National Achievement Survey में पंजाब नंबर वन: विपक्षी बोला- "दिल्ली मॉडल फेल, मांफी मांगो CM मान"

punjabkesari.in Friday, May 27, 2022 - 04:44 PM (IST)

लुधियाना(विक्की) : नैशनल अचीवमैंट सर्वे 2021 में पंजाब राज्य का प्रदर्शन सर्वश्रेष्ठ रहा पंजाब ने पूरे देश में से प्रथम स्थान हासिल किया है जबकि दिल्ली पंजाब से काफी पीछे रहा। वहीं विपक्ष ने इस अचीवमेंट पर मुख्यमंत्री भगवंत मान और  शिक्षा मंत्री गुरमीत सिंह मीत हेयर पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि अच्छे प्रदर्शन के बावजूद भी सी.एम. और शिक्षा मंत्री ने बधाई तक नहीं दी और वह दिल्ली का फेल मॉडल पंजाब पर थोपना चाहते है। उन्हें पंजाब में शिक्षा को बदनाम करने के लिए माफी मांगनी चाहिए।


राष्ट्रीय शिक्षा सर्वे में पंजाब से काफी नीचे है दिल्ली : अमरेंद्र
उधर, पूर्व मुख्यमंत्री और पंजाब लोक कांग्रेस के अध्यक्ष कैप्टन अमरेंद्र सिंह ने पंजाब में शिक्षा का ‘दिल्ली मॉडल’ पेश करने पर आम आदमी पार्टी सरकार के दावों का मजाक उड़ाया। कैप्टन ने कहा कि 2021 के राष्ट्रीय शिक्षा पर सर्वेक्षण में दिल्ली का बहुत खराब प्रदर्शन रहा था। उन्होंने कहा कि शिक्षा संबंधी एन.ए.एस. 2021 के अनुसार विभिन्न श्रेणियों में दिल्ली का प्रदर्शन पंजाब से भी खराब था। कैप्टन ने सर्वे का हवाला देते हुए कहा कि पंजाब ने न केवल दिल्ली से बेहतर प्रदर्शन किया है बल्कि सभी संकेतकों पर राष्ट्रीय औसत से भी बेहतर प्रदर्शन किया है। 

वहीं इस सर्वे में विभिन्न जानकारियों का भी खुलासा हुआ है। देश में स्कूल जाने वाले बच्चों में 48 प्रतिशत अपने स्कूल पैदल जाते हैं तथा सिर्फ 9 प्रतिशत बच्चे स्कूल वाहनों का उपयोग करते हैं। कोरोना वायरस महामारी के दौरान घर पर पढ़ाई करने में 45 प्रतिशत छात्रों के लिए घर पर पढ़ना आनंददायक रहा जबकि 38 प्रतिशत छात्रों को घर पर पढ़ाई करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। वहीं, महामारी के दौरान 24 प्रतिशत छात्रों को घर पर कोई डिजिटल उपकरण उपलब्ध नहीं हुए। शिक्षा मंत्रालय की राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वेक्षण रिपोर्ट राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वेक्षण (नैशनल अचीवमैंट सर्वे (एन.ए.एस.) 2021 में यह बात सामने आई है। वर्ष 2021 के लिए एन.ए.एस. की रिपोर्ट बुधवार को जारी कर दी गई है। यह स्कूली शिक्षा प्रणाली के समग्र मूल्यांकन को दर्शाता है।पिछले साल 12 नवंबर को आयोजित एन.ए.एस. -2021 में देश भर के 36 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के 720 जिलों के 1.18 लाख स्कूलों में 34 लाख से अधिक छात्रों का मूल्यांकन किया गया। एन.ए.एस. हर तीन साल में कक्षा तीसरी, 5वीं, 8वीं और 10वीं में बच्चों की सीखने की क्षमता का व्यापक मूल्यांकन करके देश में स्कूली शिक्षा प्रणाली के स्वास्थ्य का आकलन करता है।


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Writer

Vatika

Related News

Recommended News