कुंभकर्णी नींद से जागी सरकार, जिले के 600 से अधिक स्कूलों में जांच के निर्देश

punjabkesari.in Tuesday, Apr 19, 2022 - 11:44 AM (IST)

अमृतसर (दलजीत): जिले के प्राइवेट स्कूलों द्वारा फीस स्टेशनरी तथा यूनिफॉर्म में मनमानी करने के बाद अब सरकार कुंभकरण की नींद से जागी है। सरकार के निर्देशों पर शिक्षा विभाग ने हरकत में आते हुए सभी बोर्ड से संबंधित स्कूलों की जांच के आदेश दे दिए हैं। विभाग द्वारा जिले में सीनियर अधिकारियों के नेतृत्व में 15 चैकिंग टीमों का गठन किया गया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी भी स्कूल में कोई खामी पाई जाती है तो उसके खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाएगा। जिला शिक्षा अधिकारी सेकेंडरी जुगराज सिंह रंधावा तथा जिला शिक्षा अधिकारी एलीमेंट्री राजेश शर्मा खुद चैकिंग टीमों की मॉनिटरिंग कर रहे हैं।

जानकारी के अनुसार जिले के अधिकतर सी.बी.एस.ई. आई.सी.आई.सी. तथा अन्य बोर्ड से संबंधित स्कूल अपनी मनमर्जी से फिसों में बढ़ौतरी कर रहे थे, इसके अलावा अभिभावकों को स्टेशनरी यूनिफॉर्म तथा अन्य सामग्री लेने के लिए स्कूल से ही विवश कर रहे थे। सरकार द्वारा समय रहते इन स्कूलों पर पहले तो कोई कार्रवाई नहीं की गई, परंतु अब कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। स्कूलों की मनमानी के कारण अभिभावकों में भारी रोष है तथा वह जमकर सरकार को कोस रहे हैं।

जिला शिक्षा अधिकारी सेकेंडरी जुगराज सिंह रंधावा ने बताया कि चैकिंग के लिए 15 टीमों का गठन किया गया है। टीमों में ब्लॉक नोडल अधिकारी एक प्रिंसीपल, एक ब्लॉक शिक्षा अधिकारी के नेतृत्व वाली टीम बनाई गई है टीमों को सभी स्कूलों में चैकिंग करने के लिए कहा गया है। इसके अलावा जिस स्कूल में खामी पाई जाती है, उसके खिलाफ तुरंत रिपोर्ट पेश करने के लिए कहा गया है। यदि जांच में किसी स्कूल के खिलाफ कोई बड़ी बात सामने आती है तो उस स्कूल की मान्यता रद्द की जाएगी। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारियों को पारदर्शी ढंग से काम करने के निर्देश दिए गए हैं। यदि जांच टीम भी गलत ढंग से काम करती पाई गई तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

उधर, दूसरी तरफ जिला शिक्षा अधिकारी एलिमेंट्री राजेश शर्मा ने कहा कि सभी टीमों के साथ आज विशेष मीटिंग की गई है तथा सरकारी निर्देशों के बारे में उन्हें अवगत करवाया गया है। टीम में निरंतर चैकिंग कर रहे हैं, अभी तक 2 दर्जन से अधिक स्कूलों की चैकिंग हो चुकी है। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को स्पष्ट किया गया है कि बिना दबाव के स्कूलों की चैकिंग की जाए तथा जो सच्चाई से संबंधित रिपोर्ट है वह पेश की जाए। जिन अभिभावकों की शिकायतें भी आई है उनकी भी जांच की जा रही है।

जिले के 600 से अधिक स्कूलों की 1 सप्ताह में होगी चैकिंग
जिला शिक्षा अधिकारी सेकेंडरी जुगराज सिंह रंधावा ने बताया कि जिले में 600 से अधिक प्राइवेट स्कूल हैं। इन स्कूलों की चैकिंग 1 सप्ताह में मुकम्मल कर ली जाएगी, टीमें इमानदारी से अपना कार्य कर रही हैं। उन्होंने कहा कि स्कूलों को भी अपील की गई है कि वह टीमों का सहयोग करें तथा जो सच्चाई है, वह टीमों के सम्मुख पेश करें सरकारी निर्देशों की पालना करें जो स्कूल टीमों के साथ तालमेल नहीं रखेगा, उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

स्कूलों को बताना होगा यूनिफार्म व विद्यार्थी कहां से खरीद रहे हैं किताबें
जिला शिक्षा अधिकारी एलीमेंट्री राजेश शर्मा ने बताया कि टीमों को निर्देश दिए गए हैं कि सभी स्कूलों से पूछा जाए कि उनके स्कूलों के विद्यार्थी यूनिफार्म तथा किताबे कहां से खरीद रहे हैं, क्या स्कूलों का उस दुकानदार के साथ कोई सेटिंग है, क्या बोर्ड द्वारा निर्धारित की गई किताबें स्कूलों में लगाई गई है कि नहीं, क्या यूनिफॉर्म को बार-बर बदला तो नहीं जा रहा। उन्होंने बताया कि इसके अलावा अधिकारियों को और भी सख्त दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।

प्राइवेट स्कूलों को प्रोफार्मा-ए में देनी होगी जानकारी
जिला शिक्षा अधिकारी सेकेंडरी जुगराज सिंह रंधावा ने बताया कि सभी स्कूलों को विभाग द्वारा बनाए गए प्रचार में में जानकारी देनी होगी। इस फोटो में किताबें, यूनिफॉर्म, एम.एम.सी. ट्रांसपोर्ट स्कूल सेफ्टी वाहन आदि शामिल है, सभी स्कूलों को प्रोफार्मा-ए भरना लाजमी है। यदि कोई स्कूल प्रोफार्मा बनने से इंकर करता है तो यह समझा जाएंगा कि स्कूल मुखी जानकारी सरकार को उपलब्ध नहीं करवाना चाहता, नियमों के अनुसार जो भी बनती कार्रवाई होगी, तुरंत अमल में लाई जाएगी।

स्कूलों को जमा करवानी पड़ेगी बैलेंस शीट
जिला शिक्षा अधिकारी एलीमेंट्री राजेश शर्मा ने बताया कि सभी स्कूलों को अपनी बैलेंस शीट जमा करवानी होगी। सीट में पैसों के बारे में संक्षेप जानकारी दी जाएगी। इसके अलावा सभी स्कूल यह भी बताएंगे कि उन्होंने कितना स्टाफ रखा है व स्टाफ को किस मापदंड के अनुसार वेतन दिया जा रहा है। यदि सरकारी नियमों की पुलंग न होती पाई गई तो तुरंत एक्शन लिया जाएगा। इसके अलावा ए.बी.सी.डी. प्रोफार्मा-ए. भी स्कूलों को भरने के लिए कहा कि गए हैं। 

8 फीसदी से अधिक नहीं वसूल सकते फीस
जिला शिक्षा अधिकारी सेकेंडरी जुगराज सिंह रंधावा व एलिमेंट्री राजेश शर्मा ने बताया कि नियमों के अनुसार कोई भी स्कूल 8 फीसद बढ़ोतरी के अलावा ज्यादा बढ़ौतरी की फीस नहीं वसूल सकते, जो स्कूल नियमों के उल्लंघन करते पाए गए उन पर कार्रवाई होगी। इसके अलावा सभी स्कूलों में चैकिंग टीम में अभिभावकों से भी बातचीत करेंगे। यदि अभिभावकों को भी कोई शंका है तो वह टीमों के साथ संपर्क कर सकते हैं, पारदर्शी ढंग से काम किया जाएगा। 

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News Editor

Kalash

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