यमंत्री बने हैं ज्यादातर का संबंध मालवा से ही रहा है और गैंगस्टरों द्वारा की जा रही हत्याओं का असर मालवा की राजनीति पर पड़ना भी स्वाभाविक है। 

कहां से आ रहे गैंगस्टरों के पास आधुनिक हथियार
पुलिस पड़ताल में सिद्धू मूसेवाला की हत्या में ए.एन.-94 वैपन के इस्तेमाल की बात सामने आई है। पंजाब में गैंगस्टर घटनाओं में पहली बार ए.एन.-94 जैसे हथियार का इस्तेमाल हुआ है। इस हथियार के रूस में बने होने की बात कही जा रही है।

इससे करीब 3 सप्ताह पहले मोहाली में पंजाब पुलिस के खुफिया विंग के हैडक्वार्टर पर रॉकेट से हमला हुआ है। पड़ताल के दौरान खुफिया विंग के हैडक्वार्टर पर हमले में आर.पी.जी.एल. (रॉकेट प्रोपैल्ड ग्रेनेड लांचर) के इस्तेमाल की बात सामने आई। इस तरह के हथियार के भी रूस निर्मित होने की बात सामने आई थी। मई महीने के तीन सप्ताह के भीतर हुई दो बड़ी घटनाओं में रूस निर्मित हथियारों का इस्तेमाल इस बात पर जोर दे रहा है कि इस तरह के अत्याधुनिक हथियार गैंगस्टरों के पास पहुंच कैसे रहे हैं। 

क्या अफगानिस्तान से आ रहे अत्याधुनिक हथियार
पिछले साल अफगानिस्तान पर कब्जे के लिए तालिबानियों द्वारा काफी अत्याधुनिक हथियारों का इस्तेमाल किया गया। कब्जे के बाद सरकार चलाने के लिए फंड़िग की जरूरत महसूस हुई तो तालिबानियों द्वारा भारी मात्रा में अत्याधुनिक हथियार पाकिस्तान को बेचे गए। सवाल यह पैदा हो रहा है कि यदि तालिबान ने ऐसे हथियार पाकिस्तान में बेचे हैं तो ये हथियार पंजाब के गैंगस्टरों तक कैसे पहुंच रहे हैं। क्या पाकिस्तान में बैठे खालिस्तान समर्थक इन हथियारों की पूर्ति गैंगस्टरों को हत्याओं के लिए कर रहे हैं। इसके अलावा जम्मू-कश्मीर में भी आतंकवादियों द्वारा हमलों के लिए अत्याधुनिक हथियारों का इस्तेमाल किया जा रहा है। यह भी सवाल खड़ा हो रहा है कि कहीं जम्मू-कश्मीर से तो ऐसे हथियारों की आपूर्ति नहीं हो रही है।  

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News Editor

Kalash

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