Canada में ड्यूटी दौरान शहीद हुए भारतीय मूल के पुलिस अधिकारी तरुण बाली, परिवार में पसरा मातम
punjabkesari.in Wednesday, Jun 10, 2026 - 10:19 AM (IST)
लुधियाना (गौतम) : कनाडा के ओंटारियो प्रांत में ड्यूटी के दौरान गंभीर रूप से घायल हुए ओंटारियो प्रांतीय पुलिस (OPP) के अधिकारी कॉन्स्टेबल तरुण बाली का निधन हो गया। जबकि उनका दूसरा साथी भी गंभीर रूप से जख्मी है ।
नंगल का रहने वाला था तरूण बाली
पुलिस विभाग ने मंगलवार को इसकी पुष्टि की। तरूण बाली लुधियाना से पंजाब केसरी ग्रुप के पत्रकार मुकेश गौतम की बड़ी बहन नीना बाली के छोटे पुत्र थे । नंगल के शिवालिक एवेन्यू में रहने वाले अशोक बाली के छोटे बेटे तरूण बाली ने करीब ढाई साल पहले ही डयूटी ज्वाइंन की थी । अशोक बाली अपने परिवार के साथ नंगल छोड़ कर टोरंटों चले गए थे । करीब 2 साल पहले ही तरूण बाली की शादी कनाडा में रहने वाली पंजाबी मूल की लड़की कोमल के साथ हुई थी । जानकारी के अनुसार, कॉन्स्टेबल तरुण बाली डफरिन डिटैचमेंट में तैनात थे और पिछले ढाई वर्षों से पुलिस सेवा में कार्यरत थे। वह इन दिनों जेम्स बे डिटैचमेंट के साथ विशेष ड्यूटी पर तैनात थे। तरूण बाली के निधन का पता चलते ही परिवार में शौक की लहर दौड़ गई ।
मामले में 18 साल का व्यक्ति हिरासत में
मंगलवार दोपहर करीब 12:30 मिनट पर , पुलिस टीम ओंटारियो के हर्स्ट क्षेत्र में केंडल कंसेशन रोड-7 और कंसेशन रोड-6 के पास एक जांच कर रही थी। इसी दौरान हुई घटना में कॉन्स्टेबल बाली गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें बचाने के प्रयास किए गए, लेकिन बाद में चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने बताया कि मामले में 18 साल के एक व्यक्ति को हिरासत में लिया गया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि अस्पताल से फरार हुए एक 18 वर्षीय संदिग्ध ने कथित तौर पर वाहन से टक्कर मारकर कॉन्स्टेबल बाली को घायल किया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और उसके खिलाफ फर्स्ट-डिग्री मर्डर (प्रथम श्रेणी हत्या) का मामला दर्ज किया गया है। घटना के कारणों का पता लगाने के लिए ओपीपी क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन ब्रांच जांच कर रही है। जांच में ऑफिस ऑफ द चीफ कोरोनर और ओंटारियो फॉरेंसिक पैथोलॉजी सर्विस भी सहयोग कर रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, कॉन्स्टेबल बाली के पार्थिव शरीर को पोस्टमार्टम और अन्य जांच के लिए टोरंटो स्थित चीफ कोरोनर कार्यालय ले जाया जाएगा। उनके सम्मान में आपातकालीन वाहनों का एक विशेष काफिला लगभग 10 घंटे की यात्रा के दौरान पार्थिव शरीर के साथ रहेगा।

