Punjab में 8 लाख से ज्यादा Job Card रद्द! 14 लाख श्रमिक स्कीम से बाहर; जानें वजह

punjabkesari.in Saturday, Aug 01, 2026 - 01:06 PM (IST)

चंडीगढ़: पंजाब के लोगों के लिए चिंता की खबर सामने आई है। पिछले 5 वर्षों में राज्य में मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना) के तहत 8 लाख से अधिक जॉब कार्ड रद्द कर दिए गए हैं। इसके चलते करीब 14 लाख श्रमिक इस योजना से बाहर हो गए हैं।

उक्त जानकारी केंद्र सरकार के ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों में सामने आई है। 1 जुलाई से इस योजना का नाम बदलकर 'विकसित भारत जी राम जी' कर दिया गया है। आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2021 से 2026 के बीच अयोग्य लाभार्थियों को सूची से हटाने के अभियान के तहत पंजाब में 8 लाख से अधिक जॉब कार्ड रद्द किए गए। इसी अवधि में कुल 14.05 लाख श्रमिकों को योजना के डेटाबेस से हटाया गया। केंद्र सरकार के अनुसार, लाभार्थियों के रिकॉर्ड में अनियमितताओं को रोकने और पात्र लोगों तक ही योजना का लाभ पहुंचाने के लिए समय-समय पर सत्यापन अभियान चलाया गया। इसके तहत यह कार्रवाई की गई।

आंकड़ों के मुताबिक, मनरेगा के तहत रोजगार की मांग करने वाले परिवारों की संख्या भी घटी है। वर्ष 2025-26 में जहां 6.46 लाख परिवारों ने रोजगार की मांग की थी, वहीं 2026-27 में यह संख्या घटकर 3.02 लाख रह गई। कई मामलों में जब किसी जॉब कार्ड के सभी पंजीकृत सदस्य अयोग्य पाए गए या गांव छोड़ चुके थे, तो पूरे जॉब कार्ड ही रद्द कर दिए गए। अधिकारियों के अनुसार, फर्जी जॉब कार्ड हटाना, मृत लाभार्थियों के नाम हटाना, नियमित रोजगार मिलने के बाद लाभार्थियों का योजना से बाहर होना और लंबे समय से निष्क्रिय पड़े जॉब कार्ड रद्द करना इसके प्रमुख कारण रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि अब सरकार का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि योजना का लाभ केवल पात्र ग्रामीण परिवारों तक पहुंचे और मनरेगा के तहत बनाई जाने वाली परिसंपत्तियों की गुणवत्ता में सुधार हो।


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Writer

Vatika

Related News