Punjab : आंगनवाड़ी केंद्रों को लेकर नए आदेश जारी, जरूरी हुआ ये काम
punjabkesari.in Saturday, Nov 29, 2025 - 02:14 PM (IST)
पटियाला (राजेश पंजौला, मनदीप जोसन) : पंजाब राज्य खाद्य आयोग के सदस्य जसवीर सिंह सेखों ने पटियाला जिले के अधिकारियों के साथ बैठक करते हुए निर्देश दिया कि जिले के सभी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में पीने के लिए शुद्ध पानी उपलब्ध कराने के लिए पानी की जांच करवाई जाए और आरओ लगवाना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने जिला प्रशासनिक परिसर में राशन वितरण प्रक्रिया, मिड–डे मील योजना, आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से दिए जाने वाले सामान और भोजन की भंडारण प्रणाली की समीक्षा करने के लिए अतिरिक्त उपायुक्त (ग्रामीण विकास) दमनजीत सिंह मान और अन्य अधिकारियों के साथ बैठक की।
इसके बाद पंजाब राज्य खाद्य आयोग के सदस्य जसवीर सिंह सेखों ने सरकारी स्कूल, स्कूल ऑफ एमिनेंस, मंडौर का दौरा कर बच्चों के पीने के पानी का टीडीएस जांचा और इसकी मात्रा 609, जो कि काफी अधिक पाई गई, के कारण तुरंत आरओ और वॉटर फिल्टर लगवाने के निर्देश दिए। उन्होंने मिड–डे मील की भी जांच की और संतोष व्यक्त किया। इस मौके पर उन्होंने निर्देश दिया कि मिड–डे मील बनाने वाले रसोइया सिर ढककर और हाथ धोकर ही भोजन तैयार करें और उनकी चिकित्सा जांच भी अनिवार्य रूप से करवाई जाए।
पहले की गई बैठक के दौरान जसवीर सिंह सेखों ने जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी को मिड–डे मील और आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से दिए जाने वाले भोजन और सामग्री की नियमित जांच के निर्देश देते हुए स्पष्ट किया कि बच्चों को दिए जाने वाले भोजन में किसी भी प्रकार की चूक बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने कहा कि जिला कार्यक्रम अधिकारी, जिला शिक्षा अधिकारी और डी.एफ.एस.सी. को निर्देश दिए गए हैं कि जिले के सभी स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों और राशन डिपो के बाहर पंजाब राज्य खाद्य आयोग की शिकायत और हेल्पलाइन नंबर 98767-64545 तथा संपर्क विवरण साफ–साफ लिखे जाएं, ताकि लोग अपनी शिकायतें सीधे आयोग तक पहुंचा सकें। उन्होंने यह भी कहा कि जिले में स्मार्ट राशन कार्ड की ई–केवाईसी सुनिश्चित करने के साथ–साथ नए राशन कार्ड बनाने का काम भी किया जाए ताकि जरूरतमंद लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके।
जसवीर सिंह सेखों ने पोषण संबंधी दिशा–निर्देशों की सख्ती से पालना करने के निर्देश देते हुए कहा कि हमारा उद्देश्य बच्चों सहित सभी को पौष्टिक आहार उपलब्ध कराना है। उन्होंने आगे निर्देश दिया कि जिन मामलों में दूसरा बच्चा लड़की है, ऐसे मामलों में संबंधित विभाग आवश्यक कार्रवाई के लिए तुरंत जिला कार्यक्रम अधिकारी से संपर्क करें, ताकि लाभार्थी परिवारों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके।
उन्होंने यह भी जोर देकर कहा कि स्कूलों में विद्यार्थियों को परोसे जाने वाले भोजन में पौष्टिक सलाद का शामिल होना अनिवार्य है और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा समय–समय पर भोजन के नमूनों की जांच भी की जानी चाहिए। उन्होंने निर्देश दिया कि स्कूलों में जहां भी आवश्यकता हो, अतिरिक्त कमरे बनाए जाएं और ऐसे बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए प्रवासी भारतीयों का सहयोग भी लिया जा सकता है। उन्होंने कहा कि ऐसी बैठकों और मौके पर की जाने वाली जांच भविष्य में भी लगातार जारी रहेगी, ताकि किसी भी स्तर पर अधिनियम का उल्लंघन न हो सके।
बैठक के दौरान इस अवसर पर अतिरिक्त उपायुक्त (ग्रामीण विकास) दमनजीत सिंह मान, डीएफएससी डॉ. रविंदर कौर, सिविल सर्जन डॉ. जसविंदर सिंह, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. गुरप्रीत कौर, जिला कार्यक्रम अधिकारी प्रदीप गिल, जिला शिक्षा अधिकारी (प्राथमिक) शालू मेहरा, डीईओ (सेकेंडरी) संजीव कुमार, उप–डीईओ रविंदर पाल सिंह और हेडमास्टर जगमीत सिंह सहित कई विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
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