पंजाब मंत्रिमंडल में फेरबदल खारिज, हाईकमान लेगी सिद्धू पर फैसला

6/30/2020 8:45:24 AM

चंडीगढ़(अश्वनी): पंजाब मंत्रिमंडल में फेरबदल की कई दिनों से चली आ रही चर्चाओं पर मुख्यमंत्री अमरेंद्र  ने विराम लगा दिया है। उन्होंने कहा कि सभी मंत्री बेहतरीन कार्य कर रहे हैं। ऐसे में उनके फेरबदल का कोई सवाल ही नहीं उठता। इस समय सरकार का एकमात्र एजैंडा कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई है। इस जंग को जीतने की बाद ही बदलाव जैसी कोई बात सोची जा सकती है। 
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मुख्यमंत्री ने यह स्वीकार किया कि सरकार के कार्य जनता तक नहीं पहुंच पा रहे हैं, इसलिए मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा जल्द ही सरकार की उपलब्धियों का एक विस्तृत दस्तावेज जनता के समक्ष पेश किया जाएगा। नवजोत सिद्धू की दोबारा पंजाब कांग्रेस में अहम भूमिका की चर्चाओं का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सिद्धू के बारे में जो भी निर्णय लेना है, वह कांग्रेस हाईकमान तय करेगी। वहीं, सिद्धू क्या कहते हैं, इस पर वह कोई टिप्पणी नहीं करना चाहते । कांग्रेस की स्पीकअप इंडिया मुहिम के तहत डिजीटल प्लेटफॉर्म पर नवजोत सिद्धू को तवज्जो मिलने पर मुख्यमंत्री ने कहा कि स्पीकअप इंडिया कार्यक्रम में भागीदारी कोई विशेष बात नहीं है, क्योंकि सिद्धू 221वें ऐसे वक्ता हैं, जिन्होंने स्पीकअप में अपनी बात रखी है। सिद्धू से पहले कांग्रेस के मंच पर 220 वक्ता अपनी बात रख चुके हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सिद्धू अच्छे वक्ता हैं।
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प्रकाश सिंह बादल, सुखबीर बादल अभी आरोपी नहीं
मुख्यमंत्री ने सीधे तौर पर कहा कि धार्मिक ग्रंथों की बेअदबी और गोलीकांड मामले में अभी तक प्रकाश सिंह बादल और सुखबीर सिंह बादल आरोपी करार नहीं हुए हैं। मामले की जांच चल रही है, जब जांच समाप्त होगी तब तस्वीर साफ होगी। जहां तक बात कुंवर विजय प्रताप सिंह की रिपोर्ट की है तो वह सभी मामलों की जांच नहीं कर रहे हैं। 

करतारपुर कोरीडोर खुलना चाहिए
मुख्यमंत्री ने कहा कि पाकिस्तान ने अचानक तीन दिन में ही करतारपुर कॉरिडोर खोलने का ऐलान किया है। भारत सरकार इतनी जल्दबाजी में निर्णय नहीं ले सकती। उस पर पाकिस्तान में कोरोना के मामले भी बढ़ रहे हैं, जिस कारण भी सरकार को आपत्ति हो सकती है, लेकिन मेरी निजी इ‘छा है कि सामाजिक दूरी का ख्याल रखते हुए करतारपुर कोरीडोर खोल देना चाहिए।


शमशेर दूलो, बाजवा की सलाह नहीं चाहिए
मुख्यमंत्री ने कहा कि बेशक वह रा’यसभा के मैंबर होंगे लेकिन वह अपना काम करें और हमें अपना काम करने दें। हमें बाजवा या दूलो की सलाह नहीं चाहिए। प्रताप बाजवा द्वारा मुख्यमंत्री के नाम लिखी चिट्ठियों के बारे में उन्होंने कहा कि प्रताप बाजवा की चिट्ठी कहां जाती है, इसकी कोई जानकारी नहीं क्योंकि उन्होंने कोई चिट्ठी नहीं पढ़ी। 

