महाराजा रणजीत सिंह की बरसी मना Pakistan से लौटे श्रद्धालु, दोनों देशों से रिश्ते बेहतर बनाने की अपील

punjabkesari.in Tuesday, Jun 30, 2026 - 03:39 PM (IST)

अमृतसर: महाराजा रणजीत सिंह की बरसी के अवसर पर पाकिस्तान गए सिख श्रद्धालुओं का जत्था मंगलवार को अटारी-वाघा सीमा के रास्ते भारत लौट आया। स्वदेश वापसी पर श्रद्धालुओं के चेहरों पर खुशी और आध्यात्मिक संतोष साफ दिखाई दिया। उन्होंने पाकिस्तान स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारों के दर्शन के अपने अनुभव साझा किए और वहां मिले सम्मान व प्रबंधों की जमकर सराहना की।

अमृतसर निवासी श्रद्धालु बलवीर सिंह ने बताया कि यात्रा के दौरान उन्होंने सबसे पहले श्री ननकाना साहिब में गुरु नानक देव जी के जन्मस्थान के दर्शन किए। इसके बाद उन्होंने गुरुद्वारा श्री पंजा साहिब, श्री दरबार साहिब करतारपुर और लाहौर स्थित अन्य ऐतिहासिक गुरुद्वारों में माथा टेका। पाकिस्तान सरकार की ओर से श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए बेहतर प्रबंध किए गए थे। पूरी यात्रा के दौरान सुरक्षा कर्मी उनके साथ रहे और उन्हें किसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा। उन्होंने कहा कि यदि भारत और पाकिस्तान के संबंध और बेहतर हों तो दोनों देशों के लोगों के बीच प्रेम और भाईचारा और मजबूत हो सकता है।

श्रद्धालु हरजीत कौर ने बताया कि जत्था 21 जून को पाकिस्तान के लिए रवाना हुआ था और 30 जून को भारत लौटा। पाकिस्तान में उनके ठहरने, यात्रा और दर्शन के लिए बेहतरीन व्यवस्थाएं की गई थीं। वहां के लोगों ने भी उनका बेहद सम्मान और प्रेम से स्वागत किया। उन्होंने कहा कि ननकाना साहिब, पंजा साहिब, करतारपुर साहिब सहित अन्य गुरुद्वारों के दर्शन कर उनकी वर्षों पुरानी मनोकामना पूरी हो गई। श्रद्धालुओं ने भारत और पाकिस्तान की सरकारों से अपील की कि दोनों देशों के बीच वीजा प्रक्रिया को और सरल बनाया जाए तथा श्रद्धालुओं को ऐतिहासिक गुरुद्वारों के दर्शन के लिए अधिक अवसर दिए जाएं। उनका कहना था कि इससे  धार्मिक आस्था और दोनों देशों के लोगों के बीच आपसी भाईचारा और मजबूत होगा।


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Vatika

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