चन्नी गुट को पायलट की खरी-खरी, चुनाव से पहले खुद को CM फेस न समझें
punjabkesari.in Saturday, Sep 12, 2026 - 12:59 PM (IST)
पंजाब डेस्क : पंजाब कांग्रेस में चल रही अंदरूनी खींचतान के बीच पार्टी हाईकमान ने नेतृत्व को लेकर अपना रुख साफ कर दिया है। नए प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट ने पंजाब के नेताओं के साथ बैठक में स्पष्ट कर दिया कि फिलहाल प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजा वड़िंग को बदलने की कोई योजना नहीं है। साथ ही 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले किसी नेता को मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित नहीं किया जाएगा।
जयपुर में पंजाब कांग्रेस के नेताओं के साथ चर्चा के दौरान सचिन पायलट ने कहा कि जिन राज्यों में कांग्रेस विपक्ष में होती है, वहां पार्टी किसी एक नेता को मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित करके चुनाव नहीं लड़ती। सभी नेता और कार्यकर्ता मिलकर चुनाव मैदान में उतरते हैं और बहुमत मिलने के बाद मुख्यमंत्री का फैसला किया जाता है।
पायलट के इस रुख को चरणजीत सिंह चन्नी गुट के लिए बड़ा संदेश माना जा रहा है। दरअसल, चन्नी खेमे की ओर से लंबे समय से पंजाब कांग्रेस के मौजूदा नेतृत्व में बदलाव की मांग उठती रही है। साथ ही चरणजीत सिंह चन्नी को आगामी विधानसभा चुनाव के लिए मुख्यमंत्री का चेहरा बनाने की पैरवी भी की जाती रही है। हालांकि नेताओं ने कई बार यह मांग सीधे तौर पर सार्वजनिक नहीं की, लेकिन अंदरूनी बैठकों में नेतृत्व परिवर्तन को लेकर दबाव बनाए जाने की चर्चा रही है।
राजा वड़िंग के साथ ही आगे बढ़ेगी कांग्रेस
सचिन पायलट के बयान से यह संकेत मिल गया है कि हाईकमान फिलहाल राजा वड़िंग के नेतृत्व में ही पार्टी को आगे बढ़ाने के पक्ष में है। इससे पहले पंजाब के प्रभारी रहे भूपेश बघेल भी पार्टी के मौजूदा नेतृत्व को मजबूत टीम बता चुके हैं। अब पायलट ने भी नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों पर विराम लगा दिया है।
हाईकमान की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया है कि कोई भी नेता खुद को मुख्यमंत्री पद का दावेदार या चुनाव से पहले पार्टी का CM फेस न माने। कांग्रेस पंजाब में सामूहिक नेतृत्व के साथ चुनाव लड़ेगी और चुनाव परिणाम आने के बाद ही मुख्यमंत्री के नाम पर फैसला होगा।
चन्नी को कैंपेन कमेटी की जिम्मेदारी, लेकिन चुनाव अभियान राहुल गांधी संभालेंगे
चरणजीत सिंह चन्नी को पहले ही पंजाब कांग्रेस की कैंपेनिंग कमेटी का चेयरमैन बनाया जा चुका है। हालांकि अभी तक उन्होंने इस जिम्मेदारी को लेकर कोई बड़ी बैठक नहीं की है। अब सचिन पायलट ने संकेत दिया है कि पंजाब में कांग्रेस के चुनावी अभियान का नेतृत्व राहुल गांधी करेंगे। इससे यह भी स्पष्ट माना जा रहा है कि चन्नी को कैंपेनिंग कमेटी की जिम्मेदारी मिलने के बावजूद चुनावी अभियान में अंतिम नेतृत्व हाईकमान के हाथ में रहेगा।
चन्नी गुट की अलग गतिविधियों पर भी नजर
हाईकमान के संदेश के बावजूद पंजाब कांग्रेस के दोनों गुटों के बीच दूरी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। राजा वड़िंग और चन्नी गुट अभी भी कई मौकों पर अलग-अलग कार्यक्रम करते नजर आ रहे हैं। संगरूर में गुलजार सिंह के सुसाइड मामले में भी दोनों गुटों की अलग-अलग गतिविधियां सामने आई थीं। चन्नी अपने समर्थक नेताओं के साथ परिवार से मिलने पहुंचे और राज्यपाल से भी मुलाकात की, जबकि राजा वड़िंग अलग समय पर परिवार से मिले। दोनों नेताओं का एक साथ कार्यक्रम में शामिल न होना पार्टी के अंदर चल रही खींचतान को दिखाता है।
इसके अलावा चन्नी गुट के नेताओं की अलग बैठकें भी जारी हैं। हाल ही में सुखजिंदर सिंह रंधावा, चरणजीत सिंह चन्नी, तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा सहित कई नेताओं की जालंधर में बैठक हुई थी। इससे साफ है कि प्रभारी बदलने के बावजूद गुटबाजी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है।
पायलट ने नेताओं को पार्टी लाइन पर चलने का संदेश दिया
सचिन पायलट पंजाब प्रभारी बनने के बाद दिल्ली में कांग्रेस के प्रमुख नेताओं के साथ अलग-अलग बैठकें कर चुके हैं। सूत्रों के मुताबिक, इन बैठकों में उन्होंने नेताओं को हाईकमान की रणनीति और आगामी चुनाव को लेकर पार्टी की लाइन से अवगत कराया है। पार्टी के अंदर यह संदेश भी दिया गया है कि अब किसी भी नेता की गतिविधि पर हाईकमान की नजर रहेगी और पार्टी लाइन से हटकर काम करने वाले नेताओं की रिपोर्ट सीधे नेतृत्व तक पहुंचाई जाएगी। ऐसे में सचिन पायलट के ताजा रुख से फिलहाल तीन बातें स्पष्ट होती हैं—राजा वड़िंग के नेतृत्व में बदलाव नहीं होगा, चन्नी को चुनाव से पहले CM फेस नहीं बनाया जाएगा और 2027 का चुनाव कांग्रेस सामूहिक नेतृत्व में लड़ेगी।
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