‘मैं खालिस्तान नहीं चाहता’
यह पूछने पर कि अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने कहा है कि दुनियाभर के सिख खालिस्तान चाहते हैं। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं भी सिख हूं, लेकिन मैं खालिस्तान नहीं चाहता। मुख्यमंत्री ने कहा कि सिख आज भारत में बेहद समृद्ध हैं। भारत का कोई प्रदेश नहीं, जहां सिख नहीं बैठे हैं। इसलिए यह कहना गैरवाजिब है। सिख फॉर जस्टिस के गुरपतवंत सिंह पन्नू का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पन्नू की पंजाब में सक्रिय आतंकवाद में भूमिका सामने आ चुकी है। पन्नू पंजाब में घुसकर दिखाए। 

डी.जी.पी. दिनकर गुप्ता को केंद्र में भेजने की कोई योजना नहीं
जालंधर (धवन): पंजाब के मुख्यमंत्री कै. अमरेंद्र ने संकेत दिए हैं कि पंजाब के डी.जी.पी. दिनकर गुप्ता को केंद्र में डैपुटेशन पर भेजने की कोई योजना नहीं है और न ही सरकार उन्हें बदलना चाहती है। कै. अमरेंद्र ने कहा कि पंजाब सरकार ने नए मुख्य सचिव के रूप में विन्नी महाजन का चयन करके एक सही कार्य किया है। उन्होंने कहा कि मुख्य सचिव विन्नी महाजन तथा डी.जी.पी. दिनकर दोनों पति-पत्नी काबिल अफसर हैं तथा उनके अनुभवों से सरकार को लाभ होगा। 


पंजाब की आर्थिक हालत चिंताजनक
मुख्यमंत्री ने माना कि पंजाब में आर्थिक हालत चिंताजनक हैं। पंजाब को कोरोना काल में ही 33000 करोड़ का घाटा सहना पड़ा है और आगे यह बढ़ सकता है।पंजाब को आर्थिक विकास की पटरी पर लाने के लिए मोंटेक सिंह आहलूवालिया की अध्यक्षता में बनाई गई कमेटी ने रिपोर्ट सौंपी है, जिसका अध्ययन किया जा रहा है। आहलूवालिया ने 6 विभिन्न क्षेत्रों के लिए 6 कमेटियों का गठन किया है, जिनकी रिपोर्ट जुलाई मध्य तक प्राप्त हो जाएगी। इस रिपोर्ट के आधार पर आगे फैसला लिया जाएगा। 


माफिया राज पर चुप्पी साध गए मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री से जब पूछा गया कि उन्होंने विधानसभा में दावा किया था कि उनके पास पंजाब में गैर-कानूनी कार्य करने वालों की पूरी सूची है, उस सूची का क्या हुआ तो मुख्यमंत्री इसका कोई स्पष्ट जवाब नहीं दे पाए। उन्होंने कहा कि संभवत: वह सूची शराब माफिया की थी। पंजाब सरकार लगातार पंजाब में माफिया राज के सफाए का काम कर रही है। जिला स्तर पर पकड़े गए शराब कारोबारियों का सरकार के पास पूरा ब्यौरा है। इसी कड़ी में माइनिंग माफिया व अन्य माफिया को लेकर भी पुलिस सजग है। मुख्यमंत्री ने कहा कि काफी लोग पकड़े भी गए हैं, लेकिन एक को पकड़ा जाता है तो दूसरा अवैध धंधा चालू कर देता है। इसलिए हम लगातार मुस्तैद हैं। नवजोत सिंह सिद्धू द्वारा शराब कारोबार में कुछ लोगों को फायदा पहुंचाने के आरोप पर उन्होंने कहा कि सिद्धू ने शराब की आमदन को लेकर जो तमिलनाडु सरकार का मॉडल पेश किया, वह केवल सतही है, क्योंकि तमिलनाडु में देसी शराब नहीं बिकती, जबकि पंजाब में देसी शराब की बड़ी खपत है। इसलिए सिद्धू ने वह आंकड़े पेश किए, जो वह पेश करना चाहते थे।सिद्धू की रिपोर्ट का विभाग ने अध्ययन किया था, लेकिन कुछ नहीं निकला। केबल माफिया, ट्रांसपोर्ट माफिया का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि केबल और ट्रांसपोर्ट के कारोबार पर सरकार ने कोई रोक नहीं लगाई है। जो भी इच्छुक है वह कार्य कर सकता है, लेकिन अगर कोई यह कहे कि मेरा कार्य चलने दो और दूसरे का बंद कर दो। सरकार ऐसा नहीं होने देगी।

 


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