बेटे को चिट्टे की लत...मारपीट और धमकियों के आरोप, घर छोड़कर इंसाफ के लिए भटक रही बुजुर्ग मां
punjabkesari.in Wednesday, Jun 03, 2026 - 07:07 PM (IST)
लुधियाना (गणेश सचिन): पंजाब सरकार लगातार राज्य को नशा मुक्त बनाने के बड़े-बड़े दावे कर रही है। मुख्यमंत्री से लेकर पुलिस प्रशासन तक समय-समय पर नशे के खिलाफ सख्त कार्रवाई और अपराध मुक्त समाज की बात करते हैं। सरकारी आंकड़ों में नशा तस्करों की गिरफ्तारियां, बरामदगियां और विशेष अभियान दिखाई देते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर कई ऐसे मामले सामने आते हैं जो इन दावों पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं। ऐसा ही एक मामला लुधियाना के नानक नगर इलाके से सामने आया है, जहां एक बुजुर्ग मां अपने ही बेटे की कथित प्रताड़ना से परेशान होकर न्याय और सुरक्षा की गुहार लगा रही है।
नानक नगर, न्यू सब्जी मंडी क्षेत्र की रहने वाली बिमला देवी ने पंजाब के डीजीपी को भेजी शिकायत में अपने बेटे हरजीत पाल उर्फ विक्की पर गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायत के अनुसार आरोपी बेटा कथित रूप से चिट्टे का सेवन करता है और नशे की हालत में अपनी मां के साथ मारपीट, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकियां देता है। महिला का आरोप है कि कई बार उसके साथ इतनी बुरी तरह मारपीट की गई कि उसे अपनी जान का खतरा महसूस होने लगा।
बिमला देवी का कहना है कि उनका बेटा नशे का आदी हो चुका है और जब वह नशे की हालत में होता है तो उसे किसी रिश्ते की पहचान तक नहीं रहती। महिला के अनुसार कई बार उसने उन्हें धक्का दिया, गाली-गलौज की और यहां तक कि गला दबाकर जान से मारने की कोशिश भी की। उनका कहना है कि नशे की वजह से उसका व्यवहार पूरी तरह बदल जाता है और वह किसी की बात सुनने को तैयार नहीं होता। पीड़ित महिला ने बताया कि वह एक विधवा हैं और लोगों के घरों में काम करके अपना गुजारा करती हैं। बेटे की कथित हरकतों ने उनका जीवन मुश्किल बना दिया है। महिला का आरोप है कि बेटा उनकी मेहनत की कमाई पर भी नजर रखता था और उन्हें लगातार मानसिक व शारीरिक रूप से प्रताड़ित करता रहा।
महिला ने बताया कि, हालात इतने खराब हो गए कि उन्हें अपना घर छोड़ना पड़ा। वर्तमान में वह अपने रिश्तेदारों के पास रह रही हैं। उनका कहना है कि उन्हें हर समय अपनी सुरक्षा की चिंता सताती रहती है और उन्हें डर है कि कहीं कोई अनहोनी न हो जाए। बेटे की हरकतों से परेशान होकर उन्होंने उसे अपनी चल और अचल संपत्ति से भी बेदखल कर दिया। इसके बावजूद कथित तौर पर धमकियां और विवाद खत्म नहीं हुए। परिवार के अन्य सदस्य भी इस स्थिति से प्रभावित हैं और लगातार भय के माहौल में जीवन व्यतीत कर रहे हैं।
पीड़िता का दावा है कि उन्होंने दो से तीन बार पुलिस को शिकायतें दीं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को लिखित रूप में अपनी परेशानी और जान को खतरा होने की जानकारी भी दी, लेकिन उनकी मानें तो उन्हें अब तक कोई ठोस राहत नहीं मिली। मामले को लेकर जब संबंधित थाना प्रभारी से संपर्क करने का प्रयास किया गया तो उन्होंने व्यस्तता का हवाला देते हुए बाद में बात करने की बात कही। हालांकि पुलिस का आधिकारिक पक्ष सामने आना अभी बाकी है। बिमला देवी का आरोप भी इसी ओर इशारा करता है। उनका कहना है कि जब उनका बेटा नशे में होता है तो उसे यह भी नहीं पता चलता कि सामने उसकी मां खड़ी है या कोई और व्यक्ति। यदि आरोप सही हैं तो यह केवल पारिवारिक विवाद नहीं बल्कि नशे के दुष्प्रभावों का एक चिंताजनक उदाहरण है। एक तरफ सरकार और पुलिस प्रशासन नशा मुक्त पंजाब की बात करते हैं, दूसरी ओर ऐसे मामले यह सवाल खड़े करते हैं कि आखिर नशे की समस्या जमीनी स्तर पर कितनी नियंत्रित हो पाई है।
मामले को लेकर जब एसीपी नॉर्थ से बातचीत की गई तो उन्होंने कहा कि शिकायत उनके संज्ञान में है और मामले की जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि जांच के दौरान जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर बनती कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। एसीपी नॉर्थ ने कहा कि यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं और किसी प्रकार की बरामदगी होती है तो संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है और कानून के अनुसार उचित कदम उठाए जाएंगे। फिलहाल बिमला देवी को उम्मीद है कि उनकी शिकायत पर निष्पक्ष कार्रवाई होगी और उन्हें न्याय मिलेगा। उनका कहना है कि उन्हें किसी से बदला नहीं चाहिए, बल्कि केवल सुरक्षित जीवन और कानून के अनुसार न्याय चाहिए। अब देखना यह होगा कि जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है।
(नोट: समाचार में लगाए गए आरोप शिकायतकर्ता द्वारा दिए गए बयानों और लिखित शिकायत पर आधारित हैं। आरोपों की पुष्टि संबंधित जांच एजेंसियों द्वारा की जानी बाकी है।)
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