मानसा नगर काउंसिल चुनाव अचानक स्थगित, शहर की सियासत में मची हलचल
punjabkesari.in Tuesday, Jun 30, 2026 - 04:28 PM (IST)
पंजाब डेस्क: नगर काउंसिल मानसा के अध्यक्ष, वरिष्ठ उपाध्यक्ष, उपाध्यक्ष और अन्य पदाधिकारियों के चुनाव के लिए बचत भवन में बुलाई गई बैठक अचानक स्थगित होने से शहर का राजनीतिक माहौल गर्मा गया है। चुनाव को लेकर पार्षदों और विभिन्न राजनीतिक दलों ने पूरी तैयारी कर रखी थी और उम्मीद जताई जा रही थी कि आज ही नगर काउंसिल की नई नेतृत्व टीम का चयन हो जाएगा। लेकिन चुनाव प्रक्रिया शुरू होने से ठीक पहले प्रशासन ने इसे अगले आदेश तक स्थगित करने की घोषणा कर दी। इसके बाद शहर में तरह-तरह की चर्चाएं और अटकलें शुरू हो गईं।
एसडीएम की अचानक तबीयत खराब
चुनाव स्थगित किए जाने के कारणों पर अधिकारियों ने कहा कि यह फैसला किसी राजनीतिक कारण से नहीं लिया गया। उन्होंने बताया कि चुनाव कराने के लिए नियुक्त एसडीएम की अचानक तबीयत खराब हो गई थी, जिसके चलते चुनाव प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ाई जा सकी। अधिकारियों ने कहा कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया का पूरा सम्मान किया जाएगा और जल्द ही नई तारीख घोषित कर चुनाव कराया जाएगा। उन्होंने सभी पक्षों से अपील की कि प्रशासनिक परिस्थितियों को समझें और अनावश्यक विवाद पैदा न करें। वहीं, दूसरी ओर विपक्षी दलों और कुछ सामाजिक कार्यकर्ताओं ने प्रशासन की इस दलील को खारिज करते हुए सत्तारूढ़ दल पर गंभीर आरोप लगाए हैं। आरटीआई कार्यकर्ता मणिक गोयल, गुरलाभ सिंह माहल और भाजपा नेता मुनीश बब्बी दानेवालिया ने आरोप लगाया कि चुनाव स्थगित होने का असली कारण सत्तारूढ़ पक्ष के पास आवश्यक बहुमत का न होना है।
अब मानसा नगर काउंसिल की राजनीति और भी दिलचस्प
उन्होंने कहा कि जब यह स्पष्ट हो गया कि सत्तारूढ़ दल अपने उम्मीदवार को जिताने के लिए जरूरी संख्या नहीं जुटा सका, तो अंतिम समय में चुनाव टाल दिया गया। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताते हुए कहा कि निर्वाचित पार्षदों को अपना मत देने का अवसर मिलना चाहिए था। सूत्रों के अनुसार, नगर काउंसिल अध्यक्ष पद के चुनाव में दो निर्दलीय पार्षदों की भूमिका बेहद अहम मानी जा रही है। बताया जा रहा है कि उनके समर्थन पर ही अध्यक्ष पद का फैसला निर्भर कर सकता है। इसी वजह से पिछले कुछ दिनों से विभिन्न राजनीतिक दल लगातार इन निर्दलीय पार्षदों से संपर्क बनाए हुए थे। चुनाव स्थगित होने के बाद अब मानसा नगर काउंसिल की राजनीति और भी दिलचस्प हो गई है। शहरवासियों की निगाहें अब प्रशासन द्वारा घोषित की जाने वाली नई चुनाव तिथि पर टिकी हुई हैं।

